{"_id":"6734fd0f67f0d1c8450c4924","slug":"dap-is-getting-divided-under-police-guard-sultanpur-news-c-103-1-slko1047-122233-2024-11-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sultanpur News: पुलिस के पहरे में बंट रही डीएपी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sultanpur News: पुलिस के पहरे में बंट रही डीएपी
Thu, 14 Nov 2024 12:55 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Thu, 14 Nov 2024 12:55 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सुल्तानपुर। डीएपी के लिए किसान समितियों का चक्कर लगाने के लिए मजबूर है। किसी समिति पर खाद बंटने की सूचना लगते ही किसानों की कतार लग जाती है। ऐसे में समिति के सचिव को पुलिस की मौजूदगी में खाद का वितरण कराना पड़ रहा है। वहीं कृषि विभाग के मुताबिक जिले में उर्वरक की कोई कमी नहीं है।
जिले में रबी की बोआई के दौरान डीएपी की किल्लत की किल्लत चल रही है। कई जगहों पर खाद वितरण के दौरान पुलिस लगानी पड़ी। इसकी मुख्य वजह खाद बोरियों की संख्या कम और किसानों की संख्या ज्यादा है। कृषि विभाग की मानें तो मौजूदा समय में 1523 मीट्रिक टन डीएपी जिले में उपलब्ध है। दो-तीन के भीतर 1300 मीट्रिक टन डीएपी आने की संभावना है। इसके अलावा एनपीके, एमओपी, एसएसी, नैनो डीएपी व यूरिया का स्टॉक भरपूर है।
सचिव ने बुलवाई पुलिस, तब खाद का किया वितरण
विंदेश्वरीगंज (सुल्तानपुर)। बलदीराय तहसील क्षेत्र के बिंदेश्वरीगंज बाजार में स्थित साधन सहकारी समिति नेवादा पर खाद वितरण की सूचना पर किसानों की भीड़ लग गई। भीड़ अधिक होने पर समिति के सचिव को पुलिस बुलानी पड़ी। जब पुलिस आई तो नंबर आने पर किसानों को एक-एक बोरी डीएपी का वितरण कराया गया। कुल 200 बोरी डीएपी समिति पर आई थी, जबकि लेने वालों की संख्या 500 से अधिक थी। किसान राम प्रकाश सिंह, रामउचित दुबे, रमाशंकर, त्रिभुवन प्रसाद आदि का आरोप है कि डीएपी खरीद पर साथ में नैनो यूरिया का बोतल भी लेना पड़ता है। यदि समय रहते किसानों को खाद नहीं मिली तो फसल उत्पादन पर असर पड़ेगा। वहीं अपर जिला सहकारी अधिकारी ज्ञानचंद्र यादव ने बताया कि 200 बोरी डीएपी आई थी, जिसका वितरण कर दिया गया है। कुछ किसानों को डीएपी नहीं मिल सकी है। जल्द ही किसानों को डीएपी उपलब्ध कराई जाएगी।
विज्ञापन
किसानों को उर्वरक की नहीं होगी दिक्कत
जिला कृषि अधिकारी सदानंद चौधरी ने बताया कि किसानों को उर्वरक की दिक्कत नहीं होने दी जाएगी। मौजूदा समय 1523 मीट्रिक टन डीएपी उपलब्ध है। दो-तीन के अंदर 1300 मीट्रिक टन की रैक आने वाली है। जैसे-जेसे डीएपी आ रही है, वैसे-वैसे समितियों पर वितरण के लिए भेजा जा रहा है। किसानों को डीएपी के अलावा अन्य उर्वरक का भी प्रयोग करना चाहिए।
जिले में उर्वरक का स्टॉक
उर्वरक-मीट्रिक टन
डीएपी-15223 मीट्रिक टन
एनपीके-1542 मीट्रिक टन
एमओपी-336 मीट्रिक टन
एसएससी-5602 मीट्रिक टन
नैनो डीएपी-19,000 बोतल
यूरिया-21816 मीट्रिक टन
विज्ञापन
जिले में रबी की बोआई के दौरान डीएपी की किल्लत की किल्लत चल रही है। कई जगहों पर खाद वितरण के दौरान पुलिस लगानी पड़ी। इसकी मुख्य वजह खाद बोरियों की संख्या कम और किसानों की संख्या ज्यादा है। कृषि विभाग की मानें तो मौजूदा समय में 1523 मीट्रिक टन डीएपी जिले में उपलब्ध है। दो-तीन के भीतर 1300 मीट्रिक टन डीएपी आने की संभावना है। इसके अलावा एनपीके, एमओपी, एसएसी, नैनो डीएपी व यूरिया का स्टॉक भरपूर है।
विज्ञापन
सचिव ने बुलवाई पुलिस, तब खाद का किया वितरण
विंदेश्वरीगंज (सुल्तानपुर)। बलदीराय तहसील क्षेत्र के बिंदेश्वरीगंज बाजार में स्थित साधन सहकारी समिति नेवादा पर खाद वितरण की सूचना पर किसानों की भीड़ लग गई। भीड़ अधिक होने पर समिति के सचिव को पुलिस बुलानी पड़ी। जब पुलिस आई तो नंबर आने पर किसानों को एक-एक बोरी डीएपी का वितरण कराया गया। कुल 200 बोरी डीएपी समिति पर आई थी, जबकि लेने वालों की संख्या 500 से अधिक थी। किसान राम प्रकाश सिंह, रामउचित दुबे, रमाशंकर, त्रिभुवन प्रसाद आदि का आरोप है कि डीएपी खरीद पर साथ में नैनो यूरिया का बोतल भी लेना पड़ता है। यदि समय रहते किसानों को खाद नहीं मिली तो फसल उत्पादन पर असर पड़ेगा। वहीं अपर जिला सहकारी अधिकारी ज्ञानचंद्र यादव ने बताया कि 200 बोरी डीएपी आई थी, जिसका वितरण कर दिया गया है। कुछ किसानों को डीएपी नहीं मिल सकी है। जल्द ही किसानों को डीएपी उपलब्ध कराई जाएगी।
विज्ञापन
किसानों को उर्वरक की नहीं होगी दिक्कत
जिला कृषि अधिकारी सदानंद चौधरी ने बताया कि किसानों को उर्वरक की दिक्कत नहीं होने दी जाएगी। मौजूदा समय 1523 मीट्रिक टन डीएपी उपलब्ध है। दो-तीन के अंदर 1300 मीट्रिक टन की रैक आने वाली है। जैसे-जेसे डीएपी आ रही है, वैसे-वैसे समितियों पर वितरण के लिए भेजा जा रहा है। किसानों को डीएपी के अलावा अन्य उर्वरक का भी प्रयोग करना चाहिए।
जिले में उर्वरक का स्टॉक
उर्वरक-मीट्रिक टन
डीएपी-15223 मीट्रिक टन
एनपीके-1542 मीट्रिक टन
एमओपी-336 मीट्रिक टन
एसएससी-5602 मीट्रिक टन
नैनो डीएपी-19,000 बोतल
यूरिया-21816 मीट्रिक टन