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चीनी मिल की टरबाइन में तकनीकी खराबी आने से ठप हुई गन्ने की पेराई
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सुल्तानपुर। जिले की इकलौती किसान सहकारी चीनी मिल की टरबाइन के अल्टरनेटर में तकनीकी खराबी आ जाने से सोमवार को सुबह करीब नौ बजे गन्ने की पेराई ठप हो गई। पेराई बंद होने से मिल यार्ड में गन्ना लदी ट्रैक्टर-ट्रालियों की लंबी कतारें लग गई हैं।
गन्ने की पेराई ठप हो जाने से कड़ाके की ठंड में किसानों की परेशानी बढ़ गई है। तकनीकी खराबी आने से बार-बार चीनी मिल के बंद हो जाने से गन्ने की तौल कराने आने वाले किसान परेशान हैं। इसको लेकर किसानों में खासा रोष है। चीनी मिल प्रबंधन ने प्रयागराज व लखनऊ से इंजीनियरों को बुलाया है।
जर्जर कल-पुर्जों के सहारे चल रही जिले की इकलौती किसान सहकारी चीनी मिल में गन्ना किसानों की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है। पहले पेराई शुरू होने में देरी होने से किसान परेशान थे। अब पेराई शुरू हो जाने के बाद मिल तकनीकी खराबी से आए दिन बंद हो जा रही है।
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मिल के लिए नौ दिन चले अढ़ाई कोस वाली कहावत चरितार्थ हो रही है। पिछले 11 दिसंबर को मिल के पेराई सत्र का शुभारंभ जिलाधिकारी रवीश गुप्ता, भाजपा विधायक सूर्यभान सिंह व विधायक देवमणि दुबे की मौजूदगी में विधिवत हवन-पूजन के साथ हुआ था।
उस समय मिल में मरम्मत का कार्य पूरा नहीं होने के कारण औपचारिक शुभारंभ होने के बाद भी पेराई कार्य शुरू नहीं हो पाया था। चार दिन बाद पिछले 17 दिसंबर को शाम करीब छह बजे किसान सहकारी चीनी मिल में गन्ने की पेराई शुरू हुई थी। मरम्मत कार्य में बरती गई लापरवाही के चलते करीब 40 मिनट चलने के बाद ही चीनी मिल के पहिए थम गए थे।
पावर टरबाइन के रोटर में आई तकनीकी खराबी से चीनी मिल बंद हो गई थी। करीब 52 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद पिछले शनिवार की रात 10 बजे मिल को चालू किया गया था।
करीब चार घंटे चलने के बाद ही चीनी मिल की पावर टरबाइन के अल्टरनेटर में फिर तकनीकी खराबी आ गई। इससे चीनी मिल में गन्ने की पेराई ठप हो गई थी। चीनी मिल के इंजीनियरों ने कड़ी मशक्कत करके पिछले रविवार को 10 बजे सुबह फिर गन्ने की पेराई शुरू कराई।
23 घंटे तक गन्ने की पेराई होने के बाद चीनी मिल की पावर टरबाइन के रोटर में फिर खराबी आ गई। इससे सोमवार सुबह करीब 9.0 बजे से चीनी मिल में गन्ने की पेराई ठप हो गई। पेराई बंद हो जाने से किसानों की परेशानी बढ़ गई है। किसान कड़ाके की ठंड में परेशान हैं।
गन्ने की तौल कराने आए धूंधू गांव निवासी संतोष वर्मा ने बताया कि शनिवार की सुबह गन्ना लेकर आया था लेकिन चीनी मिल की दुर्दशा से अभी तक गन्ने की तौल नहीं हो सकी है। चीनी मिल परिसर में अलाव तक कोई व्यवस्था नहीं होने से भीषण शीतलहरी में ठंड का शिकार होना पड़ रहा है।
पैगापुर गांव निवासी अमानुल्लाह ने बताया रविवार की सुबह से चीनी मिल आया हूं, लेकिन अभी तक गन्ने की तौल नहीं हो सकी है। यहां पर शौचालय के लिए भटकना पड़ रहा है।
दामोदरा गांव निवासी विनय वर्मा ने बताया कि शनिवार की दोपहर को गन्ना तौल कराने के लिए चीनी मिल पहुंचा था, लेकिन अभी तक तौल नहीं हो पाई है। मिल यार्ड में प्रकाश की कोई व्यवस्था ठीक नहीं होने से चोरी का भय सताता रहता है।
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गन्ने की पेराई ठप हो जाने से कड़ाके की ठंड में किसानों की परेशानी बढ़ गई है। तकनीकी खराबी आने से बार-बार चीनी मिल के बंद हो जाने से गन्ने की तौल कराने आने वाले किसान परेशान हैं। इसको लेकर किसानों में खासा रोष है। चीनी मिल प्रबंधन ने प्रयागराज व लखनऊ से इंजीनियरों को बुलाया है।
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जर्जर कल-पुर्जों के सहारे चल रही जिले की इकलौती किसान सहकारी चीनी मिल में गन्ना किसानों की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है। पहले पेराई शुरू होने में देरी होने से किसान परेशान थे। अब पेराई शुरू हो जाने के बाद मिल तकनीकी खराबी से आए दिन बंद हो जा रही है।
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मिल के लिए नौ दिन चले अढ़ाई कोस वाली कहावत चरितार्थ हो रही है। पिछले 11 दिसंबर को मिल के पेराई सत्र का शुभारंभ जिलाधिकारी रवीश गुप्ता, भाजपा विधायक सूर्यभान सिंह व विधायक देवमणि दुबे की मौजूदगी में विधिवत हवन-पूजन के साथ हुआ था।
उस समय मिल में मरम्मत का कार्य पूरा नहीं होने के कारण औपचारिक शुभारंभ होने के बाद भी पेराई कार्य शुरू नहीं हो पाया था। चार दिन बाद पिछले 17 दिसंबर को शाम करीब छह बजे किसान सहकारी चीनी मिल में गन्ने की पेराई शुरू हुई थी। मरम्मत कार्य में बरती गई लापरवाही के चलते करीब 40 मिनट चलने के बाद ही चीनी मिल के पहिए थम गए थे।
पावर टरबाइन के रोटर में आई तकनीकी खराबी से चीनी मिल बंद हो गई थी। करीब 52 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद पिछले शनिवार की रात 10 बजे मिल को चालू किया गया था।
करीब चार घंटे चलने के बाद ही चीनी मिल की पावर टरबाइन के अल्टरनेटर में फिर तकनीकी खराबी आ गई। इससे चीनी मिल में गन्ने की पेराई ठप हो गई थी। चीनी मिल के इंजीनियरों ने कड़ी मशक्कत करके पिछले रविवार को 10 बजे सुबह फिर गन्ने की पेराई शुरू कराई।
23 घंटे तक गन्ने की पेराई होने के बाद चीनी मिल की पावर टरबाइन के रोटर में फिर खराबी आ गई। इससे सोमवार सुबह करीब 9.0 बजे से चीनी मिल में गन्ने की पेराई ठप हो गई। पेराई बंद हो जाने से किसानों की परेशानी बढ़ गई है। किसान कड़ाके की ठंड में परेशान हैं।
गन्ने की तौल कराने आए धूंधू गांव निवासी संतोष वर्मा ने बताया कि शनिवार की सुबह गन्ना लेकर आया था लेकिन चीनी मिल की दुर्दशा से अभी तक गन्ने की तौल नहीं हो सकी है। चीनी मिल परिसर में अलाव तक कोई व्यवस्था नहीं होने से भीषण शीतलहरी में ठंड का शिकार होना पड़ रहा है।
पैगापुर गांव निवासी अमानुल्लाह ने बताया रविवार की सुबह से चीनी मिल आया हूं, लेकिन अभी तक गन्ने की तौल नहीं हो सकी है। यहां पर शौचालय के लिए भटकना पड़ रहा है।
दामोदरा गांव निवासी विनय वर्मा ने बताया कि शनिवार की दोपहर को गन्ना तौल कराने के लिए चीनी मिल पहुंचा था, लेकिन अभी तक तौल नहीं हो पाई है। मिल यार्ड में प्रकाश की कोई व्यवस्था ठीक नहीं होने से चोरी का भय सताता रहता है।