फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sultanpur News ›   Crisis on Kisan Samman Nidhi of 99 thousand farmers

अमेठी में 99 हजार किसानों की पीएम किसान सम्मन निधि पर संकट के बादल

Sun, 19 Jan 2020 10:36 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 19 Jan 2020 10:36 PM IST
विज्ञापन
Crisis on Kisan Samman Nidhi of 99 thousand farmers
अमेठी। जिले के 99 हजार से अधिक किसान मोदी सरकार की अति महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की चौथी किस्त का लाभ पाने से वंचित हो सकते हैं। इन किसानों में 81 हजार के डाटा मिसमैच या आधार नंबर अमान्य पाए गए हैं तो 18 हजार किसान ऐसे हैं जिनके डाटा का सत्यापन नहीं हो सका है।
विज्ञापन

केंद्र की मोदी सरकार ने लघु व सीमांत किसानों (अब कुछ कैटेगरी को छोड़कर सभी किसानों को शामिल कर दिया गया है) के लिए पांच फरवरी 2019 को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना शुरू की थी।
विज्ञापन

इस योजना के तहत किसानों को प्रत्येक वर्ष तीन किस्तों में कुल छह हजार रुपये दिए जाने थे। योजना के संबंध में विस्तृत दिशा निर्देश मिलने के बाद जिला प्रशासन ने कृषि विभाग के माध्यम से किसानों से आवेदन लेकर उनकी पात्रता की जांच की।
विज्ञापन
विज्ञापन

जांच पड़ताल व सत्यापन कार्य पूरा होने के बाद 24 फरवरी 2019 को 46,011 किसानों (बाद में अन्य पात्र किसानों को भी लाभ दिया गया था) के अकाउंट में दो हजार रुपये की पहली किस्त अवमुक्त की गई थी।
इसके बाद किसानों से आवेदन लिए जाते रहे और सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद दूसरी व तीसरी किस्त में लाभ पाने वाले किसानों की संख्या बढ़ती रही। अद्यतन आंकड़ों पर नजर डालें तो इस बार किस्त जारी होने से पहले योजना के लिए कृषि विभाग के पास 2.86 लाख किसानों के आवेदन आए।
जिला कृषि अधिकारी अखिलेश पांडेय ने बताया कि आवेदनों की जांच के बाद 1.87 लाख किसानों का डाटा लॉक किया जा चुका है। 40,104 किसानों की बैंक डिटेल व आधार मिसमैच मिला है। 40,928 किसानों के आधार नंबर अमान्य पाए गए हैं।
करीब 18 हजार किसान ऐसे हैं जिनके डाटा सत्यापन की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हो सकी है। प्रशासन की ओर से इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए तो 99 हजार किसान पीएम किसान सम्मान निधि की किस्त का लाभ पाने से वंचित हो सकते हैं।
योजना के तहत शुरू में किसानों की पात्रता साबित होने के बाद विभाग ने बैंकों के माध्यम से उनके खाते में किस्त की धनराशि ट्रांसफर की थी। इस बार शासन ने धन अंतरण के लिए ऑनलाइन पोर्टल पब्लिक फाइनेंस मैनेजमेंट सिस्टम के माध्यम से किस्त भेजने का आदेश दिया है।
आदेश क्रम में जब फिर किसानों के डाटा का मिलान हुआ तो ये आंकड़े सामने आए। गौरतलब होगा कि इस पोर्टल से किसी भी खाते में तभी धन अंतरण संभव है जब पूरा ब्यौरा एक दूसरे से मैच करे।
करीब एक लाख किसानों के योजना से वंचित होने की जानकारी को जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। डीएम अरुण कुमार ने सभी एसडीएम को पत्र जारी कर ब्लॉकवार आवेदन में चिह्नित त्रुटियों को दुरुस्त कराने के लिए ग्राम पंचायतवार टीम गठित कर विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया है।

टीम में लेखपाल, पंचायत सचिव, कृषि विभाग के प्राविधिक सहायक व सफाई कर्मी को शामिल करने का भी निर्देश डीएम की ओर से दिया गया है। टीम को कृषकों का स्थलीय सत्यापन करते हुए किसानों से उनके आधार कार्ड व बैंक पास बुक की छायाप्रति एकत्र कर कृषि विभाग को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed