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फर्जीवाड़ा कर नौकरी पाया शिक्षक बर्खास्त
sultanpur/buearo
Updated Sat, 08 Apr 2017 12:00 AM IST
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मृतक आश्रित कोटे में दो सगे भाइयों के नौकरी हासिल करने के मामले में एक शिक्षक को बर्खास्त कर दिया गया है। मामले में आरोपी शिक्षक के विरुद्घ प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं।
मामला बल्दीराय विकासखंड क्षेत्र के पूरे जोधी प्राथमिक विद्यालय का है। यहां प्रधानाध्यापक पद पर कार्यरत राजकुमार तिवारी को मृतक आश्रित कोटे में फर्जीवाड़ा कर नौकरी हासिल करने के आरोप में बर्खास्त कर दिया गया है।
पिता की मृत्यु के बाद राजकुमार तिवारी एवं उनके भाई मित्रसेन तिवारी ने शिक्षक के पद पर मृतक आश्रित कोटे में नौकरी हासिल कर ली थी। इस मामले में दीवानी न्यायालय के एडवोकेट राजीव कुमार मिश्र ने शिकायत की थी।
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शिकायतकर्ता के मुताबिक बल्दीराय विकासखंड क्षेत्र के महमूदपुर प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापक के पद पर कार्यरत चिंतामणि तिवारी की सेवाकाल में मृत्यु हो गई थी। मृत्यु के बाद एक ही मृतक आश्रित कोटे के अंतर्गत उनके दो पुत्रों राजकुमार तिवारी एवं मित्रसेन तिवारी ने शिक्षक की नौकरी हासिल कर ली थी।
शिकायत के बाद मामले की दो सदस्यीय समिति से जांच कराई गई। दोनों शिक्षकों को नियुक्ति पत्र एवं अभिलेखों सहित अपना पक्ष रखने के लिए समय दिया गया। स्पष्टीकरण में दोनों ने अपनी नियुक्ति मृतक आश्रित कोटे में होना स्वीकार किया। बीएसए कौस्तुभ कुमार सिंह ने राजकुमार तिवारी को फर्जी ढंग से नौकरी हासिल करने के आरोप में बर्खास्त कर दिया है।
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मामला बल्दीराय विकासखंड क्षेत्र के पूरे जोधी प्राथमिक विद्यालय का है। यहां प्रधानाध्यापक पद पर कार्यरत राजकुमार तिवारी को मृतक आश्रित कोटे में फर्जीवाड़ा कर नौकरी हासिल करने के आरोप में बर्खास्त कर दिया गया है।
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पिता की मृत्यु के बाद राजकुमार तिवारी एवं उनके भाई मित्रसेन तिवारी ने शिक्षक के पद पर मृतक आश्रित कोटे में नौकरी हासिल कर ली थी। इस मामले में दीवानी न्यायालय के एडवोकेट राजीव कुमार मिश्र ने शिकायत की थी।
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शिकायतकर्ता के मुताबिक बल्दीराय विकासखंड क्षेत्र के महमूदपुर प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापक के पद पर कार्यरत चिंतामणि तिवारी की सेवाकाल में मृत्यु हो गई थी। मृत्यु के बाद एक ही मृतक आश्रित कोटे के अंतर्गत उनके दो पुत्रों राजकुमार तिवारी एवं मित्रसेन तिवारी ने शिक्षक की नौकरी हासिल कर ली थी।
शिकायत के बाद मामले की दो सदस्यीय समिति से जांच कराई गई। दोनों शिक्षकों को नियुक्ति पत्र एवं अभिलेखों सहित अपना पक्ष रखने के लिए समय दिया गया। स्पष्टीकरण में दोनों ने अपनी नियुक्ति मृतक आश्रित कोटे में होना स्वीकार किया। बीएसए कौस्तुभ कुमार सिंह ने राजकुमार तिवारी को फर्जी ढंग से नौकरी हासिल करने के आरोप में बर्खास्त कर दिया है।