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हत्यारे को आजीवन कारावास
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 03 Sep 2016 11:18 PM IST
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नौ साल पहले हुई हत्या के मामले में एडीजे द्वितीय जमाल मसूद अब्बासी ने शनिवार को अभियुक्त को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास व पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। मामले में नामजद दो किशोर अभियुक्तों का ट्रायल किशोर न्याय बोर्ड में चल रहा है। मामला पीपरपुर थाने से जुड़ा है।
धम्मौर थाने के रामपुर गांव निवासी मो. मोकीम एक जून 2008 को भतीजे मो. अयूब उर्फ आजाद के साथ पीपरपुर थाने के कल्याणपुर गांव में स्थित बाग में बकरी चराने गया था। तभी वहां पहुंचे कल्याणपुर गांव के जगदीश कहार, कप्तान सिंह और अमरेश सिंह ने मो. अयूब उर्फ आजाद को गाली देना शुरू कर दिया। विरोध करने पर तीनों अभियुक्तों ने मो. अयूब उर्फ आजाद को मारने लगे थे।
अभियुक्तों ने मो. अयूब उर्फ आजाद के सीने पर चढ़कर मारा-पीटा था, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। पुलिस ने मृतक के चाचा मो. मोकीम की तहरीर पर तीनों अभियुक्तों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया था।
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मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी क्रिमिनल तारकेश्वर सिंह ने घटना को साबित करने के लिए आठ गवाहों को कोर्ट में पेश किया। एडीजे द्वितीय जमाल मसूद अब्बासी ने साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद शनिवार को अभियुक्त जगदीश कहार को दोषी मानते हुए सजा सुनाकर जेल भेजने का आदेश दिया।
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धम्मौर थाने के रामपुर गांव निवासी मो. मोकीम एक जून 2008 को भतीजे मो. अयूब उर्फ आजाद के साथ पीपरपुर थाने के कल्याणपुर गांव में स्थित बाग में बकरी चराने गया था। तभी वहां पहुंचे कल्याणपुर गांव के जगदीश कहार, कप्तान सिंह और अमरेश सिंह ने मो. अयूब उर्फ आजाद को गाली देना शुरू कर दिया। विरोध करने पर तीनों अभियुक्तों ने मो. अयूब उर्फ आजाद को मारने लगे थे।
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अभियुक्तों ने मो. अयूब उर्फ आजाद के सीने पर चढ़कर मारा-पीटा था, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। पुलिस ने मृतक के चाचा मो. मोकीम की तहरीर पर तीनों अभियुक्तों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया था।
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मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी क्रिमिनल तारकेश्वर सिंह ने घटना को साबित करने के लिए आठ गवाहों को कोर्ट में पेश किया। एडीजे द्वितीय जमाल मसूद अब्बासी ने साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद शनिवार को अभियुक्त जगदीश कहार को दोषी मानते हुए सजा सुनाकर जेल भेजने का आदेश दिया।