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पूर्वांचल एक्सप्रेस वे का सात करोड़ हड़ृपने के आरोपी की जमानत खारिज
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मुआवजे के सात करोड़ रुपये हड़पने वाले की जमानत खारिज
सुल्तानपुर। पूर्वांचल एक्सप्रेस वे का सात करोड़ 30 लाख 80 हजार रुपये गलत खाते में ट्रांसफर होने के बाद धनराशि हड़प लेने के मामले में जेल में निरुद्घ आरोपी को कोर्ट से राहत नहीं मिल पाई। मंगलवार को जिला जज तनवीर अहमद ने अपराध गंभीर मानते हुए आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी।
जयसिंहपुर तहसील क्षेत्र के महुआरी आशापुुर गांव निवासी मनोरथ पुत्र छोटू की जमीन का अधिग्रहण 24 जनवरी 2018 को पूर्वांचल एक्सप्रेस वे के लिए किया गया था।
जमीन अधिग्रहण के बाद यूपीडा की ओर से लिए गए बैनामे के एवज में मनोरथ को सात करोड़ 30 लाख 80 हजार रुपये का मुआवजा मिलना था। मनोरथ ने ई-पेमेंट के लिए बड़ौदा उप्र ग्रामीण बैंक शाखा छीतेपट्टी की पासबुक समेत अन्य जरूरी अभिलेख दिया था।
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इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों ने लापरवाही करते हुए गोसाईगंज थाने के धूंधू मदुरी गांव निवासी हसमुल पत्नी सिंगारे के बड़ौदा उप्र ग्रामीण बैंक शाखा पीढ़ी के खाते में 22 फरवरी 2018 को सात करोड़ 30 लाख 80 हजार रुपये का मुआवजा भेज दिया था।
हसमुल ने विभिन्न तिथियों में अपने खाते से मुआवजे का 75,00,000 रुपये निकाल लिया था। इसके बाद हसमुल ने 23 अप्रैल 2018 को अपने पुत्र अफसर अहमद के बैंक खाते में 6 करोड़ 61 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिया था।
25 जून 2018 को हसमुल की मृत्यु हो गई थी। मामला प्रकाश में आने के बाद यूपीडा की ओर से मुआवजा की धनराशि वापस करने के लिए दो जनवरी 2019 को अफसर अहमद को नोटिस दी गई, लेकिन उसने रुपया वापस नहीं किया।
सात अप्रैल 2019 को यूपीडा की नोडल अधिकारी व तहसीदार जयसिंहपुर रानी गरिमा जायसवाल ने जयसिंहपुर कोतवाली में आरोपी अफसर अहमद के खिलाफ धोखाधड़ी समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था।
मुआवजा हड़पने का आरोपी अफसर अहमद पिछले दिनों से जेल में निरुद्घ है। उसकी जमानत अर्जी पर मंगलवार को जिला जज तनवीर अहमद की कोर्ट में सुनवाई हुई। जिला जज ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अपराध गंभीर मानते हुए आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी।
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सुल्तानपुर। पूर्वांचल एक्सप्रेस वे का सात करोड़ 30 लाख 80 हजार रुपये गलत खाते में ट्रांसफर होने के बाद धनराशि हड़प लेने के मामले में जेल में निरुद्घ आरोपी को कोर्ट से राहत नहीं मिल पाई। मंगलवार को जिला जज तनवीर अहमद ने अपराध गंभीर मानते हुए आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी।
जयसिंहपुर तहसील क्षेत्र के महुआरी आशापुुर गांव निवासी मनोरथ पुत्र छोटू की जमीन का अधिग्रहण 24 जनवरी 2018 को पूर्वांचल एक्सप्रेस वे के लिए किया गया था।
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जमीन अधिग्रहण के बाद यूपीडा की ओर से लिए गए बैनामे के एवज में मनोरथ को सात करोड़ 30 लाख 80 हजार रुपये का मुआवजा मिलना था। मनोरथ ने ई-पेमेंट के लिए बड़ौदा उप्र ग्रामीण बैंक शाखा छीतेपट्टी की पासबुक समेत अन्य जरूरी अभिलेख दिया था।
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इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों ने लापरवाही करते हुए गोसाईगंज थाने के धूंधू मदुरी गांव निवासी हसमुल पत्नी सिंगारे के बड़ौदा उप्र ग्रामीण बैंक शाखा पीढ़ी के खाते में 22 फरवरी 2018 को सात करोड़ 30 लाख 80 हजार रुपये का मुआवजा भेज दिया था।
हसमुल ने विभिन्न तिथियों में अपने खाते से मुआवजे का 75,00,000 रुपये निकाल लिया था। इसके बाद हसमुल ने 23 अप्रैल 2018 को अपने पुत्र अफसर अहमद के बैंक खाते में 6 करोड़ 61 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिया था।
25 जून 2018 को हसमुल की मृत्यु हो गई थी। मामला प्रकाश में आने के बाद यूपीडा की ओर से मुआवजा की धनराशि वापस करने के लिए दो जनवरी 2019 को अफसर अहमद को नोटिस दी गई, लेकिन उसने रुपया वापस नहीं किया।
सात अप्रैल 2019 को यूपीडा की नोडल अधिकारी व तहसीदार जयसिंहपुर रानी गरिमा जायसवाल ने जयसिंहपुर कोतवाली में आरोपी अफसर अहमद के खिलाफ धोखाधड़ी समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था।
मुआवजा हड़पने का आरोपी अफसर अहमद पिछले दिनों से जेल में निरुद्घ है। उसकी जमानत अर्जी पर मंगलवार को जिला जज तनवीर अहमद की कोर्ट में सुनवाई हुई। जिला जज ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अपराध गंभीर मानते हुए आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी।