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जर्जर भवन
Updated Fri, 27 Jul 2018 12:48 AM IST
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बारिश में टपक रही छत, प्लास्टर गिर रहा
सुल्तानपुर। भदैंया क्षेत्र का जूनियर हाई स्कूल बालमपुर का भवन निर्माण के नौ वर्ष में ही जर्जर हो गया है। विद्यालय के चार अध्ययन कक्ष, एक प्रधानाध्यापक कक्ष व बरामदे की छतों से प्लास्टर उखड़ रहा है। बारिश का पानी छतों से टपक रहा है। विद्यालय में 66 बच्चे अपनी जान जोखिम में डालकर पढ़ाई करने आते हैं।
उच्च प्राथमिक विद्यालय का निर्माण वर्ष 2008-09 में हुआ था। पांच लाख 56 हजार की लागत से चार अध्ययनकक्ष, प्रधानाध्यापक कक्ष, बरामदा व प्रसाधन बनाए गए थे। भवन निर्माण की गुणवत्ता की स्थिति यह है कि तीन वर्ष से बरसात में विद्यालय की छतों से पानी टपक रहा है। यही नहीं जर्जर भवन का प्लास्टर जगह-जगह से उखड़कर गिर रहा है।
खतरे की आशंका को देखते हुए प्रभारी प्रधानाध्यापक अजय विक्रम सिंह ने जर्जर भवन की स्थिति के बारे में खंड शिक्षा अधिकारी को लिखित रूप से अवगत कराया है। प्रधानाध्यापक का कहना है कि विद्यालय के 66 बच्चे अपनी जान जोखिम में डालकर पढ़ाई करने आते हैं। खंड शिक्षा अधिकारी पंकज यादव ने बताया कि उच्च प्राथमिक विद्यालय के जर्जर भवन की जानकारी मिली है। भवन का सत्यापन कराकर निर्माण प्रभारी की जवाबदेही तय की जाएगी। 10 वर्ष के पूर्व ही विद्यालय भवन जर्जर हुआ है तो उसका मेंटीनेंस निर्माण प्रभारी से कराया जाएगा।
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सुल्तानपुर। भदैंया क्षेत्र का जूनियर हाई स्कूल बालमपुर का भवन निर्माण के नौ वर्ष में ही जर्जर हो गया है। विद्यालय के चार अध्ययन कक्ष, एक प्रधानाध्यापक कक्ष व बरामदे की छतों से प्लास्टर उखड़ रहा है। बारिश का पानी छतों से टपक रहा है। विद्यालय में 66 बच्चे अपनी जान जोखिम में डालकर पढ़ाई करने आते हैं।
उच्च प्राथमिक विद्यालय का निर्माण वर्ष 2008-09 में हुआ था। पांच लाख 56 हजार की लागत से चार अध्ययनकक्ष, प्रधानाध्यापक कक्ष, बरामदा व प्रसाधन बनाए गए थे। भवन निर्माण की गुणवत्ता की स्थिति यह है कि तीन वर्ष से बरसात में विद्यालय की छतों से पानी टपक रहा है। यही नहीं जर्जर भवन का प्लास्टर जगह-जगह से उखड़कर गिर रहा है।
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खतरे की आशंका को देखते हुए प्रभारी प्रधानाध्यापक अजय विक्रम सिंह ने जर्जर भवन की स्थिति के बारे में खंड शिक्षा अधिकारी को लिखित रूप से अवगत कराया है। प्रधानाध्यापक का कहना है कि विद्यालय के 66 बच्चे अपनी जान जोखिम में डालकर पढ़ाई करने आते हैं। खंड शिक्षा अधिकारी पंकज यादव ने बताया कि उच्च प्राथमिक विद्यालय के जर्जर भवन की जानकारी मिली है। भवन का सत्यापन कराकर निर्माण प्रभारी की जवाबदेही तय की जाएगी। 10 वर्ष के पूर्व ही विद्यालय भवन जर्जर हुआ है तो उसका मेंटीनेंस निर्माण प्रभारी से कराया जाएगा।
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