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51 लाख रुपये के गबन में प्रधान व पंचायत सचिव पर दर्ज होगी प्राथमिकी
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सुल्तानपुर। धनपतगंज विकास खंड के जूड़ापट्टी ग्राम पंचायत में 51 लाख रुपये के गबन का मामला तूल पकड़ गया है। इस मामले में डीएम ने तत्कालीन ग्राम प्रधान व पंचायत सचिव को दोषी मानते हुए दोनों के खिलाफ केस दर्ज कराने का आदेश डीपीआरओ को दिया है। इसके अनुपालन में डीपीआरओ ने बुधवार को बीडीओ को पत्र जारी करते हुए तत्काल प्राथमिकी दर्ज कराते हुए इसकी रिपार्ट उपलब्ध कराने को कहा है।
जूड़ापट्टी ग्राम पंचायत में अनियमितता के खिलाफ गांव के ही सुनील यादव ने लोकायुक्त के यहां परिवाद दाखिल किया था। इस पर उप लोकायुक्त ने ग्राम पंचायत के विकास कार्यों में हुई अनियमितता की जांच का आदेश दिया था। सीडीओ की ओर से गठित की गई तीन सदस्यीय कमेटी की जांच में विभिन्न कार्यों में करीब 51 लाख के दुरुपयोग का मामला सामने आया था। डीएम के आदेश पर डीपीआरओ आरके भारती ने आरोपी ग्राम प्रधान सत्यप्रकाश यादव व पंचायत सचिव बलिराम गौड़ को कारण बताओ नोटिस जारी की थी।
डीपीआरओ ने भारती ने बताया कि दोनों ही आरोपियों ने नोटिस का कोई सही जवाब नहीं दिया गया। इसके बाद दोनों आरोपियों को सरकारी धनराशि के गबन, साक्ष्यों को गायब करने व अधिकारियों के आदेशों का उल्लंघन मानते हुए कार्रवाई की संस्तुति रिपोर्ट डीएम को भेजी गयी थी। डीएम ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्कालीन ग्राम प्रधान सत्यप्रकाश यादव व तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव बलिराम गौड़ के खिलाफ पुलिस में मुकदमा दर्ज कराने का आदेश डीपीआरओ को दिया है। तत्कालीन प्रधान व पंचायत सचिव पर प्राथमिकी दर्ज कराने के आदेश से पंचायत सचिवों व प्रधानों में खलबली है।
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जूड़ापट्टी ग्राम पंचायत में अनियमितता के खिलाफ गांव के ही सुनील यादव ने लोकायुक्त के यहां परिवाद दाखिल किया था। इस पर उप लोकायुक्त ने ग्राम पंचायत के विकास कार्यों में हुई अनियमितता की जांच का आदेश दिया था। सीडीओ की ओर से गठित की गई तीन सदस्यीय कमेटी की जांच में विभिन्न कार्यों में करीब 51 लाख के दुरुपयोग का मामला सामने आया था। डीएम के आदेश पर डीपीआरओ आरके भारती ने आरोपी ग्राम प्रधान सत्यप्रकाश यादव व पंचायत सचिव बलिराम गौड़ को कारण बताओ नोटिस जारी की थी।
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डीपीआरओ ने भारती ने बताया कि दोनों ही आरोपियों ने नोटिस का कोई सही जवाब नहीं दिया गया। इसके बाद दोनों आरोपियों को सरकारी धनराशि के गबन, साक्ष्यों को गायब करने व अधिकारियों के आदेशों का उल्लंघन मानते हुए कार्रवाई की संस्तुति रिपोर्ट डीएम को भेजी गयी थी। डीएम ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्कालीन ग्राम प्रधान सत्यप्रकाश यादव व तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव बलिराम गौड़ के खिलाफ पुलिस में मुकदमा दर्ज कराने का आदेश डीपीआरओ को दिया है। तत्कालीन प्रधान व पंचायत सचिव पर प्राथमिकी दर्ज कराने के आदेश से पंचायत सचिवों व प्रधानों में खलबली है।
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