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सगे भाइयों समेत तीन अभियुक्तों को 10 वर्ष की सजा
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सुल्तानपुर। गैर इरादतन हत्या के मामले में एडीजे सप्तम ने शुक्रवार को सगे भाइयों समेत तीन अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष की कैद व 93 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। एक अभियुक्त की मुकदमे के दौरान मौत हो गई है।
बल्दीराय क्षेत्र के ग्राम पूरे रामगुलाम (रमभदरी का पुरवा) मौजा रामनगर निवासी वासुदेव मिश्र 18 जून 2009 को शाम बाजार से घर लौट रहे थे। कुड़वार-हलियापुर मार्ग पर ग्राम पूरे सिष्टी पांडेय का पुरवा मौजा केवटली के पास जमीन के विवाद को लेकर लाठी, डंडा व चाकू से मारकर वासुदेव मिश्र की हत्या कर दी गई। पुलिस ने मृतक के भाई संजीव मिश्र की तहरीर पर गांव के ही सगे भाइयों राधेश्याम मिश्र व शिवश्याम मिश्र, उसके पिता शिवमूरत मिश्र और पड़ोस के ग्राम पूरे जगनू मौजा रामनगर निवासी मुन्ना उर्फ जगदीश पांडेय के खिलाफ गैर इरादतन हत्या करने के अभियोग में केस दर्ज किया।
मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी क्रिमिनल संदीप सिंह ने घटना को साबित करने के लिए सात गवाहों को कोर्ट में पेश किया। शुक्रवार को एडीजे सप्तम राम विलास प्रसाद ने सगे भाइयों राधेश्याम मिश्र व शिवश्याम मिश्र और अभियुक्त मुन्ना उर्फ जगदीश पांडेय को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष की कैद व 93 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। अभियुक्त शिवमूरत मिश्र की मुकदमे के दौरान मौत हो गई है।
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बल्दीराय क्षेत्र के ग्राम पूरे रामगुलाम (रमभदरी का पुरवा) मौजा रामनगर निवासी वासुदेव मिश्र 18 जून 2009 को शाम बाजार से घर लौट रहे थे। कुड़वार-हलियापुर मार्ग पर ग्राम पूरे सिष्टी पांडेय का पुरवा मौजा केवटली के पास जमीन के विवाद को लेकर लाठी, डंडा व चाकू से मारकर वासुदेव मिश्र की हत्या कर दी गई। पुलिस ने मृतक के भाई संजीव मिश्र की तहरीर पर गांव के ही सगे भाइयों राधेश्याम मिश्र व शिवश्याम मिश्र, उसके पिता शिवमूरत मिश्र और पड़ोस के ग्राम पूरे जगनू मौजा रामनगर निवासी मुन्ना उर्फ जगदीश पांडेय के खिलाफ गैर इरादतन हत्या करने के अभियोग में केस दर्ज किया।
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मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी क्रिमिनल संदीप सिंह ने घटना को साबित करने के लिए सात गवाहों को कोर्ट में पेश किया। शुक्रवार को एडीजे सप्तम राम विलास प्रसाद ने सगे भाइयों राधेश्याम मिश्र व शिवश्याम मिश्र और अभियुक्त मुन्ना उर्फ जगदीश पांडेय को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष की कैद व 93 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। अभियुक्त शिवमूरत मिश्र की मुकदमे के दौरान मौत हो गई है।
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