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Sultanpur News: जांच की घंटी बजने पर कोचिंग सेंटरों ने लगा दी छुट्टी
Fri, 26 Jun 2026 12:24 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Fri, 26 Jun 2026 12:24 AM IST
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शहर के बस स्टेशन के निकट स्थित कोचिंग बंद होने के बाद बाहर खड़े छात्र। -संवाद
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सुल्तानपुर। लखनऊ अग्निकांड के बाद जिले के कोचिंग सेंटरों में सुरक्षा मानकों की जांच के लिए निकली प्रशासन की टीम को बृहस्पतिवार को ज्यादातर जगहों पर तालाबंदी का सामना करना पड़ा। चेकिंग की भनक लगते ही ज्यादातर संचालक संस्थानों पर ताला लगाकर गायब हो गए। हाल यह रहा कि 26 कोचिंग सेंटरों में टीम को सिर्फ चार ही खुले मिले।
तीन दिन चले अभियान में जिले के 111 कोचिंग व लाइब्रेरी संस्थानों की जांच का दावा किया गया। ज्यादातर जगह टीम को बिना निरीक्षण के लौटना पड़ा। खुले मिले संस्थानों में सुरक्षा व्यवस्था की पोल खुली। दो कोचिंग सेंटरों में फायर सिलिंडर आउटडेटेड मिले, जबकि फर्नीचर और निकासी द्वार में भी खामियां सामने आईं।
चार खुले, दो में सुरक्षा इंतजाम अधूरे
जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह के निर्देश पर कोचिंग सेंटरों के फायर एनओसी, विद्युत सुरक्षा और अन्य जरूरी मानकों की जांच के लिए तीन सदस्यीय संयुक्त टीम बनाई गई थी। जिसमें जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला अग्निशमन अधिकारी और विद्युत निगम के अधिशासी अभियंता शामिल थे। टीम ने खुले मिले चार संस्थानों की जांच पूरी की। दो जगह फायर एनओसी की अवधि समाप्त मिली। संचालकों को मानक पूरे करने और जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने के निर्देश दिए गए।
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बंद संस्थानों पर कार्रवाई की राह भी मुश्किल
निरीक्षण अभियान की सबसे बड़ी परेशानी यही रही कि जिन संस्थानों की जांच होनी थी, वहां ताले लटके मिले। अधिकारी न तो मौके पर कमियां दर्ज कर सके और न ही तत्काल कार्रवाई कर पाए।
सेंटर बंद होने से जांच प्रभावित
जांच अभियान के नोडल व सह जिला विद्यालय निरीक्षक जटाशंकर ने बताया कि अधिकांश कोचिंग सेंटर बंद मिलने से जांच प्रभावित हुई है। अभियान आगे भी जारी रहेगा और सभी संस्थानों की जांच पूरी कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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तीन दिन चले अभियान में जिले के 111 कोचिंग व लाइब्रेरी संस्थानों की जांच का दावा किया गया। ज्यादातर जगह टीम को बिना निरीक्षण के लौटना पड़ा। खुले मिले संस्थानों में सुरक्षा व्यवस्था की पोल खुली। दो कोचिंग सेंटरों में फायर सिलिंडर आउटडेटेड मिले, जबकि फर्नीचर और निकासी द्वार में भी खामियां सामने आईं।
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चार खुले, दो में सुरक्षा इंतजाम अधूरे
जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह के निर्देश पर कोचिंग सेंटरों के फायर एनओसी, विद्युत सुरक्षा और अन्य जरूरी मानकों की जांच के लिए तीन सदस्यीय संयुक्त टीम बनाई गई थी। जिसमें जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला अग्निशमन अधिकारी और विद्युत निगम के अधिशासी अभियंता शामिल थे। टीम ने खुले मिले चार संस्थानों की जांच पूरी की। दो जगह फायर एनओसी की अवधि समाप्त मिली। संचालकों को मानक पूरे करने और जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने के निर्देश दिए गए।
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बंद संस्थानों पर कार्रवाई की राह भी मुश्किल
निरीक्षण अभियान की सबसे बड़ी परेशानी यही रही कि जिन संस्थानों की जांच होनी थी, वहां ताले लटके मिले। अधिकारी न तो मौके पर कमियां दर्ज कर सके और न ही तत्काल कार्रवाई कर पाए।
सेंटर बंद होने से जांच प्रभावित
जांच अभियान के नोडल व सह जिला विद्यालय निरीक्षक जटाशंकर ने बताया कि अधिकांश कोचिंग सेंटर बंद मिलने से जांच प्रभावित हुई है। अभियान आगे भी जारी रहेगा और सभी संस्थानों की जांच पूरी कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।