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Sultanpur News: मोबाइल की गिरफ्त में बच्चे, बढ़ रहा डिप्रेशन और गुस्सा

Fri, 05 Sep 2025 01:04 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर Updated Fri, 05 Sep 2025 01:04 AM IST
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Children in the grip of mobile phones, increasing depression and anger
मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में मरीज देखेते डॉ. शबाहुद्दीन अम्मार।
सुल्तानपुर। बच्चों के हर वक्त मोबाइल फोन में खोए रहने से उनका मानसिक स्वास्थ्य गंभीर खतरे में आ रहा है। मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में रोजाना पांच से दस बच्चे डिप्रेशन, गुस्सा, घबराहट, बेचैनी और डर जैसी समस्याओं के चलते पहुंच रहे हैं। विशेषज्ञ बताते हैं कि स्मार्टफोन बच्चों के व्यवहार, सामाजिक कौशल और एकाग्रता पर नकारात्मक असर डाल रहा है।
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मेडिकल कॉलेज के मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. शबाहुद्दीन अम्मार ने बताया कि पढ़ाई से लेकर मनोरंजन तक, बच्चों का ज्यादातर समय मोबाइल, टीवी और टैबलेट पर बीत रहा है। माता-पिता के नौकरीपेशा होने पर बच्चे समय काटने के लिए मोबाइल का सहारा लेने लगते हैं। यही आदत मानसिक बीमारी का रूप ले रही है। भोजन के दौरान भी बच्चे मोबाइल से जुड़े हैं, जिससे खानपान बिगड़ने के साथ शारीरिक स्वास्थ्य भी प्रभावित हो रहा है। अत्यधिक मोबाइल उपयोग से बच्चों में चिड़चिड़ापन और अवसाद बढ़ रहा है।
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विशेषज्ञ की सलाह
डॉ. अम्मार ने कहा कि बच्चों से मोबाइल अचानक छीनने के बजाय धीरे-धीरे इसकी लत से दूर करना जरूरी है। बताया कि सबसे पहले खुद अभिभावक मोबाइल का कम इस्तेमाल करें। बच्चे को रोजाना खेलने और पढ़ने के लिए प्रेरित करें। खाने के समय और बेडरूम में मोबाइल का प्रयोग पूरी तरह बंद करें।
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