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सूची की खामियों से जूझ रहे आयुष्मान योजना के लाभार्थी
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सुल्तानपुर। आयुष्मान भारत योजना के तहत निशुल्क इलाज की सुविधा पर सूची ने भी ग्रहण लगा दिया है। सूची में पात्रों का नाम गलत होने से काफी संख्या में लोग निशुल्क इलाज से वंचित हो रहे हैं। नाम को सही कराने के लिए वे चक्कर काट रहे लेकिन समस्या दूर नहीं हो पा रही है।
आयुष्मान भारत योजना के तहत जिले में 1,26,044 परिवारों का चयन किया गया है। इसमें अभी तक करीब 70 हजार गोल्डन कार्ड बनाए गए हैं।
सूत्रों की मानें तो सैकड़ा भर से अधिक परिवार ऐसे हैं जिनका नाम आयुष्मान की सूची में गलत हो गया है। ऐसे लोग इलाज के गोल्डन कार्ड बनवाने के लिए भटक रहे हैं।
सूची में नाम गलत होने से लोगों का गोल्डन कार्ड नहीं बन पा रहा है। गोल्डन कार्ड के अभाव में मरीजों का इलाज नहीं हो पा रहा है।
कुड़वार के बसंतपुर निवासी आत्माराम ने बताया कि उनका नाम सूची में गलत हो गया है। सीएचसी पर गोल्डन कार्ड बनवाने के लिए गए थे लेकिन नाम सही नहीं होने की वजह से लौटा दिया गया। कहा कि गोल्डन कार्ड नहीं बनने से इलाज नहीं हो पाएगा।
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सीएमओ डॉ. चंद्रभूषण नाथ त्रिपाठी ने कहा कि सूची में गड़बड़ी पर लोग सीएचसी पर संपर्क कर उसमें संशोधन करा सकते हैं। चयनित परिवारों को कोई परेशानी नहीं होने पाएगी। उन्हें योजना का लाभ मिलेगा।
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आयुष्मान भारत योजना के तहत जिले में 1,26,044 परिवारों का चयन किया गया है। इसमें अभी तक करीब 70 हजार गोल्डन कार्ड बनाए गए हैं।
सूत्रों की मानें तो सैकड़ा भर से अधिक परिवार ऐसे हैं जिनका नाम आयुष्मान की सूची में गलत हो गया है। ऐसे लोग इलाज के गोल्डन कार्ड बनवाने के लिए भटक रहे हैं।
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सूची में नाम गलत होने से लोगों का गोल्डन कार्ड नहीं बन पा रहा है। गोल्डन कार्ड के अभाव में मरीजों का इलाज नहीं हो पा रहा है।
कुड़वार के बसंतपुर निवासी आत्माराम ने बताया कि उनका नाम सूची में गलत हो गया है। सीएचसी पर गोल्डन कार्ड बनवाने के लिए गए थे लेकिन नाम सही नहीं होने की वजह से लौटा दिया गया। कहा कि गोल्डन कार्ड नहीं बनने से इलाज नहीं हो पाएगा।
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सीएमओ डॉ. चंद्रभूषण नाथ त्रिपाठी ने कहा कि सूची में गड़बड़ी पर लोग सीएचसी पर संपर्क कर उसमें संशोधन करा सकते हैं। चयनित परिवारों को कोई परेशानी नहीं होने पाएगी। उन्हें योजना का लाभ मिलेगा।