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Sultanpur News: अंकों से आगे बढ़ेगा बच्चों का आकलन, मिलेंगे स्टार
Sun, 06 Sep 2026 12:49 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Sun, 06 Sep 2026 12:49 AM IST
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सुल्तानपुर। नई शिक्षा नीति के तहत परिषदीय विद्यालयों में बच्चों के आकलन का तरीका बदल रहा है। अब उनकी काबिलियत केवल परीक्षा के अंकों से तय नहीं होगी। कक्षा एक से आठ तक के विद्यार्थियों के लिए समग्र प्रगति पत्र तैयार किया गया है।
इस प्रगति पत्र में पढ़ाई के साथ स्वास्थ्य, व्यवहार और रचनात्मक क्षमता का आकलन होगा। सामाजिक-भावनात्मक विकास को भी मूल्यांकन में शामिल किया गया है। कक्षा एक और दो के बच्चों को अंकों के बजाय स्टार दिए जाएंगे। यह बदलाव जिले के 2,064 परिषदीय विद्यालयों में लागू होगा। इससे बच्चों की खूबियों और कमियों को समय रहते पहचानने में मदद मिलेगी। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद ने यह प्रगति पत्र तैयार किया है। इसमें विद्यालय की जानकारी, छात्र की फोटो और माता-पिता का विवरण तथा यूनिक आईडी दर्ज होगी। बच्चों की प्रगति सितंबर और फरवरी में अपडेट की जाएगी। परीक्षाओं और परियोजनाओं के साथ उपस्थिति, अनुशासन और नोटबुक तैयार करने को भी मूल्यांकन में शामिल किया गया है।
छात्र स्वयं अपना आकलन करेंगे जिला समन्वयक प्रशिक्षण अपेक्षा त्रिपाठी के अनुसार, प्रगति पत्र की खास बात यह है कि इसमें छात्र स्वयं अपना आकलन करेंगे। शिक्षक के साथ अभिभावकों और सहपाठियों से मिलने वाली प्रतिक्रिया भी दर्ज होगी। बच्चों की रुचि, आत्मविश्वास और व्यवहार को समझने में सहायता मिलेगी। कक्षा छह से विद्यार्थियों की रुचि और भविष्य की योजनाओं की जानकारी ली जाएगी।
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स्वच्छता का भी आकलन होगा
बेसिक शिक्षा अधिकारी उपेंद्र गुप्ता ने बताया कि कक्षा एक और दो में हिंदी, गणित और अंग्रेजी के साथ स्वच्छता का आकलन होगा। स्वास्थ्य, सामाजिक जागरूकता और स्व-जागरूकता भी इसमें शामिल हैं। कलात्मक अभिरुचि, कौशल और व्यवहार का भी मूल्यांकन किया जाएगा। कक्षा तीन से आठ तक पर्यावरण अध्ययन, सामाजिक विषय और विज्ञान का आकलन होगा।
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इस प्रगति पत्र में पढ़ाई के साथ स्वास्थ्य, व्यवहार और रचनात्मक क्षमता का आकलन होगा। सामाजिक-भावनात्मक विकास को भी मूल्यांकन में शामिल किया गया है। कक्षा एक और दो के बच्चों को अंकों के बजाय स्टार दिए जाएंगे। यह बदलाव जिले के 2,064 परिषदीय विद्यालयों में लागू होगा। इससे बच्चों की खूबियों और कमियों को समय रहते पहचानने में मदद मिलेगी। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद ने यह प्रगति पत्र तैयार किया है। इसमें विद्यालय की जानकारी, छात्र की फोटो और माता-पिता का विवरण तथा यूनिक आईडी दर्ज होगी। बच्चों की प्रगति सितंबर और फरवरी में अपडेट की जाएगी। परीक्षाओं और परियोजनाओं के साथ उपस्थिति, अनुशासन और नोटबुक तैयार करने को भी मूल्यांकन में शामिल किया गया है।
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छात्र स्वयं अपना आकलन करेंगे जिला समन्वयक प्रशिक्षण अपेक्षा त्रिपाठी के अनुसार, प्रगति पत्र की खास बात यह है कि इसमें छात्र स्वयं अपना आकलन करेंगे। शिक्षक के साथ अभिभावकों और सहपाठियों से मिलने वाली प्रतिक्रिया भी दर्ज होगी। बच्चों की रुचि, आत्मविश्वास और व्यवहार को समझने में सहायता मिलेगी। कक्षा छह से विद्यार्थियों की रुचि और भविष्य की योजनाओं की जानकारी ली जाएगी।
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स्वच्छता का भी आकलन होगा
बेसिक शिक्षा अधिकारी उपेंद्र गुप्ता ने बताया कि कक्षा एक और दो में हिंदी, गणित और अंग्रेजी के साथ स्वच्छता का आकलन होगा। स्वास्थ्य, सामाजिक जागरूकता और स्व-जागरूकता भी इसमें शामिल हैं। कलात्मक अभिरुचि, कौशल और व्यवहार का भी मूल्यांकन किया जाएगा। कक्षा तीन से आठ तक पर्यावरण अध्ययन, सामाजिक विषय और विज्ञान का आकलन होगा।