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Sultanpur News: सौ बेड के अस्पताल का एआरटी सेंटर बंद
Sun, 02 Jun 2024 12:46 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Sun, 02 Jun 2024 12:46 AM IST
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बिरसिंहपुर के सौ बेड अस्पताल में बंद एआरटी सेंटर। संवाद
सेमरी बाजार (सुल्तानपुर)। बिरसिंहपुर के सौ बेड के अस्पताल में एड्स मरीजों के इलाज के लिए एआरटी सेंटर बना जरूर है लेकिन यहां एक भी कर्मचारी की तैनाती नहीं हुई है। इससे मरीजों को जांच व दवा के लिए जिला मुख्यालय जाना पड़ता है।
27 करोड़ रुपये की लागत से बिरसिंहपुर के सौ बेड अस्पताल का निर्माण किया गया था। इसमें एक कमरा आईसीटीसी व एआरटी सेंटर के लिए बनाया गया है ताकि एड्स के मरीजों को दवा और जांच के लिए दूर न जाना पड़े।
जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते एआरटी सेंटर मात्र एक कमरा बनकर रह गया है। एक साल बाद भी अस्पताल के एआरटी सेंटर पर कर्मचारी की तैनाती नहीं हो पाई हैं। इससे एड्स के मरीजों को जिला मुख्यालय तक दौड़ लगानी पड़ती है। ऐसे में शारीरिक कमजोरी के कारण एड्स मरीजों को यात्रा करने में काफी दिक्कत होती है।
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क्या है एआरटी सेंटर
एआरटी सेंटर पर मरीजों की निशुल्क जांच के साथ दवाएं भी मिलती हैं। लोगों को एड्स से बचाव के प्रति जागरूक किया जाता है। बहुत से लोग एड्स की जांच कराने में झिझक महसूस करते है। ऐसे में सेंटर के सलाहकारों की ओर से उन्हें उचित परामर्श और परीक्षण दिया जाता है। मरीजों को आश्वस्त किया जाता है कि परीक्षण अनिवार्य है और यह प्रक्रिया गोपनीय रहेगी। सेंटर पर एचआईवी की सभी जांचें की जाती हैं। एड्स के मरीजों को सर्दी, जुकाम से लेकर टीबी, डायरिया, निमोनिया जैसे रोग तेजी से हो जाते हैं जिनका इलाज करना कठिन हो जाता है। ऐसी स्थिति में मरीजों की मृत्यु भी हो सकती है। यही कारण है कि एचआईवी की जांच महत्वपूर्ण है।
जल्द शुरू होगा एआरटी सेंटर
सीएमएस डॉ. राजकमल चौरसिया ने बताया कि एआरटी सेंटर पर अभी किसी की तैनाती नहीं है। जल्द ही किसी को तैनात करके एआरटी सेंटर शुरू कराया जाएगा।
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27 करोड़ रुपये की लागत से बिरसिंहपुर के सौ बेड अस्पताल का निर्माण किया गया था। इसमें एक कमरा आईसीटीसी व एआरटी सेंटर के लिए बनाया गया है ताकि एड्स के मरीजों को दवा और जांच के लिए दूर न जाना पड़े।
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जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते एआरटी सेंटर मात्र एक कमरा बनकर रह गया है। एक साल बाद भी अस्पताल के एआरटी सेंटर पर कर्मचारी की तैनाती नहीं हो पाई हैं। इससे एड्स के मरीजों को जिला मुख्यालय तक दौड़ लगानी पड़ती है। ऐसे में शारीरिक कमजोरी के कारण एड्स मरीजों को यात्रा करने में काफी दिक्कत होती है।
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क्या है एआरटी सेंटर
एआरटी सेंटर पर मरीजों की निशुल्क जांच के साथ दवाएं भी मिलती हैं। लोगों को एड्स से बचाव के प्रति जागरूक किया जाता है। बहुत से लोग एड्स की जांच कराने में झिझक महसूस करते है। ऐसे में सेंटर के सलाहकारों की ओर से उन्हें उचित परामर्श और परीक्षण दिया जाता है। मरीजों को आश्वस्त किया जाता है कि परीक्षण अनिवार्य है और यह प्रक्रिया गोपनीय रहेगी। सेंटर पर एचआईवी की सभी जांचें की जाती हैं। एड्स के मरीजों को सर्दी, जुकाम से लेकर टीबी, डायरिया, निमोनिया जैसे रोग तेजी से हो जाते हैं जिनका इलाज करना कठिन हो जाता है। ऐसी स्थिति में मरीजों की मृत्यु भी हो सकती है। यही कारण है कि एचआईवी की जांच महत्वपूर्ण है।
जल्द शुरू होगा एआरटी सेंटर
सीएमएस डॉ. राजकमल चौरसिया ने बताया कि एआरटी सेंटर पर अभी किसी की तैनाती नहीं है। जल्द ही किसी को तैनात करके एआरटी सेंटर शुरू कराया जाएगा।