{"_id":"62e4253bf84fc179810cb789","slug":"arresting-sultanpur-news-lko641776597","type":"story","status":"publish","title_hn":"एआरटीओ दस्ते को रौंदने का आरोपी ट्रक मालिक गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एआरटीओ दस्ते को रौंदने का आरोपी ट्रक मालिक गिरफ्तार
विज्ञापन
पुलिस गिरफ्त में ट्रक मालिक।
- फोटो : SULTANPUR
सुल्तानपुर। एआरटीओ प्रवर्तन दस्ते को ट्रक से रौंदने के आरोप में फरार ट्रक मालिक को पुलिस ने शुक्रवार की शाम शहर के रोडवेज बस अड्डे के पास से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को हिरासत में लेकर पुलिस ने पूछताछ की।
क्षेत्र के माधवपुर छतौना के पास गत मंगलवार की भोर में एआरटीओ प्रवर्तन दस्ते के सिपाही अरुण सिंह और संविदा चालक अब्दुल मोबीन को ट्रक ने रौंद दिया था। घटना में सिपाही और संविदा चालक की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि एआरटीओ प्रवर्तन बाल-बाल बच गए थे। पुलिस ने एआरटीओ प्रवर्तन राकेश कुमार वर्मा की तहरीर पर ट्रक (यूपी 33 ए 7419) के अज्ञात चालक के खिलाफ केस दर्ज किया। जांच में ट्रक मालिक मोहम्मद मोफीज निवासी भदैंया महमूदपुर पूरे रानी थाना फुरसतगंज जिला अमेठी व इसी गांव के चालक बाबू का नाम प्रकाश में आया था। पुलिस ने बुधवार को फुरसतगंज पुलिस के साथ भदैंया महमूदपुर पूरे रानी गांव में छापा मारा तो बाबू हत्थे चढ़ गया।
पूछताछ में बाबू ने बताया था कि वह खलासी है। ट्रक मालिक मोहम्मद मोफीज ही गाड़ी चलाता है। बाबू के बयान के बाद पुलिस ने मोहम्मद मोफीज की तलाश तेज कर दी। शुक्रवार की शाम करीब साढ़े चार बजे ट्रक मालिक मोहम्मद मोफीज को पुलिस ने शहर के रोडवेज बस अड्डे के पास से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस उसे गोसाईंगंज थाने ले गई। वहां पहुंचकर एसपी सोमने बर्मा ने भी ट्रक मालिक एवं चालक मोहम्मद मोफीज से पूछताछ की।
विज्ञापन
ट्रक मालिक ने बताई वारदात की कहानी
पुलिस पूछताछ में आरोपी ट्रक चालक एवं मालिक मोहम्मद मोफीज ने बताया कि मंगलवार की भोर में एआरटीओ के वाहन पर सवार लोग इटकौली धर्मकांटा के पास मौरंग लदे ट्रकों को रोक कर चेक कर रहे थे। उस समय ट्रक को किसी ने नहीं रोका। लोहे की चद्दर लदे ट्रक को मोफीज ने इटकौली धर्मकांटा से आगे पेट्रोल पंप के पास रोका, तभी एआरटीओ की जीप उसके पास आकर रुकी। जीप से उतरे लोगों ने ट्रक के कागजात और बिल्टी उससे ले ली। मोहम्मद मोफीज ने कहा कि ट्रक का कागज ले लीजिए, लेकिन बिल्टी दे दें नहीं तो माल उतरेगा ही नहीं। इस पर उसे डांटकर भगा दिया गया था। खलासी बाबू के साथ वह ट्रक पर बैठ गया और कादीपुर की ओर जाने लगा। इस बीच एआरटीओ की जीप भी पीछे आ रही थी। जीप पर बैठे किसी व्यक्ति ने आवाज लगाई तो खलासी बाबू ने उसे बताया कि रुकने को कह रहे हैं। जब तक कुछ समझ पाता जीप ट्रक को ओवरटेक करते हुए आगे निकल गई। सामने उसने जीप खड़ी है देखी तो चलते ट्रक से वह और खलासी नीचे कूद गए। इसके बाद क्या हुआ, उसे पता नहीं।
विज्ञापन
क्षेत्र के माधवपुर छतौना के पास गत मंगलवार की भोर में एआरटीओ प्रवर्तन दस्ते के सिपाही अरुण सिंह और संविदा चालक अब्दुल मोबीन को ट्रक ने रौंद दिया था। घटना में सिपाही और संविदा चालक की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि एआरटीओ प्रवर्तन बाल-बाल बच गए थे। पुलिस ने एआरटीओ प्रवर्तन राकेश कुमार वर्मा की तहरीर पर ट्रक (यूपी 33 ए 7419) के अज्ञात चालक के खिलाफ केस दर्ज किया। जांच में ट्रक मालिक मोहम्मद मोफीज निवासी भदैंया महमूदपुर पूरे रानी थाना फुरसतगंज जिला अमेठी व इसी गांव के चालक बाबू का नाम प्रकाश में आया था। पुलिस ने बुधवार को फुरसतगंज पुलिस के साथ भदैंया महमूदपुर पूरे रानी गांव में छापा मारा तो बाबू हत्थे चढ़ गया।
विज्ञापन
पूछताछ में बाबू ने बताया था कि वह खलासी है। ट्रक मालिक मोहम्मद मोफीज ही गाड़ी चलाता है। बाबू के बयान के बाद पुलिस ने मोहम्मद मोफीज की तलाश तेज कर दी। शुक्रवार की शाम करीब साढ़े चार बजे ट्रक मालिक मोहम्मद मोफीज को पुलिस ने शहर के रोडवेज बस अड्डे के पास से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस उसे गोसाईंगंज थाने ले गई। वहां पहुंचकर एसपी सोमने बर्मा ने भी ट्रक मालिक एवं चालक मोहम्मद मोफीज से पूछताछ की।
विज्ञापन
ट्रक मालिक ने बताई वारदात की कहानी
पुलिस पूछताछ में आरोपी ट्रक चालक एवं मालिक मोहम्मद मोफीज ने बताया कि मंगलवार की भोर में एआरटीओ के वाहन पर सवार लोग इटकौली धर्मकांटा के पास मौरंग लदे ट्रकों को रोक कर चेक कर रहे थे। उस समय ट्रक को किसी ने नहीं रोका। लोहे की चद्दर लदे ट्रक को मोफीज ने इटकौली धर्मकांटा से आगे पेट्रोल पंप के पास रोका, तभी एआरटीओ की जीप उसके पास आकर रुकी। जीप से उतरे लोगों ने ट्रक के कागजात और बिल्टी उससे ले ली। मोहम्मद मोफीज ने कहा कि ट्रक का कागज ले लीजिए, लेकिन बिल्टी दे दें नहीं तो माल उतरेगा ही नहीं। इस पर उसे डांटकर भगा दिया गया था। खलासी बाबू के साथ वह ट्रक पर बैठ गया और कादीपुर की ओर जाने लगा। इस बीच एआरटीओ की जीप भी पीछे आ रही थी। जीप पर बैठे किसी व्यक्ति ने आवाज लगाई तो खलासी बाबू ने उसे बताया कि रुकने को कह रहे हैं। जब तक कुछ समझ पाता जीप ट्रक को ओवरटेक करते हुए आगे निकल गई। सामने उसने जीप खड़ी है देखी तो चलते ट्रक से वह और खलासी नीचे कूद गए। इसके बाद क्या हुआ, उसे पता नहीं।