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तीन शिक्षकों की नियुक्ति निरस्त
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सुल्तानपुर। जूनियर हाईस्कूल में प्रबंधतंत्र की ओर से नियुक्त हुए तीन शिक्षकों की नियुक्तियों को अवैध करार देते हुए निरस्त कर दिया गया है। उच्च न्यायालय में पारित आदेश के अनुपालन में बेसिक शिक्षा निदेशक ने नियुक्तियों को निरस्त करने की कार्रवाई का निर्देश दिया था।
शहर के नेशनल गर्ल्स जूनियर हाईस्कूल में वर्ष 2019 में प्रबंधतंत्र की ओर से तीन लोगों की नियुक्ति सहायक अध्यापक के पद पर हुई थी। मान्यता प्राप्त बेसिक स्कूल की नियमावली 1975 के मुताबिक चयन के पूर्व बीएसए से अनुमति लेनी आवश्यक है। बावजूद इसके विद्यालय में इन अध्यापकों के चयन के पूर्व अनुमति नहीं ली गई थी।
चयन के बाद तत्कालीन प्रभारी बेसिक शिक्षा अधिकारी की ओर से 31 अक्तूबर 2019 को नियुक्ति का अनुमोदन दे दिया गया था। अनुमोदन शिक्षकों की नियुक्ति और कार्यभार ग्रहण के बाद प्रदान किया गया था। उच्च न्यायालय ने सभी संबंधित पक्षों को सुनने और पत्रावली में लिखित समस्त तथ्यों/अभिलेखों के परीक्षण के बाद पाया कि विद्यालय में शिक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया विधिमान्य नहीं थी।
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न्यायालय के आदेश के बाद बेसिक शिक्षा निदेशक ने बीएसए को पत्र जारी कर तत्कालीन प्रभारी बीएसए के अनुमोदन की कार्रवाई को निरस्त करने का निर्देश दिया था। बीएसए दीवान सिंह यादव ने शिक्षा निदेशक के निर्देश के अनुपालन में प्रभारी बेसिक शिक्षा अधिकारी की ओर से 31 अक्तूबर 2019 को दी गई नियुक्ति अनुमोदन को निरस्त कर दिया है।
बीएसए दीवान सिंह यादव ने बताया कि उच्च न्यायालय के आदेश के बाद बेसिक शिक्षा निदेशक की ओर से नेशनल गर्ल्स जूनियर हाईस्कूल में हुई नियुक्ति के अनुमोदन को निरस्त करने का निर्देश मिला था। अनुमोदन आदेश को निरस्त कर दिया गया है। नियुक्ति प्रक्रिया रद्द हो चुकी है।
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शहर के नेशनल गर्ल्स जूनियर हाईस्कूल में वर्ष 2019 में प्रबंधतंत्र की ओर से तीन लोगों की नियुक्ति सहायक अध्यापक के पद पर हुई थी। मान्यता प्राप्त बेसिक स्कूल की नियमावली 1975 के मुताबिक चयन के पूर्व बीएसए से अनुमति लेनी आवश्यक है। बावजूद इसके विद्यालय में इन अध्यापकों के चयन के पूर्व अनुमति नहीं ली गई थी।
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चयन के बाद तत्कालीन प्रभारी बेसिक शिक्षा अधिकारी की ओर से 31 अक्तूबर 2019 को नियुक्ति का अनुमोदन दे दिया गया था। अनुमोदन शिक्षकों की नियुक्ति और कार्यभार ग्रहण के बाद प्रदान किया गया था। उच्च न्यायालय ने सभी संबंधित पक्षों को सुनने और पत्रावली में लिखित समस्त तथ्यों/अभिलेखों के परीक्षण के बाद पाया कि विद्यालय में शिक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया विधिमान्य नहीं थी।
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न्यायालय के आदेश के बाद बेसिक शिक्षा निदेशक ने बीएसए को पत्र जारी कर तत्कालीन प्रभारी बीएसए के अनुमोदन की कार्रवाई को निरस्त करने का निर्देश दिया था। बीएसए दीवान सिंह यादव ने शिक्षा निदेशक के निर्देश के अनुपालन में प्रभारी बेसिक शिक्षा अधिकारी की ओर से 31 अक्तूबर 2019 को दी गई नियुक्ति अनुमोदन को निरस्त कर दिया है।
बीएसए दीवान सिंह यादव ने बताया कि उच्च न्यायालय के आदेश के बाद बेसिक शिक्षा निदेशक की ओर से नेशनल गर्ल्स जूनियर हाईस्कूल में हुई नियुक्ति के अनुमोदन को निरस्त करने का निर्देश मिला था। अनुमोदन आदेश को निरस्त कर दिया गया है। नियुक्ति प्रक्रिया रद्द हो चुकी है।