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आंगनबाड़ी के एक लाख बच्चों को मिलेगी प्ले ग्रुप जैसी शिक्षा
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सुल्तानपुर। आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत करीब सवा दो लाख बच्चों में तीन से छह वर्ष के एक लाख बच्चों को प्ले ग्रुप स्कूल की तरह शिक्षा देने की कवायद शुरू हो गई है। इसके लिए सेंटरों को प्ले ग्रुप की तर्ज पर संचालित करने की तैयारी चल रही है। सेंटरों व विभाग का ढांचा दुरुस्त किया जा रहा है। बेसिक जरूरतों को पूरा करने पर शासन का फोकस चल रहा है। कार्यकर्ताओं के लिए स्मार्ट फोन भी पहुंच गए हैं। माना जा रहा है कि व्यवस्था दुरुस्त होते ही शासन से आंगनबाड़ी केंद्रों को प्री प्राइमरी के तर्ज पर संचालन के आदेश जारी हो जाएंगे।
देश की नई शिक्षा नीति के तहत शासन की ओर से बेसिक शिक्षा में बड़ा परिवर्तन करने की तैयारी चल रही है। इसके तहत कार्यक्रम विभाग से संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों को प्ले ग्रुप स्कूल के रूप में विकसित करने की कवायद चल रही है। सरकार की ओर से प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन निर्माण कराने के साथ ही अन्य बेसिक व्यवस्थाओं को दुुरुस्त किया जा रहा है। व्यवस्थाएं दुरुस्त होते ही केंद्रों को प्ले ग्रुप विद्यालय के रूप में परिवर्तन किए जाने के आसार हैं।
मौजूदा समय में जिले में 2511 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। इसमें 384 केंद्र अपने भवन व 1829 सेंटर बेसिक शिक्षा विभाग से समन्वय करके प्राथमिक विद्यालयों में संचालित किए जा रहे हैं। कुछ सेंटरों के निर्माण की प्रक्रिया भी चल रही है। आंगनबाड़ी केंद्रों पर मौजूदा समय में तीन से छह वर्ष के एक लाख एक हजार व जीरो से तीन वर्ष के एक लाख 20 हजार बच्चे पंजीकृत हैं। इस तरह कुल दो लाख 21 हजार बच्चे पंजीकृत हैं। गर्भवती/धात्री महिलाओं की संख्या करीब 48 हजार है। पंजीकृत बच्चों व गर्भवती/धात्री महिलाओं को पोषाहार के तौर पर सूखा राशन वितरित किया जा रहा है।
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जिले में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए स्मार्ट फोन की खेप बृहस्पतिवार को पहुंच गई। स्मार्ट फोन के संचालन के बारे में जानकारी देकर जल्द इसका वितरण करने की तैयारी है। प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारी रवीश्चर राव के अनुसार स्मार्ट फोन से कार्यकर्ता सेंटरों पर होने वाली दैनिक गतिविधियों व व्यवस्थाओं की जानकारी रोजाना अधिकारियों को दे सकेंगी। साथ ही शासन व विभागीय दिशा निर्देश से रोजाना अवगत हो सकेंगी।
इनसेट
बच्चों को कराया जा रहा ककहरा का ज्ञान
प्राथमिक विद्यालयों की तर्ज पर आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों को खासकर तीन से छह वर्ष तक के बच्चों को सेंटरों पर ककहरा व खेलकूद का ज्ञान कराया जा रहा है। बच्चों को कार्यकर्ताओं की ओर से कहानियां सुनाकर उनमें शिक्षा के प्रति रुचि बढ़ाई जा रही है। बेसिक विद्यालयों में संचालित होने वाले मिड-डे मील की तर्ज पर ही सेंटरों के बच्चों को सूखा राशन दिया जा रहा है। जल्द ही इन बच्चों को सूखा राशन की जगह पुष्टाहार दिए जाने की तैयारी चल रही है। कोरोना काल में शासन के निर्देश पर आंगनबाड़ी सेंटर बंद कर दिए गए थे। चार अक्तूबर से सेंटरों का सप्ताह में दो दिन संचालन शुरू कर दिया गया है।
वर्जन
फोटो संख्या-11
शासन की ओर से आंगनबाड़ी केंद्रों को प्ले ग्रुप स्कूल के रूप में संचालित करने का आदेश पहले से ही है। व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने पर जोर चल रहा है। पहले से ही बच्चों को अक्षर आदि का ज्ञान दिया जा रहा है। व्यवस्था दुरुस्त होते ही सेंटर प्ले ग्रुप के रूप में परिवर्तित हो जाएंगे। -रवीश गुप्ता, डीएम
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देश की नई शिक्षा नीति के तहत शासन की ओर से बेसिक शिक्षा में बड़ा परिवर्तन करने की तैयारी चल रही है। इसके तहत कार्यक्रम विभाग से संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों को प्ले ग्रुप स्कूल के रूप में विकसित करने की कवायद चल रही है। सरकार की ओर से प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन निर्माण कराने के साथ ही अन्य बेसिक व्यवस्थाओं को दुुरुस्त किया जा रहा है। व्यवस्थाएं दुरुस्त होते ही केंद्रों को प्ले ग्रुप विद्यालय के रूप में परिवर्तन किए जाने के आसार हैं।
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मौजूदा समय में जिले में 2511 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। इसमें 384 केंद्र अपने भवन व 1829 सेंटर बेसिक शिक्षा विभाग से समन्वय करके प्राथमिक विद्यालयों में संचालित किए जा रहे हैं। कुछ सेंटरों के निर्माण की प्रक्रिया भी चल रही है। आंगनबाड़ी केंद्रों पर मौजूदा समय में तीन से छह वर्ष के एक लाख एक हजार व जीरो से तीन वर्ष के एक लाख 20 हजार बच्चे पंजीकृत हैं। इस तरह कुल दो लाख 21 हजार बच्चे पंजीकृत हैं। गर्भवती/धात्री महिलाओं की संख्या करीब 48 हजार है। पंजीकृत बच्चों व गर्भवती/धात्री महिलाओं को पोषाहार के तौर पर सूखा राशन वितरित किया जा रहा है।
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जिले में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए स्मार्ट फोन की खेप बृहस्पतिवार को पहुंच गई। स्मार्ट फोन के संचालन के बारे में जानकारी देकर जल्द इसका वितरण करने की तैयारी है। प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारी रवीश्चर राव के अनुसार स्मार्ट फोन से कार्यकर्ता सेंटरों पर होने वाली दैनिक गतिविधियों व व्यवस्थाओं की जानकारी रोजाना अधिकारियों को दे सकेंगी। साथ ही शासन व विभागीय दिशा निर्देश से रोजाना अवगत हो सकेंगी।
इनसेट
बच्चों को कराया जा रहा ककहरा का ज्ञान
प्राथमिक विद्यालयों की तर्ज पर आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों को खासकर तीन से छह वर्ष तक के बच्चों को सेंटरों पर ककहरा व खेलकूद का ज्ञान कराया जा रहा है। बच्चों को कार्यकर्ताओं की ओर से कहानियां सुनाकर उनमें शिक्षा के प्रति रुचि बढ़ाई जा रही है। बेसिक विद्यालयों में संचालित होने वाले मिड-डे मील की तर्ज पर ही सेंटरों के बच्चों को सूखा राशन दिया जा रहा है। जल्द ही इन बच्चों को सूखा राशन की जगह पुष्टाहार दिए जाने की तैयारी चल रही है। कोरोना काल में शासन के निर्देश पर आंगनबाड़ी सेंटर बंद कर दिए गए थे। चार अक्तूबर से सेंटरों का सप्ताह में दो दिन संचालन शुरू कर दिया गया है।
वर्जन
फोटो संख्या-11
शासन की ओर से आंगनबाड़ी केंद्रों को प्ले ग्रुप स्कूल के रूप में संचालित करने का आदेश पहले से ही है। व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने पर जोर चल रहा है। पहले से ही बच्चों को अक्षर आदि का ज्ञान दिया जा रहा है। व्यवस्था दुरुस्त होते ही सेंटर प्ले ग्रुप के रूप में परिवर्तित हो जाएंगे। -रवीश गुप्ता, डीएम