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Sultanpur News: 27 साल बाद तिहरे हत्याकांड में 14 आरोपी साक्ष्य के अभाव में बरी
Wed, 25 Dec 2024 06:56 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Wed, 25 Dec 2024 06:56 PM IST
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सुल्तानपुर। अमेठी के जगदीशपुर थाना क्षेत्र में 27 साल पूर्व हुए तिहरे हत्याकांड में मंगलवार को एडीजे प्रथम संतोष कुमार ने 14 आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है। सात मार्च 1997 को दिनदहाड़े फायरिंग कर तीन लोगों की हत्या कर दी गई थी।
जगदीशपुर थाने के पालपुर निवासी श्रीकांत उर्फ श्यामू श्रीवास्तव ने मुकदमा दर्ज कराया था कि वे इंडो गल्फ फैक्टरी में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन में शामिल होने के लिए अपने भाई कमलाकांत व अन्य साथियों के साथ जा रहे थे। जाफरगंज धर्मकांटा के पास आरोपियों ने सड़क पर ट्रक व दो अन्य वाहन खड़ा कर रास्ता अवरुद्ध कर दिया था। आरोपी मो. नईम व अन्य आरोपियों ने फायरिंग शुरू कर दी थी।
आरोपियों में मो. नईम के साथ उसके पिता मोहम्मद शरीफ, रऊफ, मोहम्मद अयूब, कयूम, वासिक, नासिर, जुबेर, अतीक, इरशाद, रामलाल, मोहम्मद उमर, जगदीश, बाल मुकुंद, राकेश, रमेश तिवारी, कासिम, विजय अवस्थी समेत 20 आरोपी शामिल थे। फायरिंग में कमलाकांत, सुरेश व अजय वर्मा गंभीर रूप से घायल हो गए। तीनों को अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सक ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था।
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मामले की सुनवाई करीब 27 साल तक चली। मंगलवार को कोर्ट ने आरोपी मो. नईम समेत 14 आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है।
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जगदीशपुर थाने के पालपुर निवासी श्रीकांत उर्फ श्यामू श्रीवास्तव ने मुकदमा दर्ज कराया था कि वे इंडो गल्फ फैक्टरी में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन में शामिल होने के लिए अपने भाई कमलाकांत व अन्य साथियों के साथ जा रहे थे। जाफरगंज धर्मकांटा के पास आरोपियों ने सड़क पर ट्रक व दो अन्य वाहन खड़ा कर रास्ता अवरुद्ध कर दिया था। आरोपी मो. नईम व अन्य आरोपियों ने फायरिंग शुरू कर दी थी।
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आरोपियों में मो. नईम के साथ उसके पिता मोहम्मद शरीफ, रऊफ, मोहम्मद अयूब, कयूम, वासिक, नासिर, जुबेर, अतीक, इरशाद, रामलाल, मोहम्मद उमर, जगदीश, बाल मुकुंद, राकेश, रमेश तिवारी, कासिम, विजय अवस्थी समेत 20 आरोपी शामिल थे। फायरिंग में कमलाकांत, सुरेश व अजय वर्मा गंभीर रूप से घायल हो गए। तीनों को अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सक ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था।
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मामले की सुनवाई करीब 27 साल तक चली। मंगलवार को कोर्ट ने आरोपी मो. नईम समेत 14 आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है।

महंगापुर के श्री गुरु तेग बहादुर स्कूल में कबड्डी में प्रतिभाग करते स्कूली बच्चे। संवाद