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शैक्षिक संस्थानों को न बनाया जाए राजनीति का अखाड़ा

Mon, 06 Jan 2020 10:33 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 06 Jan 2020 10:33 PM IST
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Academic institutions should not be made the arena of politics
अमेठी। ससंदीय क्षेत्र के एक दिवसीय भम्रण पर पहुंचीं केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने राजस्थान में बच्चों की मौत व जेएनयू की घटना पर कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। उन्होंने शैक्षिक संस्थाओं को राजनीति का अखाड़ा नहीं बनाने की बात कहते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं बच्चों के जीवन पर असर डालती हैं।
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स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में राजस्थान में हुई बच्चों की मौत को प्रदेश सरकार की विफलता बताते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार से संवाद स्थापित किया होता तो यह समस्या नहीं आती।
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केंद्रीय बाल विकास एवं पुष्टाहार तथा वस्त्र मंत्री स्मृति ईरानी सोमवार को अपने एक दिवसीय दौरे पर संसदीय क्षेत्र अमेठी पहुंचीं। इस दौरान स्मृति जेनयू में प्रोफेसर व छात्र संघ अध्यक्ष पर हुए हमले और राजस्थान में बड़ी संख्या में हुई बच्चों की मौत पर खुलकर बोलीं।
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स्मृति ने जेनयू की घटना को दुखद बताते हुए कहा कि केंद्र सरकार पूरे मामले की जांच करवा रही है। जांच के दौरान किसी भी जिम्मेदार व्यक्ति को अनर्गल बयानबाजी से बचना चाहिए। बावजूद इसके मेरा मानना है कि शैक्षिक केंद्रों को राजनीति का अखाड़ा नहीं बनाना चाहिए।
ऐसा करने वाले राजनीतिक दलों को भी आड़े हाथों लिया। स्मृति ने कोटा स्थित एक अस्पताल में बड़ी संख्या में बच्चों की हुई मौत पर राजस्थान सरकार को कठघरे में खड़ा किया। मंत्री ने कहा स्वास्थ्य सेवा के लिए कोई गरीब आता है तो उसकी अपेक्षा होती है कि उसके पास पैसे भले ही न हों लेकिन सरकारी संस्थान से उसे संरक्षण व सेवा प्राप्त होगी।

यह प्रदेश सरकार की जिम्मेदारी भी बनती है कि उसे वह सुविधा मुहैया करवाई जाए। स्मृति ने कहा अस्पताल के मेडिकल ऑफिसर्स ने बच्चों के इलाज में घोर लापरवाही बरती है। राजस्थान सरकार ने केंद्र सरकार की ओर की गई मदद की पहल को स्वीकार किया होता तो बच्चों की मौत रोकी जा सकती थी। स्मृति ने सचिन पायलट के उस बयान का भी स्वागत किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि हमें गलती को स्वीकार करना चाहिए।
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