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Sultanpur News: गंभीर मरीजों के लिए बनेगा क्रिटिकल केयर यूनिट
Sat, 27 Dec 2025 11:27 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Sat, 27 Dec 2025 11:27 PM IST
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मेडिकल काॅलेज में बन रही क्रिटिकल केयर यूनिट।
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सुल्तानपुर। किडनी, लिवर, हृदय, कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों का अब जिले में ही इलाज संभव होगा। इसके लिए मेडिकल कॉलेज परिसर में 100 बेड का सीसीयू (क्रिटिकल केयर यूनिट) बन रहा है। आपातकालीन परिस्थितियों में गंभीर मरीजों को गोल्डन आवर में बेहतर इलाज उपलब्ध हो सकेगा।
मार्ग दुर्घटना व गोलीकांड के मरीजों को हायर सेंटर रेफर नहीं किया जाएगा। यहीं पर इलाज की व्यवस्था हो जाएगी। परिसर में बन रहे भवन का निर्माण कार्य अब अंतिम चरण में पहुंच गया है।
पीएम अभिम (प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन) योजना के तहत मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी के बगल 33,26.57 लाख रूपये से तीन तल के 100 बेड का क्रिटिकल केयर यूनिट बनाई जा रही है। इसमें हाईटेक मॉनीटरिंग सिस्टम, वेंटिलेटर, विशेष आईसीयू बेड, इमरजेंसी लाइफ सपोर्ट इक्विपमेंट, वेंटिलेशन यूनिट, महिला मरीजों के लिए अलग सेक्शन व गंभीर व असहाय मरीजों के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी। इसमें जानलेवा बीमारियों और गंभीर चोटों जैसे, हार्ट अटैक, स्ट्रोक, दुर्घटनाएं, सांस लेने में दिक्कत से जूझ रहे मरीजों को गहन और जीवन-रक्षक चिकित्सा सेवाएं प्रदान की जाएंगी। यहां प्रशिक्षित डॉक्टर और नर्स 24 घंटे मौजूद रहेंगे। सब कुछ ठीक रहा तो नए सत्र में इसका निर्माण पूरा हो जाएगा। इसके शुरू होने से मेडिकल काॅलेज की ओपीडी व इमरजेंसी में मरीजों का दबाव भी कम हो जाएगा।
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जिले में हार्ट अटैक व हृदय रोगियों का इलाज भी बेहतर हो जाएगा। आपात परिस्थिति से निपटने के लिए यह विंग काफी कारगर सिद्ध होगी। मेडिकल काॅलेज के प्राचार्य डॉ. सलिल श्रीवास्तव ने बताया कि निर्माण कार्य चल रहा है। इसका संचालन होने पर गंभीर रूप से बीमार मरीजों को इलाज में सहूलियत मिलेगी। गोलीकांड व मार्ग दुर्घटना में गंभीर रूप से घायलों को हायर सेंटर रेफर नहीं करना पड़ेगा।
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मार्ग दुर्घटना व गोलीकांड के मरीजों को हायर सेंटर रेफर नहीं किया जाएगा। यहीं पर इलाज की व्यवस्था हो जाएगी। परिसर में बन रहे भवन का निर्माण कार्य अब अंतिम चरण में पहुंच गया है।
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पीएम अभिम (प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन) योजना के तहत मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी के बगल 33,26.57 लाख रूपये से तीन तल के 100 बेड का क्रिटिकल केयर यूनिट बनाई जा रही है। इसमें हाईटेक मॉनीटरिंग सिस्टम, वेंटिलेटर, विशेष आईसीयू बेड, इमरजेंसी लाइफ सपोर्ट इक्विपमेंट, वेंटिलेशन यूनिट, महिला मरीजों के लिए अलग सेक्शन व गंभीर व असहाय मरीजों के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी। इसमें जानलेवा बीमारियों और गंभीर चोटों जैसे, हार्ट अटैक, स्ट्रोक, दुर्घटनाएं, सांस लेने में दिक्कत से जूझ रहे मरीजों को गहन और जीवन-रक्षक चिकित्सा सेवाएं प्रदान की जाएंगी। यहां प्रशिक्षित डॉक्टर और नर्स 24 घंटे मौजूद रहेंगे। सब कुछ ठीक रहा तो नए सत्र में इसका निर्माण पूरा हो जाएगा। इसके शुरू होने से मेडिकल काॅलेज की ओपीडी व इमरजेंसी में मरीजों का दबाव भी कम हो जाएगा।
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जिले में हार्ट अटैक व हृदय रोगियों का इलाज भी बेहतर हो जाएगा। आपात परिस्थिति से निपटने के लिए यह विंग काफी कारगर सिद्ध होगी। मेडिकल काॅलेज के प्राचार्य डॉ. सलिल श्रीवास्तव ने बताया कि निर्माण कार्य चल रहा है। इसका संचालन होने पर गंभीर रूप से बीमार मरीजों को इलाज में सहूलियत मिलेगी। गोलीकांड व मार्ग दुर्घटना में गंभीर रूप से घायलों को हायर सेंटर रेफर नहीं करना पड़ेगा।