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प्रसाधनों के निर्माण में मनरेगा की बाध्यता खत्म
Sultanpur
Updated Tue, 28 Oct 2014 05:31 AM IST
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प्रसाधनों के निर्माण में मनरेगा की बाध्यता खत्म
अमर उजाला ब्यूरो
सुल्तानपुर। राष्ट्रीय स्वच्छता कार्यक्रम के तहत बनवाए जा रहे प्रसाधनों में केंद्र सरकार ने मनरेगा के साझे की बाध्यता खत्म कर दी है। केंद्र के नए निर्देश के तहत अब प्रसाधनों का निर्माण केवल राष्ट्रीय स्वच्छता कार्यक्रम की धनराशि से ही किया जाएगा। नई गाइड लाइन शासन ने भेज दी है। मनरेगा की बाध्यता खत्म होने से प्रसाधनों के निर्माण में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
केंद्र के नए आदेश के तहत प्रसाधनों के निर्माण में ग्राम पंचायतें यदि जरूरत समझेंगी तो वे लेबर आदि का कार्य मनरेगा से करा सकती हैं लेकिन इसकी बाध्यता नहीं है। प्रसाधनों के निर्माण में लगने वाली सामग्री अब निर्मल भारत अभियान के तहत मिली धनराशि से ही खरीदी जा सकेगी। शासन से भेजी गई रिपोर्ट पर केंद्र सरकार ने लागू गाइड लाइन में संशोधन कर दिया है। नए निर्देश के तहत अब प्रसाधनों का निर्माण केवल निर्मल भारत अभियान के तहत मिलने वाली धनराशि से ही कराया जाएगा। केंद्र ने आदेश जारी करते हुए शासन को भेज दिया है। पंचायत राज विभाग को नई गाइडलाइन के मुताबिक कार्य कराने के निर्देश दिए गए हैं। नई गाइड लाइन से प्रसाधनों के निर्माण में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
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अमर उजाला ब्यूरो
सुल्तानपुर। राष्ट्रीय स्वच्छता कार्यक्रम के तहत बनवाए जा रहे प्रसाधनों में केंद्र सरकार ने मनरेगा के साझे की बाध्यता खत्म कर दी है। केंद्र के नए निर्देश के तहत अब प्रसाधनों का निर्माण केवल राष्ट्रीय स्वच्छता कार्यक्रम की धनराशि से ही किया जाएगा। नई गाइड लाइन शासन ने भेज दी है। मनरेगा की बाध्यता खत्म होने से प्रसाधनों के निर्माण में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
केंद्र के नए आदेश के तहत प्रसाधनों के निर्माण में ग्राम पंचायतें यदि जरूरत समझेंगी तो वे लेबर आदि का कार्य मनरेगा से करा सकती हैं लेकिन इसकी बाध्यता नहीं है। प्रसाधनों के निर्माण में लगने वाली सामग्री अब निर्मल भारत अभियान के तहत मिली धनराशि से ही खरीदी जा सकेगी। शासन से भेजी गई रिपोर्ट पर केंद्र सरकार ने लागू गाइड लाइन में संशोधन कर दिया है। नए निर्देश के तहत अब प्रसाधनों का निर्माण केवल निर्मल भारत अभियान के तहत मिलने वाली धनराशि से ही कराया जाएगा। केंद्र ने आदेश जारी करते हुए शासन को भेज दिया है। पंचायत राज विभाग को नई गाइडलाइन के मुताबिक कार्य कराने के निर्देश दिए गए हैं। नई गाइड लाइन से प्रसाधनों के निर्माण में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
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