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39 हजार बेघरों को चाहिए सरकारी आवास
Sultanpur
Updated Mon, 14 Oct 2013 05:38 AM IST
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सुल्तानपुर। जिले में करीब 39 हजार लोगों के पास मकान नहीं हैं। उन्हें व उनके परिजनों को रहने के लिए आवास की दरकार है। यह स्थिति ग्राम्य विकास अभिकरण द्वारा इंदिरा आवासों के लिए मांगी गई पात्रों की सूची में सामने आई है लेकिन सभी जरूरत मंदों को इस वर्ष आवास मिलना संभव नहीं है। विभाग के पास करीब 17 हजार ही आवास हैं और मांग दोगुने से भी अधिक है। इसे देखते हुए विभाग ने पात्रों के सत्यापन का निर्णय
लिया है। मौजूदा वित्तीय वर्ष में इंदिरा आवास के लिए तय करीब 13 हजार के लक्ष्य को पूरा करने को ग्राम्य विकास अभिकरण ने ब्लॉकों से पात्रों की सूची मांगी थी। ग्राम पंचायतों के माध्यम से आई सूची में जिले में आवास चाहने वालों का आंकड़ा 39 हजार है। हालांकि ग्राम्य विकास अभिकरण के पास गत वर्ष के करीब साढ़े चार हजार इंदिरा आवास शेष हैं। इस तरह आवासों का लक्ष्य करीब 17 हजार पहुंच गया। इसके बाद भी डिमांड पूरी नहीं हो पा रही थी। दोगुने से अधिक मांग को देखते हुए अधिकारियों ने आगे की कार्रवाई रोक दी और सूची का ब्लॉकों से सत्यापन कराने का निर्णय लिया। विभागीय सूत्र बताते हैं कि ब्लॉकोें के माध्यम से आवास के लिए आई सूची में त्रुटियां हैं। इसमें ऐसे भी नाम शामिल किए गए जो स्थाई पात्रता सूची में नहीं है। स्थाई पात्रता सूची में शामिल कुछ लोगों के आलीशान मकान हैं। सूची में एक ही घर के दो-तीन सदस्यों को शामिल किया गया है। भारी भरकम सूची को देखते हुए ग्राम्य विकास अभिकरण ने इसका सत्यापन कराने का निर्णय लिया है।
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लिया है। मौजूदा वित्तीय वर्ष में इंदिरा आवास के लिए तय करीब 13 हजार के लक्ष्य को पूरा करने को ग्राम्य विकास अभिकरण ने ब्लॉकों से पात्रों की सूची मांगी थी। ग्राम पंचायतों के माध्यम से आई सूची में जिले में आवास चाहने वालों का आंकड़ा 39 हजार है। हालांकि ग्राम्य विकास अभिकरण के पास गत वर्ष के करीब साढ़े चार हजार इंदिरा आवास शेष हैं। इस तरह आवासों का लक्ष्य करीब 17 हजार पहुंच गया। इसके बाद भी डिमांड पूरी नहीं हो पा रही थी। दोगुने से अधिक मांग को देखते हुए अधिकारियों ने आगे की कार्रवाई रोक दी और सूची का ब्लॉकों से सत्यापन कराने का निर्णय लिया। विभागीय सूत्र बताते हैं कि ब्लॉकोें के माध्यम से आवास के लिए आई सूची में त्रुटियां हैं। इसमें ऐसे भी नाम शामिल किए गए जो स्थाई पात्रता सूची में नहीं है। स्थाई पात्रता सूची में शामिल कुछ लोगों के आलीशान मकान हैं। सूची में एक ही घर के दो-तीन सदस्यों को शामिल किया गया है। भारी भरकम सूची को देखते हुए ग्राम्य विकास अभिकरण ने इसका सत्यापन कराने का निर्णय लिया है।
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