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ग्रामीणों ने शव रख किया प्रदर्शन
Sultanpur
Updated Sun, 11 Nov 2012 12:00 PM IST
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अमेठी। शुक्रवार को फॉल्ट दुरुस्त करते समय झुलसने से हुई संविदा कर्मी की मौत मामले ने तूल पकड़ लिया। शनिवार को पोस्टमॉर्टम के बाद शव गांव पहुंचा तो ग्रामीण भड़क गए। आक्रोशित लोग एसएसओ (उपकेंद्र प्रभारी) पर केस दर्ज करने व मृतक के बेटे को नौकरी देने की मांग को लेकर भेंटुआ ब्लॉक के सामने सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन शुरु कर दिया। घंटो चला प्रदर्शन विधायक के आश्वासन पर खत्म हुआ।
धम्मौर थाने के धारमीर का पुरवा निवासी रमेश कश्यप भेंटुआ विद्युत उपकेंद्र पर बतौर संविदा कर्मी तैनात था। शुक्रवार दोपहर उपकेंद्र परिसर में आई खराबी को दूर करने के लिए वह पोल पर चढ़ा था। इसी बीच अचानक आपूर्ति चालू होने से रमेश गंभीर रूप से झुलस गया था। बाद में इलाज के दौरान संविदाकर्मी की मौत हो गई। मौत के बाद सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम कराया। शनिवार दोपहर बाद रमेश का शव गांव पहुंचा तो ग्रामीण भड़क गए। आक्रोशित ग्रामीणों ने अमेठी-सुल्तानपुर मार्ग स्थित भेंटुआ ब्लॉक मुख्यालय के सामने संविदा कर्मी का शव रखकर जाम लगा दिया। लोग फॉल्ट दुरुस्त करते समय आपूर्ति देने वाले एसएसओ के खिलाफ केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार करने और दुर्घटना बीमा के साथ ही मृतक के पुत्र को नौकरी देने की मांग कर रहे थे। जाम की सूचना मिलते ही अधिकारियों के हाथ पांव फूल गए। मौके पर पहुंचे तहसीलदार राजनारायण त्रिपाठी व नायब अजीत सिंह ने ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीण शांत नहीं हुआ। इस बीच मौके पर पहुंचे क्षेत्रीय विधायक गायत्री प्रजापति ने पीड़ित परिजनों को 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने के साथ ही उनकी सभी मांगे पूरी कराने का भरोसा दिलाया। इसके बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क जाम समाप्त किया।
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धम्मौर थाने के धारमीर का पुरवा निवासी रमेश कश्यप भेंटुआ विद्युत उपकेंद्र पर बतौर संविदा कर्मी तैनात था। शुक्रवार दोपहर उपकेंद्र परिसर में आई खराबी को दूर करने के लिए वह पोल पर चढ़ा था। इसी बीच अचानक आपूर्ति चालू होने से रमेश गंभीर रूप से झुलस गया था। बाद में इलाज के दौरान संविदाकर्मी की मौत हो गई। मौत के बाद सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम कराया। शनिवार दोपहर बाद रमेश का शव गांव पहुंचा तो ग्रामीण भड़क गए। आक्रोशित ग्रामीणों ने अमेठी-सुल्तानपुर मार्ग स्थित भेंटुआ ब्लॉक मुख्यालय के सामने संविदा कर्मी का शव रखकर जाम लगा दिया। लोग फॉल्ट दुरुस्त करते समय आपूर्ति देने वाले एसएसओ के खिलाफ केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार करने और दुर्घटना बीमा के साथ ही मृतक के पुत्र को नौकरी देने की मांग कर रहे थे। जाम की सूचना मिलते ही अधिकारियों के हाथ पांव फूल गए। मौके पर पहुंचे तहसीलदार राजनारायण त्रिपाठी व नायब अजीत सिंह ने ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीण शांत नहीं हुआ। इस बीच मौके पर पहुंचे क्षेत्रीय विधायक गायत्री प्रजापति ने पीड़ित परिजनों को 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने के साथ ही उनकी सभी मांगे पूरी कराने का भरोसा दिलाया। इसके बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क जाम समाप्त किया।
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