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कृषि ऋण मोचन योजना
Updated Mon, 10 Jul 2017 10:48 PM IST
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89 हजार किसान होंगे कर्जमुक्त
- सरकार पर आएगा 508.86 करोड़ रुपये का भार
- आधार, नॉन आधार सीडिंग एवं नॉन प्लाट सीडेड की बनाई जा रही सूची
- 10 अगस्त से शुरू होगी ऋण माफी
अमर उजाला ब्यूरो
सुल्तानपुर। किसानों का फसली ऋण माफ करने के लिए सरकार की ओर से शुरू की गई कृषि ऋण मोचन योजना के दायरे में जिले के 89,669 किसान आएंगे। इसमें लघु एवं सीमांत किसानों को शामिल किया गया है। शासन के निर्देश पर योजना के दायरे में आने वाले किसानों की संख्या एकत्र कर ली गई है। प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
सरकारी आंकड़ों की मानें तो 89,669 किसानों के फसली ऋण माफी पर सरकार पर करीब 508.86 करोड़ रुपये का वित्तीय भार आएगा। लघु एवं सीमांत किसानों का एक लाख रुपये तक का फसली ऋण माफ करने के लिए सरकार बैंकों को पैसा देगी। धनराशि जिला कृषि अधिकारी के पास आएगी। जिले स्तर पर गठित समिति के सचिव व मुख्य विकास अधिकारी राम यज्ञ मिश्र ने बताया कि किसानों का एक लाख रुपये तक का फसली ऋण माफ करने के लिए आधार सीडेड, नॉन आधार सीडेड व नॉन प्लाट सीडेड की सूची बनाई जा रही है। जिला मुख्यालय, तहसील व ब्लॉक मुख्यालयों पर योजना के दायरे में आने वाले किसानों की सूची लगेगी। सूची का निरीक्षण कर किसान अपना बैंक खाता नंबर, आधार नंबर एवं गाटा नंबर का मिलान कर सकेंगे। त्रुटियों पर उसे संशोधित किया जाएगा। सूची संशोधित होने के बाद सबसे पहले आधार सीडिंग वाले किसानों का 10 अगस्त से कर्ज माफ किया जाएगा। इसके बाद सितंबर में नॉन आधार सीडिंग वालों का कर्ज माफ किया जाएगा। अंत में अक्तूबर में नॉन प्लाट सीडिंग वाले किसानों की कर्ज माफी की प्रक्रिया शुरू होगी।
इनसेट
14 टीमों का गठन
कृषि ऋण मोचन योजना में आने वाले विवादों के निस्तारण के लिए 14 टीमों का गठन किया गया है। पहले बैंक स्तर पर प्रकरण का निस्तारण किया जाएगा। बैंक स्तर पर मामला तय नहीं होने पर जिला, मंडल व प्रदेश स्तर पर गठित टीम उसका निस्तारण करेगी। जिला स्तर पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में टीम गठित है।
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इनसेट
डीईओ जिले के नोडल
योजना के मद्देनजर जिला व तहसील स्तर पर नोडल अधिकारी नामित किए गए हैं। जिला स्तर पर जिला कृषि अधिकारी को नोडल बनाया गया है। तहसीलों में तहसीलदार को नोडल नामित किया गया है।
इनसेट
हेल्पलाइन स्थापित
फोटो संख्या-45
मुख्य विकास अधिकारी/ योजना के सचिव राम यज्ञ मिश्र ने बताया कि किसानों की सहायता के लिए जिला स्तर पर एक हेल्पलाइन स्थापित की गई है। जिला कृषि अधिकारी की देखरेख में हेल्पलाइन को संचालित किया जा रहा है। इसमें कर्मी भी लगाए गए हैं। उन्हें किसान समस्याओं की दूर करने का निर्देश दिया गया है।
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- सरकार पर आएगा 508.86 करोड़ रुपये का भार
- आधार, नॉन आधार सीडिंग एवं नॉन प्लाट सीडेड की बनाई जा रही सूची
- 10 अगस्त से शुरू होगी ऋण माफी
अमर उजाला ब्यूरो
सुल्तानपुर। किसानों का फसली ऋण माफ करने के लिए सरकार की ओर से शुरू की गई कृषि ऋण मोचन योजना के दायरे में जिले के 89,669 किसान आएंगे। इसमें लघु एवं सीमांत किसानों को शामिल किया गया है। शासन के निर्देश पर योजना के दायरे में आने वाले किसानों की संख्या एकत्र कर ली गई है। प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
सरकारी आंकड़ों की मानें तो 89,669 किसानों के फसली ऋण माफी पर सरकार पर करीब 508.86 करोड़ रुपये का वित्तीय भार आएगा। लघु एवं सीमांत किसानों का एक लाख रुपये तक का फसली ऋण माफ करने के लिए सरकार बैंकों को पैसा देगी। धनराशि जिला कृषि अधिकारी के पास आएगी। जिले स्तर पर गठित समिति के सचिव व मुख्य विकास अधिकारी राम यज्ञ मिश्र ने बताया कि किसानों का एक लाख रुपये तक का फसली ऋण माफ करने के लिए आधार सीडेड, नॉन आधार सीडेड व नॉन प्लाट सीडेड की सूची बनाई जा रही है। जिला मुख्यालय, तहसील व ब्लॉक मुख्यालयों पर योजना के दायरे में आने वाले किसानों की सूची लगेगी। सूची का निरीक्षण कर किसान अपना बैंक खाता नंबर, आधार नंबर एवं गाटा नंबर का मिलान कर सकेंगे। त्रुटियों पर उसे संशोधित किया जाएगा। सूची संशोधित होने के बाद सबसे पहले आधार सीडिंग वाले किसानों का 10 अगस्त से कर्ज माफ किया जाएगा। इसके बाद सितंबर में नॉन आधार सीडिंग वालों का कर्ज माफ किया जाएगा। अंत में अक्तूबर में नॉन प्लाट सीडिंग वाले किसानों की कर्ज माफी की प्रक्रिया शुरू होगी।
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14 टीमों का गठन
कृषि ऋण मोचन योजना में आने वाले विवादों के निस्तारण के लिए 14 टीमों का गठन किया गया है। पहले बैंक स्तर पर प्रकरण का निस्तारण किया जाएगा। बैंक स्तर पर मामला तय नहीं होने पर जिला, मंडल व प्रदेश स्तर पर गठित टीम उसका निस्तारण करेगी। जिला स्तर पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में टीम गठित है।
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डीईओ जिले के नोडल
योजना के मद्देनजर जिला व तहसील स्तर पर नोडल अधिकारी नामित किए गए हैं। जिला स्तर पर जिला कृषि अधिकारी को नोडल बनाया गया है। तहसीलों में तहसीलदार को नोडल नामित किया गया है।
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हेल्पलाइन स्थापित
फोटो संख्या-45
मुख्य विकास अधिकारी/ योजना के सचिव राम यज्ञ मिश्र ने बताया कि किसानों की सहायता के लिए जिला स्तर पर एक हेल्पलाइन स्थापित की गई है। जिला कृषि अधिकारी की देखरेख में हेल्पलाइन को संचालित किया जा रहा है। इसमें कर्मी भी लगाए गए हैं। उन्हें किसान समस्याओं की दूर करने का निर्देश दिया गया है।