{"_id":"650350f35251a68b1c03853d","slug":"80-bigha-crop-drowned-in-dhanpatganj-sultanpur-news-c-103-1-slko1044-2734-2023-09-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sultanpur News: धनपतगंज में 80 बीघा फसल डूबी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sultanpur News: धनपतगंज में 80 बीघा फसल डूबी
Thu, 14 Sep 2023 11:59 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Thu, 14 Sep 2023 11:59 PM IST
विज्ञापन
धनपतगंज के बगियवा गांव के पास नदी का जलस्तर बढ़ने से हो रहा कटान। -संवाद
धनपतगंज (सुल्तानपुर)। लगातार बढ़ रहे गोमती नदी के जलस्तर से क्षेत्र के करीब आधा दर्जन गांवों के किनारे तक पानी पहुंच गया है। इससे कटान का खतरा बढ़ गया है। करीब 80 बीघा की फसल डूब गई है। पशुओं के चारे का संकट खड़ा हो गया है। इसे देखते हुए ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है।
पश्चिमी जिलों में हो रही बारिश से गोमती नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। इससे क्षेत्र के बगीयवा, कोलिया, जसारपुर, अमऊ और शुकलाने गांव के किनारे तक पानी पहुंच गया है। इन गांवों की कृषि भूमि पानी की चपेट में आ गई है। करीब 80 बीघा कृषि भूमि डूब गई है। पानी में समा गईं अधिकांश फसलें धान व हरे चारे की हैं। किसानों के सामने पशुओं के लिए हरे चारे का संकट खड़ा गया है।
शुकलाने गांव निवासी गोमती प्रसाद ने बताया कि चार लट्ठा चौड़ाई में नदी ने कटान किया है। बाजरा, धान और तिल्ली की लहलहाती फसल डूब गई है। जज्जौर के प्रधान श्रवण कुमार यादव और अमऊ के प्रधान प्रतिनिधि बबलू मिश्रा ने बताया कि प्रभावित गांवों की करीब 80 बीघे भूमि डूब गई है। नदी का जलस्तर यदि एक फीट और बढ़ा तो काफी नुकसान हो जाएगा। पानी पर नजर रखा जा रहा है।
विज्ञापन
बगीयवा गांव के पंडा यादव व महेश ने बताया कि अभी तक सांसद व विधायक की ओर से गांव के किनारे बंधा नहीं बनवाया जा सका जबकि बाढ़ में हर वर्ष फसलों का नुकसान होता है। वर्ष 2008 में आई बाढ़ से काफी ग्रामीण गांव से पलायन कर गए।
24 घंटे में करीब एक मीटर बढ़ा जलस्तर
बारिश से गोमती का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। 24 घंटे में नदी के जलस्तर में करीब एक मीटर की बढ़ोतरी हुई है। बृहस्पतिवार को जलस्तर 82.990 मिलीमीटर तक पहुंच गया। अपर जिलाधिकारी मनोज कुमार पांडेय ने बताया कि बाढ़ पर लगातार नजर रखी जा रही है। सूचना मिलने पर प्रभावित लोगों को सहायता पहुंचाई जाएगी।
विज्ञापन
पश्चिमी जिलों में हो रही बारिश से गोमती नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। इससे क्षेत्र के बगीयवा, कोलिया, जसारपुर, अमऊ और शुकलाने गांव के किनारे तक पानी पहुंच गया है। इन गांवों की कृषि भूमि पानी की चपेट में आ गई है। करीब 80 बीघा कृषि भूमि डूब गई है। पानी में समा गईं अधिकांश फसलें धान व हरे चारे की हैं। किसानों के सामने पशुओं के लिए हरे चारे का संकट खड़ा गया है।
विज्ञापन
शुकलाने गांव निवासी गोमती प्रसाद ने बताया कि चार लट्ठा चौड़ाई में नदी ने कटान किया है। बाजरा, धान और तिल्ली की लहलहाती फसल डूब गई है। जज्जौर के प्रधान श्रवण कुमार यादव और अमऊ के प्रधान प्रतिनिधि बबलू मिश्रा ने बताया कि प्रभावित गांवों की करीब 80 बीघे भूमि डूब गई है। नदी का जलस्तर यदि एक फीट और बढ़ा तो काफी नुकसान हो जाएगा। पानी पर नजर रखा जा रहा है।
विज्ञापन
बगीयवा गांव के पंडा यादव व महेश ने बताया कि अभी तक सांसद व विधायक की ओर से गांव के किनारे बंधा नहीं बनवाया जा सका जबकि बाढ़ में हर वर्ष फसलों का नुकसान होता है। वर्ष 2008 में आई बाढ़ से काफी ग्रामीण गांव से पलायन कर गए।
24 घंटे में करीब एक मीटर बढ़ा जलस्तर
बारिश से गोमती का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। 24 घंटे में नदी के जलस्तर में करीब एक मीटर की बढ़ोतरी हुई है। बृहस्पतिवार को जलस्तर 82.990 मिलीमीटर तक पहुंच गया। अपर जिलाधिकारी मनोज कुमार पांडेय ने बताया कि बाढ़ पर लगातार नजर रखी जा रही है। सूचना मिलने पर प्रभावित लोगों को सहायता पहुंचाई जाएगी।