775 प्रधानों ने संभाली गांव की कमान
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पंचायत चुनाव में विजयी हुए प्रधानों एवं ग्राम पंचायत सदस्यों को शपथ दिलाने के लिए प्रशासन की ओर से सभी ब्लॉकों पर समारोह का आयोजन किया गया था। ब्लॉकों पर आयोजित कार्यक्रम में रविवार को जिले के 775 नवनिर्वाचित ग्राम प्रधानों ने अपने गांव की सत्ता संभाल ली। प्रशासन की ओर से नामित अधिकारियों ने नवनिर्वाचित ग्राम प्रधानों को शपथ दिलाई। प्रधानों ने बिना भेदभाव के ग्राम पंचायत का विकास कार्य करने की शपथ ली। प्रधानों के साथ ही ग्राम पंचायत सदस्यों को भी शपथ दिलाई गई। गांव की सत्ता के शपथ ग्रहण समारोह को लेकर ब्लॉकों पर काफी गहमागहमी रही।
नवनिर्वाचित प्रधानों व ग्राम पंचायत सदस्यों के साथ उनके समर्थक भी काफी संख्या में ब्लॉक मुख्यालय पहुंच गए थे। भीड़ अधिक होने से अधिकतर ब्लॉकों पर शपथ ग्रहण कार्यक्रम देर से शुरू हुआ। शपथ ग्रहण के बाद नवनिर्वाचित प्रधान अस्तित्व में आ गए हैं। रविवार को समारोह में गांव की सरकार की कमान संभालने वाले प्रधान 26 दिसंबर को कार्यों का वितरण करेंगे। प्रशासन की ओर कार्य के संचालन के लिए ग्राम पंचायत की समितियों को गठित करने का कार्यक्रम जारी किया जा चुका है।
प्रशासन ने इसके लिए ग्राम पंचायत की खुली बैठक बुलाई है। जिलाधिकारी एस राजलिंगम ने ग्राम पंचायतों की बैठक कराने की जिम्मेदारी खंड विकास अधिकारियों को दी है। ग्राम पंचायत अधिकारियों को बैठकों में मौजूद रहने का निर्देश दिया गया है। ब्लॉकों पर आयोजित शपथ ग्रहण समारोह का डीएम एस राजलिंगम, मुख्य विकास अधिकारी राम यज्ञ मिश्र समेत अन्य अधिकारियों ने निरीक्षण भी किया।
इनामी अपराधी को पुलिस खोजती रही और अफसरों ने करा दी शपथ
दोस्तपुर विकास खंड के गोरई ग्राम पंचायत के निर्विरोध निर्वाचित इनामी अपराधी राम सागर यादव को रविवार को पुलिस खोजती रही। नामांकन में हुई फजीहत को देखते हुए ब्लॉक पर उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगा दी गई थी। इसकी वजह से उसका शपथ ग्रहण समारोह में नहीं हो पाया। समारोह के बाद पुलिस ढीली पड़ी तो अधिकारियों ने उससे संपर्क बनाकर शपथ दिला दी। करौंदीकलां में भी एक प्रधान का शपथ ग्रहण तहसीलदार कादीपुर ने ऐसे ही कराया। दोनों प्रधानों की शपथ समारोह के काफी देर बाद हुई। अधिकारियों द्वारा चुपके से शपथ करा देने से पुलिस समारोह के दौरान भी ताकती रह गई।