{"_id":"59ecd6524f1c1b6f548b8887","slug":"61508693586-sultanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गलत साक्ष्य पर स्वीकृत मानचित्र निरस्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गलत साक्ष्य पर स्वीकृत मानचित्र निरस्त
Updated Sun, 22 Oct 2017 11:03 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गलत साक्ष्य पर स्वीकृत मानचित्र निरस्त
क्रासर
नियत प्राधिकारी ने सुनवाई के बाद दिया फैसला
अमर उजाला ब्यूरो
सुल्तानपुर। शहर से सटे नरायनपुर गांव में गलत साक्ष्य के आधार पर एक भूखंड पर स्वीकृत मानचित्र को नियत प्राधिकारी/एसडीएम सदर ने निरस्त कर दिया है। आदेश में नियत प्राधिकारी ने न्यायालय के आदेश को दोनों पक्षों के लिए बाध्यकारी बताया है। प्रकरण में मानचित्र स्वीकृत कराने वालों के खिलाफ पहले ही प्राथमिकी दर्ज हो चुकी है।
शहर से सटे नरायनपुर गांव एक भूखंड पर गलत साक्ष्य के आधार पर मानचित्र स्वीकृत कराने का मामला आया है। जानकारी मिलने पर गांव निवासी आशुतोष मिश्र ने स्वीकृत मानचित्र पर नियत प्राधिकारी के यहां आपत्ति दर्ज कराई थी। आरोप लगाया था कि गांव के दिनेशचंद्र मिश्र ने अपनी सगी बहन मंजू मिश्रा पत्नी मनोज कुमार मिश्र के नाम गलत बैनामा करके गलत साक्ष्यों पर नक्शा स्वीकृत करा लिया है। आपत्ति पर नियत प्राधिकारी/एसडीएम सदर प्रमोद पांडेय ने अवर अभियंता विनियमित क्षेत्र व लेखपाल से निरीक्षण की संयुक्त रिपोर्ट मांगी थी। संयुक्त रिपोर्ट में प्रकरण दीवानी न्यायालय के तहत विचाराधीन पाया गया। दोनों ने अपनी संयुक्त रिपोर्ट में हिस्सेदारी का विवाद दर्शाया था। साथ ही आपत्तिकर्ता आशुतोष मिश्र ने नियत प्राधिकारी को अवगत कराया कि प्रकरण में नक्शा पास कराने एवं बैनामा कराने व करने वालों के खिलाफ मई में ही जालसाजी की प्राथमिकी दर्ज हुई है।
विज्ञापन
क्रासर
नियत प्राधिकारी ने सुनवाई के बाद दिया फैसला
अमर उजाला ब्यूरो
सुल्तानपुर। शहर से सटे नरायनपुर गांव में गलत साक्ष्य के आधार पर एक भूखंड पर स्वीकृत मानचित्र को नियत प्राधिकारी/एसडीएम सदर ने निरस्त कर दिया है। आदेश में नियत प्राधिकारी ने न्यायालय के आदेश को दोनों पक्षों के लिए बाध्यकारी बताया है। प्रकरण में मानचित्र स्वीकृत कराने वालों के खिलाफ पहले ही प्राथमिकी दर्ज हो चुकी है।
शहर से सटे नरायनपुर गांव एक भूखंड पर गलत साक्ष्य के आधार पर मानचित्र स्वीकृत कराने का मामला आया है। जानकारी मिलने पर गांव निवासी आशुतोष मिश्र ने स्वीकृत मानचित्र पर नियत प्राधिकारी के यहां आपत्ति दर्ज कराई थी। आरोप लगाया था कि गांव के दिनेशचंद्र मिश्र ने अपनी सगी बहन मंजू मिश्रा पत्नी मनोज कुमार मिश्र के नाम गलत बैनामा करके गलत साक्ष्यों पर नक्शा स्वीकृत करा लिया है। आपत्ति पर नियत प्राधिकारी/एसडीएम सदर प्रमोद पांडेय ने अवर अभियंता विनियमित क्षेत्र व लेखपाल से निरीक्षण की संयुक्त रिपोर्ट मांगी थी। संयुक्त रिपोर्ट में प्रकरण दीवानी न्यायालय के तहत विचाराधीन पाया गया। दोनों ने अपनी संयुक्त रिपोर्ट में हिस्सेदारी का विवाद दर्शाया था। साथ ही आपत्तिकर्ता आशुतोष मिश्र ने नियत प्राधिकारी को अवगत कराया कि प्रकरण में नक्शा पास कराने एवं बैनामा कराने व करने वालों के खिलाफ मई में ही जालसाजी की प्राथमिकी दर्ज हुई है।
विज्ञापन