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रिश्वत लेकर दिया प्रसाधन अनुदान का चेक
Updated Fri, 23 Jun 2017 10:47 PM IST
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रिश्वत लेकर दिया प्रसाधन अनुदान का चेक
क्रासर
पीड़ित ने पंचायत सचिव पर मढ़ा गंभीर आरोप
वीडियो-सीडी के साथ डीएम से की शिकायत
अमर उजाला ब्यूरो
गौरीगंज। जिला प्रशासन जहां जिले के सभी गांवों को वाह्य प्रसाधन मुक्त करने की कोशिश में जुटा है वहीं उनके मातहत इस पर पानी फेरने में जुटे हैं। ब्लॉक भेंटुआ की ग्राम पंचायत नौगिरवां के एक लाभार्थी ने प्रसाधन निर्माण के चेक के बदले पंचायत सचिव पर एक हजार रुपये घूस लेने की शिकायत डीएम से की है। अन्य दो ग्रामीणों ने भी पंचायत सचिव पर प्रसाधन निर्माण व लोहिया आवास के नाम पर धनराशि मांगने का आरोप लगाया है। पीड़ित का आरोप है कि नामित अधिकारी की जांच पूरी करने के बावजूद डीपीआरओ पंचायत सचिव को बचाने में जुटे हैं।
केंद्र व राज्य सरकार स्वच्छ भारत मिशन के तहत सभी घरों को वाह्य प्रसाधन मुक्त करने की कोशिश में जुटी है। शासन के निर्देश पर इन दिनों जिला प्रशासन पूरे जिले को वाह्य प्रसाधन करने की कवायद में कई कार्यक्रम भी संचालित कर रहा है। हालांकि जिले में इस योजना पर वही अधिकारी पानी फेर रहे हैं जिन पर उसके क्रियान्वयन की जिम्मेदारी है। ब्लॉक भेंटुआ की ग्राम पंचायत नौगिरवां के गांव धारमीरपुर निवासी बलराम यादव ने डीएम को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया कि पंचायत सचिव ने प्रसाधन निर्माण का चेक देने की एवज में बतौर रिश्वत उससे एक हजार रुपये लिए। शिकायती पत्र देने वालों में गांव के राधेश्याम यादव ने सचिव पर प्रसाधन का चेक देने के एवज में तीन हजार व पवन यादव ने लोहिया आवास के नाम पर घूस मांगने की शिकायत की है। बलराम यादव के मुताबिक उसने शिकायती पत्र के साथ घूस लेने की वीडियो सीडी भी उपलब्ध कराई है। यह भी आरोप है कि नामित जांच अधिकारी मामले की जांच कर रिपोर्ट दे चुके हैं, बावजूद इसके डीपीआरओ उमाकांत पांडेय सचिव पर कार्रवाई करने के बजाय उसे बचाने में जुटे हैं।
इनसेट
जारी की गई नोटिस : डीपीआरओ
इस संबंध में डीपीआरओ उमाकांत पांडेय ने पहले तो मामले से अनभिज्ञता जताई फिर कहा कि उनकी ओर से आरोपी सचिव को नोटिस जारी की गई है। नियत समय पर जवाब नहीं देने व उससे संतुष्ट नहीं होने की स्थिति में विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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क्रासर
पीड़ित ने पंचायत सचिव पर मढ़ा गंभीर आरोप
वीडियो-सीडी के साथ डीएम से की शिकायत
अमर उजाला ब्यूरो
गौरीगंज। जिला प्रशासन जहां जिले के सभी गांवों को वाह्य प्रसाधन मुक्त करने की कोशिश में जुटा है वहीं उनके मातहत इस पर पानी फेरने में जुटे हैं। ब्लॉक भेंटुआ की ग्राम पंचायत नौगिरवां के एक लाभार्थी ने प्रसाधन निर्माण के चेक के बदले पंचायत सचिव पर एक हजार रुपये घूस लेने की शिकायत डीएम से की है। अन्य दो ग्रामीणों ने भी पंचायत सचिव पर प्रसाधन निर्माण व लोहिया आवास के नाम पर धनराशि मांगने का आरोप लगाया है। पीड़ित का आरोप है कि नामित अधिकारी की जांच पूरी करने के बावजूद डीपीआरओ पंचायत सचिव को बचाने में जुटे हैं।
केंद्र व राज्य सरकार स्वच्छ भारत मिशन के तहत सभी घरों को वाह्य प्रसाधन मुक्त करने की कोशिश में जुटी है। शासन के निर्देश पर इन दिनों जिला प्रशासन पूरे जिले को वाह्य प्रसाधन करने की कवायद में कई कार्यक्रम भी संचालित कर रहा है। हालांकि जिले में इस योजना पर वही अधिकारी पानी फेर रहे हैं जिन पर उसके क्रियान्वयन की जिम्मेदारी है। ब्लॉक भेंटुआ की ग्राम पंचायत नौगिरवां के गांव धारमीरपुर निवासी बलराम यादव ने डीएम को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया कि पंचायत सचिव ने प्रसाधन निर्माण का चेक देने की एवज में बतौर रिश्वत उससे एक हजार रुपये लिए। शिकायती पत्र देने वालों में गांव के राधेश्याम यादव ने सचिव पर प्रसाधन का चेक देने के एवज में तीन हजार व पवन यादव ने लोहिया आवास के नाम पर घूस मांगने की शिकायत की है। बलराम यादव के मुताबिक उसने शिकायती पत्र के साथ घूस लेने की वीडियो सीडी भी उपलब्ध कराई है। यह भी आरोप है कि नामित जांच अधिकारी मामले की जांच कर रिपोर्ट दे चुके हैं, बावजूद इसके डीपीआरओ उमाकांत पांडेय सचिव पर कार्रवाई करने के बजाय उसे बचाने में जुटे हैं।
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जारी की गई नोटिस : डीपीआरओ
इस संबंध में डीपीआरओ उमाकांत पांडेय ने पहले तो मामले से अनभिज्ञता जताई फिर कहा कि उनकी ओर से आरोपी सचिव को नोटिस जारी की गई है। नियत समय पर जवाब नहीं देने व उससे संतुष्ट नहीं होने की स्थिति में विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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