{"_id":"627d4e0f3185ef47533a7d6c","slug":"38-assistant-teachers-will-return-home-district-sultanpur-news-lko630308926","type":"story","status":"publish","title_hn":"गृह जनपद लौटेंगे 38 सहायक अध्यापक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गृह जनपद लौटेंगे 38 सहायक अध्यापक
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सुल्तानपुर। चार साल बाद 38 सहायक अध्यापक अपने गृह जनपद लौटेंगे। बेसिक शिक्षा परिषद ने वेबसाइट पर जिला आवंटन सूची जारी कर दी है। सूची में जिले के 38 शिक्षक शामिल हैं।
परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में 68,500 शिक्षक भर्ती प्रक्रिया के तहत पांच सितंबर 2018 को नियुक्ति पत्र दिया गया था। पहली सूची में चयनितों के साथ आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को भी दूर-दराज के जनपदों में तैनाती मिली थी। उस समय सभी ने संबंधित जिलों में कार्यभार ग्रहण कर लिया था लेकिन जब चयन की दूसरी सूची जारी हुई तो अनारक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को गृह जनपद या मनपसंद जिले में तैनाती मिल गई। इसे लेकर शिक्षकों ने लंबी लड़ाई लड़ी।
हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई। लंबी कानूनी लड़ाई के बाद हाईकोर्ट ने आदेश दिया है कि शिक्षक भर्ती के चयन सूची में जो अभ्यर्थी मेरिटोरियस रिजर्व कैटेगरी (एमआरसी) के हैं, उन्हें गृह जनपद में तैनाती दी जाय। बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव प्रताप सिंह बघेल ने पूरे प्रदेश की 2908 शिक्षकों की सूची जारी कर दी है। इसमें जिले के भी 38 शिक्षक शामिल हैं।
विज्ञापन
जिले के कुछ विद्यालय एकल हो गए हैं। उन विद्यालयों में गृह जनपद लौटे शिक्षकों को आवंटित किया जा सकता है। आवंटन के बाद विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था का ठीक से संचालन करने में मदद मिलेगी। दूबेपुर के दो विद्यालय शिक्षकों के आकस्मिक निधन की वजह से एकल हुए हैं। वहीं, कूरेभार के भी कुछ विद्यालय एकल अध्यापक के सहारे संचालित हैं। विद्यालय एकल होने से शिक्षकों को छुट्टी लेने में भी समस्या होती है।
अभी तक शिक्षकों के आवंटन के संबंध में सूचना नहीं मिली है। उच्चाधिकारियों की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन कराया जाएगा।
- दीवान सिंह यादव, बीएसए
विज्ञापन
परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में 68,500 शिक्षक भर्ती प्रक्रिया के तहत पांच सितंबर 2018 को नियुक्ति पत्र दिया गया था। पहली सूची में चयनितों के साथ आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को भी दूर-दराज के जनपदों में तैनाती मिली थी। उस समय सभी ने संबंधित जिलों में कार्यभार ग्रहण कर लिया था लेकिन जब चयन की दूसरी सूची जारी हुई तो अनारक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को गृह जनपद या मनपसंद जिले में तैनाती मिल गई। इसे लेकर शिक्षकों ने लंबी लड़ाई लड़ी।
विज्ञापन
हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई। लंबी कानूनी लड़ाई के बाद हाईकोर्ट ने आदेश दिया है कि शिक्षक भर्ती के चयन सूची में जो अभ्यर्थी मेरिटोरियस रिजर्व कैटेगरी (एमआरसी) के हैं, उन्हें गृह जनपद में तैनाती दी जाय। बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव प्रताप सिंह बघेल ने पूरे प्रदेश की 2908 शिक्षकों की सूची जारी कर दी है। इसमें जिले के भी 38 शिक्षक शामिल हैं।
विज्ञापन
जिले के कुछ विद्यालय एकल हो गए हैं। उन विद्यालयों में गृह जनपद लौटे शिक्षकों को आवंटित किया जा सकता है। आवंटन के बाद विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था का ठीक से संचालन करने में मदद मिलेगी। दूबेपुर के दो विद्यालय शिक्षकों के आकस्मिक निधन की वजह से एकल हुए हैं। वहीं, कूरेभार के भी कुछ विद्यालय एकल अध्यापक के सहारे संचालित हैं। विद्यालय एकल होने से शिक्षकों को छुट्टी लेने में भी समस्या होती है।
अभी तक शिक्षकों के आवंटन के संबंध में सूचना नहीं मिली है। उच्चाधिकारियों की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन कराया जाएगा।
- दीवान सिंह यादव, बीएसए