{"_id":"59f0c7484f1c1b8e698b7803","slug":"181508951880-sultanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नहरों के संचालन में बाधा बन रही स्टाफ की कमी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नहरों के संचालन में बाधा बन रही स्टाफ की कमी
Updated Wed, 25 Oct 2017 11:03 PM IST
विज्ञापन
नहरों के संचालन में स्टाफ की कमी बाधा
- पद के सापेक्ष काफी कम है स्टाफ
- सर्वे, सिल्ट सफाई व अन्य कार्य प्रभावित
सुल्तानपुर। सिंचाई महकमे के सामने नहरों के सफल संचालन में स्टाफ की कमी आड़े आ रही है। सिंचाई खंड-16 के सीमित स्टाफ के ऊपर करीब 719 किलोमीटर नहर के संचालन की जिम्मेदारी है। 16 के सापेक्ष तीन अवर व चार के सापेक्ष दो सहायक अभियंता ही कार्यरत हैं। 63 सींचपाल की जरूरत है, जबकि 23 से ही काम लिया जा रहा है। ऐसे में सिंचाई व्यवस्था की देखरेख के साथ टेल तक पानी पहुंचाना विभागीय अधिकारियों के लिए चुनौती है।
सिंचाई खंड -16 के अंतर्गत जिले के सबसे अधिक क्षेत्रफल में सिंचाई के लिए नहरों और माइनरों का जाल फैला है। जिले के करीब 719 किलोमीटर के दायरे में नहरों और माइनरों से आसपास स्थित खेतों की सिंचाई करवाई जाती है। नहर व माइनर के संचालन में कई तरह की समस्या का सामना विभागीय अधिकारियों को करना पड़ रहा है। अक्सर नहर व माइनर में कटान की नौबत आ जाती है। करीब दो माह पूर्व कूरेभार ब्लॉक में नहर कटान हो गई थी। इससे कई बीघे खेत जलमग्न हो गए थे। क्षेत्रफल के हिसाब से यहां पर अभियंताआें व सींचपाल के कई पद रिक्त चल रहे हैं। विभाग में 16 अवर अभियंता के पद सृजित हैं। इसके सापेक्ष महज तीन अवर अभियंता कार्यरत हैं। विभाग को अभी 13 अवर अभियंताओं की आवश्यकता है। चार सहायक अभियंता के सापेक्ष दो सहायक अभियंताओं के जरिए किसी तरह से कामकाज चलाया जा रहा है। माइनरों व नहरों के संचालन के लिए 63 पद के सापेक्ष 23 सींचपाल ही कार्यरत हैं। विभाग में अभी 40 सींचपालों की कमी है। ऐसे में नहरों व माइनरों का संचालन सुचारु रूप से नहीं हो पा रहा है। सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित माइनरों में सिल्ट सफाई का कार्य नहीं पूरा हो सका है। इस वजह से सिंचाई के सीजन में टेल तक पानी नहीं पहुंच पाता है।
इनसेट
शासन को भेजा गया पत्र: एक्सईएन
सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता पंकज गौतम ने बताया कि सहायक, अवर अभियंता व सींचपाल के रिक्त पदों पर नियुक्ति के संबंध में कई बार शासन को पत्र भेजा जा चुका है। शासन स्तर पर कार्रवाई लंबित होने से विभागीय कार्य पूरे करने में अड़चन आ रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
- पद के सापेक्ष काफी कम है स्टाफ
- सर्वे, सिल्ट सफाई व अन्य कार्य प्रभावित
सुल्तानपुर। सिंचाई महकमे के सामने नहरों के सफल संचालन में स्टाफ की कमी आड़े आ रही है। सिंचाई खंड-16 के सीमित स्टाफ के ऊपर करीब 719 किलोमीटर नहर के संचालन की जिम्मेदारी है। 16 के सापेक्ष तीन अवर व चार के सापेक्ष दो सहायक अभियंता ही कार्यरत हैं। 63 सींचपाल की जरूरत है, जबकि 23 से ही काम लिया जा रहा है। ऐसे में सिंचाई व्यवस्था की देखरेख के साथ टेल तक पानी पहुंचाना विभागीय अधिकारियों के लिए चुनौती है।
सिंचाई खंड -16 के अंतर्गत जिले के सबसे अधिक क्षेत्रफल में सिंचाई के लिए नहरों और माइनरों का जाल फैला है। जिले के करीब 719 किलोमीटर के दायरे में नहरों और माइनरों से आसपास स्थित खेतों की सिंचाई करवाई जाती है। नहर व माइनर के संचालन में कई तरह की समस्या का सामना विभागीय अधिकारियों को करना पड़ रहा है। अक्सर नहर व माइनर में कटान की नौबत आ जाती है। करीब दो माह पूर्व कूरेभार ब्लॉक में नहर कटान हो गई थी। इससे कई बीघे खेत जलमग्न हो गए थे। क्षेत्रफल के हिसाब से यहां पर अभियंताआें व सींचपाल के कई पद रिक्त चल रहे हैं। विभाग में 16 अवर अभियंता के पद सृजित हैं। इसके सापेक्ष महज तीन अवर अभियंता कार्यरत हैं। विभाग को अभी 13 अवर अभियंताओं की आवश्यकता है। चार सहायक अभियंता के सापेक्ष दो सहायक अभियंताओं के जरिए किसी तरह से कामकाज चलाया जा रहा है। माइनरों व नहरों के संचालन के लिए 63 पद के सापेक्ष 23 सींचपाल ही कार्यरत हैं। विभाग में अभी 40 सींचपालों की कमी है। ऐसे में नहरों व माइनरों का संचालन सुचारु रूप से नहीं हो पा रहा है। सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित माइनरों में सिल्ट सफाई का कार्य नहीं पूरा हो सका है। इस वजह से सिंचाई के सीजन में टेल तक पानी नहीं पहुंच पाता है।
विज्ञापन
इनसेट
शासन को भेजा गया पत्र: एक्सईएन
सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता पंकज गौतम ने बताया कि सहायक, अवर अभियंता व सींचपाल के रिक्त पदों पर नियुक्ति के संबंध में कई बार शासन को पत्र भेजा जा चुका है। शासन स्तर पर कार्रवाई लंबित होने से विभागीय कार्य पूरे करने में अड़चन आ रही है।
विज्ञापन