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Sultanpur News: हर दिन बढ़े 18 घर, पहले चरण में 7.10 मकानों का सूचीकरण
Wed, 17 Jun 2026 11:48 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Wed, 17 Jun 2026 11:48 PM IST
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सुल्तानपुर। जिले की तस्वीर पिछले 15 वर्षों में तेजी से बदली है। जनगणना के पहले चरण में हुए मकानों के सूचीकरण से उजागर हुआ है कि जिले में इस दौरान करीब एक लाख नए आशियाना बढ़े हैं। वर्ष 2011 में जहां जिले में लगभग छह लाख मकान थे, वहीं अब उनकी संख्या बढ़कर 7,10,223 पहुंच गई है। वहीं परिवारों से जुटाई गई प्रारंभिक जानकारी के आधार पर जिले की आबादी भी 31,07,493 के आसपास आंकी गई है, इस लिहाज से देखा जाए तो हर दिन करीब 18 नए मकान बने हैं।
22 मई से शुरू हुआ मकान सूचीकरण अभियान अब पूरा हो चुका है। इस दौरान बीएलओ ने घर-घर जाकर मकानों का विवरण जुटाया। आंकड़े बताते हैं कि जिले में शहरीकरण और ग्रामीण क्षेत्रों में आवास निर्माण की रफ्तार लगातार बढ़ी है। यही वजह है कि डेढ़ दशक में मकानों की संख्या में उल्लेखनीय इजाफा दर्ज हुआ है। गणना में सामने आया कि करीब साढ़े पांच लाख मकान आवासीय उपयोग में हैं, जबकि करीब चार हजार मकानों पर ताले लटके मिले। इसके अलावा करीब 31 हजार मकान खाली पाए गए। अधिकारियों का मानना है कि कई परिवार रोजगार या अन्य कारणों से दूसरे शहरों में बस गए हैं, जबकि उनके पैतृक या नए बने मकान जिले में खाली पड़े हैं। सूचीकरण के दौरान बड़ी संख्या में निर्माणाधीन मकान भी चिह्नित किए गए।
जनगणना के पहले चरण में केवल मकानों और परिवारों से जुड़ी प्रारंभिक जानकारी जुटाई गई है। इसलिए आबादी का वर्तमान आंकड़ा अनुमानित माना जा रहा है। फरवरी 2027 में शुरू होने वाले दूसरे चरण में प्रत्येक परिवार के हर सदस्य का विस्तृत विवरण दर्ज किया जाएगा। इसके बाद जिले की वास्तविक जनसंख्या का अंतिम आंकड़ा सामने आएगा।
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एक नजर में
- वर्ष 2011 में जिले में थे करीब 6 लाख मकान
- 2026 के मकान सूचीकरण में संख्या पहुंची 7,10,223
- 15 साल में बढ़े लगभग 1 लाख मकान
- अनुमानित आबादी 31,07,493
- करीब 31 हजार मकान मिले खाली
- लगभग 4 हजार मकानों में ताला बंद मिला
- फरवरी 2027 में होगी जनगणना का दूसरा चरण
मकानगणना और मकान सूचीकरण का कार्य पूरा हो चुका है। मकानों की संख्या का आंकड़ा स्पष्ट हो गया है। जनसंख्या का अंतिम और प्रमाणिक आंकड़ा फरवरी 2027 में होने वाली गणना के बाद सामने आएगा।-
राकेश सिंह, जिला जनगणना अधिकारी व अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व
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22 मई से शुरू हुआ मकान सूचीकरण अभियान अब पूरा हो चुका है। इस दौरान बीएलओ ने घर-घर जाकर मकानों का विवरण जुटाया। आंकड़े बताते हैं कि जिले में शहरीकरण और ग्रामीण क्षेत्रों में आवास निर्माण की रफ्तार लगातार बढ़ी है। यही वजह है कि डेढ़ दशक में मकानों की संख्या में उल्लेखनीय इजाफा दर्ज हुआ है। गणना में सामने आया कि करीब साढ़े पांच लाख मकान आवासीय उपयोग में हैं, जबकि करीब चार हजार मकानों पर ताले लटके मिले। इसके अलावा करीब 31 हजार मकान खाली पाए गए। अधिकारियों का मानना है कि कई परिवार रोजगार या अन्य कारणों से दूसरे शहरों में बस गए हैं, जबकि उनके पैतृक या नए बने मकान जिले में खाली पड़े हैं। सूचीकरण के दौरान बड़ी संख्या में निर्माणाधीन मकान भी चिह्नित किए गए।
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जनगणना के पहले चरण में केवल मकानों और परिवारों से जुड़ी प्रारंभिक जानकारी जुटाई गई है। इसलिए आबादी का वर्तमान आंकड़ा अनुमानित माना जा रहा है। फरवरी 2027 में शुरू होने वाले दूसरे चरण में प्रत्येक परिवार के हर सदस्य का विस्तृत विवरण दर्ज किया जाएगा। इसके बाद जिले की वास्तविक जनसंख्या का अंतिम आंकड़ा सामने आएगा।
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एक नजर में
- वर्ष 2011 में जिले में थे करीब 6 लाख मकान
- 2026 के मकान सूचीकरण में संख्या पहुंची 7,10,223
- 15 साल में बढ़े लगभग 1 लाख मकान
- अनुमानित आबादी 31,07,493
- करीब 31 हजार मकान मिले खाली
- लगभग 4 हजार मकानों में ताला बंद मिला
- फरवरी 2027 में होगी जनगणना का दूसरा चरण
मकानगणना और मकान सूचीकरण का कार्य पूरा हो चुका है। मकानों की संख्या का आंकड़ा स्पष्ट हो गया है। जनसंख्या का अंतिम और प्रमाणिक आंकड़ा फरवरी 2027 में होने वाली गणना के बाद सामने आएगा।-
राकेश सिंह, जिला जनगणना अधिकारी व अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व