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चरमराई क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था, उपभोक्ता बेहाल
Updated Fri, 08 Sep 2017 10:31 PM IST
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चरमराई बिजली व्यवस्था
अमेठी के उपभोक्ता बेहाल
क्रासर
इमरजेंसी कटौती के नाम पर हो रही अंधाधुंध कटौती
ग्रामीण इलाकों को बमुश्किल चार घंटे मिल रही बिजली
अमर उजाला ब्यूरो
अमेठी। क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था बेपटरी हो गई है। इमरजेंसी कटौती के नाम पर अंधाधुंध विद्युत कटौती हो रही है। ग्रामीण इलाकों को बमुश्किल चार घंटे ही विद्युत आपूर्ति मिल रही है। बिजली के अभाव में उमस भरी गर्मी के चलते जनजीवन बेहाल है, वहीं नलकूप ठप पड़े हैं।
योगी सरकार ने प्रदेश के शहरी इलाकों में 24 व गांवों को 18 घंटे विद्युत आपूर्ति किए जाने का फरमान जारी किया था। योगी सरकार का यह फरमान क्षेत्र में पूरी तरह हवा-हवाई साबित हो रहा है। आलम यह है कि क्षेत्र में पावर कॉर्पोरेशन का रोस्टर ध्वस्त है। ग्रामीण इलाकों में दिन और रात के बीच बमुश्किल चार घंटे विद्युत आपूर्ति मिल पा रही है। सबसे खराब हालात बेनीपुर व पीठीपुर विद्युत उपकेंद्र के हैं, जहां 15 से 20 मिनट की विद्युत सप्लाई होने के बाद इमरजेंसी कटौती के नाम पर तीन घंटे बिजली गुल हो जाती है। इन दिनों क्षेत्र में भीषण गर्मी, कड़ी धूप व उमस भरी गर्मी के चलते आम जनजीवन बेहाल है। वहीं, विद्युत आपूर्ति नहीं होने से नलकूप ठप पड़े हैं। इसके चलते किसानों की फसलें सूखने के कगार पर है। ग्रामीण विद्युत आपूर्ति के संबंध में उपकेंद्र व संबंधित अधिकारी से फोन पर संपर्क करता है लेकिन वह उठता ही नहीं। बृहस्पतिवार को शहर में आयोजित किसान पंचायत में भाजपाइयों ने भी अपनी ही सरकार में बदहाल बिजली व्यवस्था पर सवाल खड़े किए थे।
इनसेट
ऊपर से हो रही कटौती
एसडीओ विद्युत आरपी सोनकर ने बताया कि इन दिनों भीषण गर्मी के चलते ऊपर से ही तीन-तीन घंटे की इमरजेंसी विद्युत कटौती कर दी जा रही है। वैसे ग्रामीण क्षेत्रों में दिन में 11.30 बजे से सुबह 6.30 बजे कुल 18 घंटे का रोस्टर है। यह हमारे स्तर का मामला नहीं है। जो ऊपर से आदेश आएगा, वही आपूर्ति की जाएगी।
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अमेठी के उपभोक्ता बेहाल
क्रासर
इमरजेंसी कटौती के नाम पर हो रही अंधाधुंध कटौती
ग्रामीण इलाकों को बमुश्किल चार घंटे मिल रही बिजली
अमर उजाला ब्यूरो
अमेठी। क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था बेपटरी हो गई है। इमरजेंसी कटौती के नाम पर अंधाधुंध विद्युत कटौती हो रही है। ग्रामीण इलाकों को बमुश्किल चार घंटे ही विद्युत आपूर्ति मिल रही है। बिजली के अभाव में उमस भरी गर्मी के चलते जनजीवन बेहाल है, वहीं नलकूप ठप पड़े हैं।
योगी सरकार ने प्रदेश के शहरी इलाकों में 24 व गांवों को 18 घंटे विद्युत आपूर्ति किए जाने का फरमान जारी किया था। योगी सरकार का यह फरमान क्षेत्र में पूरी तरह हवा-हवाई साबित हो रहा है। आलम यह है कि क्षेत्र में पावर कॉर्पोरेशन का रोस्टर ध्वस्त है। ग्रामीण इलाकों में दिन और रात के बीच बमुश्किल चार घंटे विद्युत आपूर्ति मिल पा रही है। सबसे खराब हालात बेनीपुर व पीठीपुर विद्युत उपकेंद्र के हैं, जहां 15 से 20 मिनट की विद्युत सप्लाई होने के बाद इमरजेंसी कटौती के नाम पर तीन घंटे बिजली गुल हो जाती है। इन दिनों क्षेत्र में भीषण गर्मी, कड़ी धूप व उमस भरी गर्मी के चलते आम जनजीवन बेहाल है। वहीं, विद्युत आपूर्ति नहीं होने से नलकूप ठप पड़े हैं। इसके चलते किसानों की फसलें सूखने के कगार पर है। ग्रामीण विद्युत आपूर्ति के संबंध में उपकेंद्र व संबंधित अधिकारी से फोन पर संपर्क करता है लेकिन वह उठता ही नहीं। बृहस्पतिवार को शहर में आयोजित किसान पंचायत में भाजपाइयों ने भी अपनी ही सरकार में बदहाल बिजली व्यवस्था पर सवाल खड़े किए थे।
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ऊपर से हो रही कटौती
एसडीओ विद्युत आरपी सोनकर ने बताया कि इन दिनों भीषण गर्मी के चलते ऊपर से ही तीन-तीन घंटे की इमरजेंसी विद्युत कटौती कर दी जा रही है। वैसे ग्रामीण क्षेत्रों में दिन में 11.30 बजे से सुबह 6.30 बजे कुल 18 घंटे का रोस्टर है। यह हमारे स्तर का मामला नहीं है। जो ऊपर से आदेश आएगा, वही आपूर्ति की जाएगी।
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