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लापरवाही पर छह चिकित्साधीक्षक को प्रतिकूल प्रविष्टि
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छह सीएचसी अधीक्षक को प्रतिकूल प्रविष्टि
गौरीगंज। पूर्ण प्रतिरक्षित बच्चों के नियमित टीकाकरण में लापरवाही बरतना जिले के छह सीएचसी अधीक्षक को भारी पड़ा। 13 जून को समीक्षा बैठक के दौरान प्रगति खराब मिलने पर मुख्यमंत्री की ओर से नाराजगी जाहिर करने के बाद सीएमओ ने सभी को प्रतिकूल प्रविष्टि दिया है।
13 जून को लखनऊ के लोक भवन में मुख्यमंत्री की ओर से की गई स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान जिले में पूर्ण प्रतिरक्षित बच्चों के नियमित टीकाकरण की स्थिति खराब पाई गई।
प्रगति खराब मिलने पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने नाराजगी जाहिर करते हुए सीएमओ को सुधार लाने का निर्देश दिया था। बैठक से वापस आने के बाद सीएमओ डॉ. आरएम श्रीवास्तव ने इसकी समीक्षा की।
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समीक्षा के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गौरीगंज, भेटुआ, जगदीशपुर, बाजार शुकुल, सिंहपुर व तिलोई की प्रगति लक्ष्य के सापेक्ष बेहद कम पाई गई। नाराज सीएमओ ने संबंधित अस्पताल अधीक्षक को तत्काल प्रभाव से प्रतिकूल प्रविष्टि का आदेश जारी कर दिया।
संबंधित लिपिक को इसका अंकन कार्रवाई की जद में आए अस्पताल अधीक्षक की सेवा पुस्तिका में करने का भी आदेश दिया है। सभी को कृत कार्रवाई के साथ टीकाकरण की स्थिति में सुधार लाने का भी निर्देश जारी किया गया है। सीएमओ की कार्रवाई से स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मचा है।
सीएमओ डॉ. आरएम श्रीवास्तव ने बताया कि शून्य से एक वर्ष के बच्चों को नियमित रूप से निर्धारित अवधि में कई प्रकार के टीके लगाए जाते हैं।
इस अवधि में ऐसे बच्चों को समय-समय पर वीसीजी, ओपीवी, पेंटा, रोटावायरस, जेई तथा एमआर का टीका लगाया जाता है। इन टीकों के लगने से बच्चे टीवी, पोलियो, डायरिया, जापानी बुखार आदि की चपेट में नहीं आते हैं।
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गौरीगंज। पूर्ण प्रतिरक्षित बच्चों के नियमित टीकाकरण में लापरवाही बरतना जिले के छह सीएचसी अधीक्षक को भारी पड़ा। 13 जून को समीक्षा बैठक के दौरान प्रगति खराब मिलने पर मुख्यमंत्री की ओर से नाराजगी जाहिर करने के बाद सीएमओ ने सभी को प्रतिकूल प्रविष्टि दिया है।
13 जून को लखनऊ के लोक भवन में मुख्यमंत्री की ओर से की गई स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान जिले में पूर्ण प्रतिरक्षित बच्चों के नियमित टीकाकरण की स्थिति खराब पाई गई।
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प्रगति खराब मिलने पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने नाराजगी जाहिर करते हुए सीएमओ को सुधार लाने का निर्देश दिया था। बैठक से वापस आने के बाद सीएमओ डॉ. आरएम श्रीवास्तव ने इसकी समीक्षा की।
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समीक्षा के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गौरीगंज, भेटुआ, जगदीशपुर, बाजार शुकुल, सिंहपुर व तिलोई की प्रगति लक्ष्य के सापेक्ष बेहद कम पाई गई। नाराज सीएमओ ने संबंधित अस्पताल अधीक्षक को तत्काल प्रभाव से प्रतिकूल प्रविष्टि का आदेश जारी कर दिया।
संबंधित लिपिक को इसका अंकन कार्रवाई की जद में आए अस्पताल अधीक्षक की सेवा पुस्तिका में करने का भी आदेश दिया है। सभी को कृत कार्रवाई के साथ टीकाकरण की स्थिति में सुधार लाने का भी निर्देश जारी किया गया है। सीएमओ की कार्रवाई से स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मचा है।
सीएमओ डॉ. आरएम श्रीवास्तव ने बताया कि शून्य से एक वर्ष के बच्चों को नियमित रूप से निर्धारित अवधि में कई प्रकार के टीके लगाए जाते हैं।
इस अवधि में ऐसे बच्चों को समय-समय पर वीसीजी, ओपीवी, पेंटा, रोटावायरस, जेई तथा एमआर का टीका लगाया जाता है। इन टीकों के लगने से बच्चे टीवी, पोलियो, डायरिया, जापानी बुखार आदि की चपेट में नहीं आते हैं।