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अब प्रॉक्सी विधि से भी वितरित हो सकेगा राशन
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अब प्रॉक्सी विधि से भी वितरित हो सकेगा राशन
गौरीगंज। राशन की कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के लिए शासन ने मैन्युअल वितरण पर पूरी तरह रोक लगाने का आदेश दिया है। कवायद सफल हो सके इसके लिए पहले चरण में प्रत्येक तहसील की सर्वाधिक मैन्युअल वितरण वाली पांच दुकानों को चिह्नित किया जाएगा।
आपूर्ति विभाग के अफसरों की मौजूदगी में प्रॉक्सी विधि से वितरण कार्य कराया जाएगा। राशन वितरण का काम प्रत्येक माह की 22 से 25 तारीख के मध्य किया जाएगा।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन योजना के तहत नगरीय व ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित कोटे की सभी दुकानों पर प्वाइंट ऑफ सेल (पीओएस) मशीन से उपभोक्ताओं को राशन वितरित करने का आदेश है।
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वितरण के दौरान बड़ी मात्रा में ऐसे उपभोक्ता दुकानों पर आते हैं जिनके अगूंठे व आंख की पुतली से उनके आधार का मिलान पीओएस मशीन स्वीकार नहीं करती। ऐसे में कोटेदार उन्हें मैन्युअल राशन वितरण की रिपोर्ट कार्यालय भेज देते हैं।
मैन्युअल वितरण के बहाने राशन की कालाबाजारी किए जाने की संभावना के मद्ददेनजर शासन ने मैन्युअल वितरण पर पूर्ण रोक लगाने की योजना बनाई है।
कवायद सफल हो सके इसके लिए प्रॉक्सी विधि से उपभोक्ताओं को राशन वितरित करने का आदेश दिया गया है। शासन के निर्देश पर आयुक्त खाद्य एवं रसद आलोक कुमार ने डीएसओ को पत्र जारी किया है।
आयुक्त का पत्र मिलने के बाद डीएसओ संजय कुमार ने प्रत्येक तहसील से पांच दुकानों को चिह्नित करते हुए पूर्ति निरीक्षक को अपनी मौजूदगी में 22 से 25 तक प्रॉक्सी योजना के तहत नॉन आधार ट्रांजक्शन वाले उपभोक्ताओं को राशन वितरित करने का आदेश दिया है।
डीएसओ ने वितरण प्रक्रिया का स्वयं औचक निरीक्षण करने की बात कहते हुए वितरण में गड़बड़ी मिलने पर कोटेदार के साथ ही पूर्ति निरीक्षक के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी है।
पीओएस विधि से शुरू हुई राशन वितरण व्यवस्था के तहत कार्ड धारक के अगूंठे का मिलान नहीं होने से कोटेदार को मैन्युअल राशन देना पड़ता था। विभाग ने इस समस्या से निजात दिलाने के लिए प्रॉक्सी विधि की प्रक्रिया अपनाई है।
डीएसओ संजय ने बताया कि अब जिन कार्ड धारकों के अगूंठे का मिलान नहीं हो पा रहा है उन्हें पूर्ति निरीक्षक की मौजूदगी में वैध पहचान पत्र (वोटर आईडी कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, केसीसी, आधार कार्ड समेत आठ विकल्प दिए गए हैं) के आधार पर राशन दिया जाएगा।
साथ ही राशन कार्ड में दर्ज उनके परिवार के दूसरे सदस्य का पीओएस मशीन से अंगूठे का मिलान कराकर नामिनी नामित कर दिया जाएगा।
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गौरीगंज। राशन की कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के लिए शासन ने मैन्युअल वितरण पर पूरी तरह रोक लगाने का आदेश दिया है। कवायद सफल हो सके इसके लिए पहले चरण में प्रत्येक तहसील की सर्वाधिक मैन्युअल वितरण वाली पांच दुकानों को चिह्नित किया जाएगा।
आपूर्ति विभाग के अफसरों की मौजूदगी में प्रॉक्सी विधि से वितरण कार्य कराया जाएगा। राशन वितरण का काम प्रत्येक माह की 22 से 25 तारीख के मध्य किया जाएगा।
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राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन योजना के तहत नगरीय व ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित कोटे की सभी दुकानों पर प्वाइंट ऑफ सेल (पीओएस) मशीन से उपभोक्ताओं को राशन वितरित करने का आदेश है।
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वितरण के दौरान बड़ी मात्रा में ऐसे उपभोक्ता दुकानों पर आते हैं जिनके अगूंठे व आंख की पुतली से उनके आधार का मिलान पीओएस मशीन स्वीकार नहीं करती। ऐसे में कोटेदार उन्हें मैन्युअल राशन वितरण की रिपोर्ट कार्यालय भेज देते हैं।
मैन्युअल वितरण के बहाने राशन की कालाबाजारी किए जाने की संभावना के मद्ददेनजर शासन ने मैन्युअल वितरण पर पूर्ण रोक लगाने की योजना बनाई है।
कवायद सफल हो सके इसके लिए प्रॉक्सी विधि से उपभोक्ताओं को राशन वितरित करने का आदेश दिया गया है। शासन के निर्देश पर आयुक्त खाद्य एवं रसद आलोक कुमार ने डीएसओ को पत्र जारी किया है।
आयुक्त का पत्र मिलने के बाद डीएसओ संजय कुमार ने प्रत्येक तहसील से पांच दुकानों को चिह्नित करते हुए पूर्ति निरीक्षक को अपनी मौजूदगी में 22 से 25 तक प्रॉक्सी योजना के तहत नॉन आधार ट्रांजक्शन वाले उपभोक्ताओं को राशन वितरित करने का आदेश दिया है।
डीएसओ ने वितरण प्रक्रिया का स्वयं औचक निरीक्षण करने की बात कहते हुए वितरण में गड़बड़ी मिलने पर कोटेदार के साथ ही पूर्ति निरीक्षक के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी है।
पीओएस विधि से शुरू हुई राशन वितरण व्यवस्था के तहत कार्ड धारक के अगूंठे का मिलान नहीं होने से कोटेदार को मैन्युअल राशन देना पड़ता था। विभाग ने इस समस्या से निजात दिलाने के लिए प्रॉक्सी विधि की प्रक्रिया अपनाई है।
डीएसओ संजय ने बताया कि अब जिन कार्ड धारकों के अगूंठे का मिलान नहीं हो पा रहा है उन्हें पूर्ति निरीक्षक की मौजूदगी में वैध पहचान पत्र (वोटर आईडी कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, केसीसी, आधार कार्ड समेत आठ विकल्प दिए गए हैं) के आधार पर राशन दिया जाएगा।
साथ ही राशन कार्ड में दर्ज उनके परिवार के दूसरे सदस्य का पीओएस मशीन से अंगूठे का मिलान कराकर नामिनी नामित कर दिया जाएगा।