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बंद किए जाएंगे मानक विहीन नर्सिंगहोम
Updated Thu, 29 Jun 2017 10:03 PM IST
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मानकविहीन नर्सिंगहोम
बंद किए जाएंगे
क्रासर
लाइसेंस नवीनीकरण रोकने का दिया आदेश
जिले में पंजीकृत हैं 43 नर्सिंग होम व क्लीनिक
अमर उजाला ब्यूरो
गौरीगंज। मानक पर खरे नहीं उतरने वाले नर्सिंग होम, क्लीनिक व प्राइवेट अस्पतालों का इस बार नवीनीकरण नहीं होगा। सीएमओ ने तीन सदस्यीय टीम गठित कर पूर्व में पंजीकृत सभी संस्थानों की जांचकर रिपोर्ट मांगी है। जांच के दौरान शासनादेश के विपरीत संचालित संस्थानों को सूचीबद्ध करते हुए उन्हें तत्काल बंद कराने की कार्रवाई की जाएगी। शासन के निर्देश पर जिले में संचालित पंजीकृत प्राइवेट अस्पताल, नर्सिंग होम व क्नीलिक का नवीनीकरण प्रत्येक वर्ष के अप्रैल माह में किया जाता है। सीएमओ डॉ. आरएम श्रीवास्तव ने बताया कि जिले में बीते वर्ष कुल 43 ऐसे संस्थानों का पंजीकरण हुआ है। कहा कि इस वर्ष भी इन सभी संस्थानों की ओर से नवीनीकरण का आवेदन प्राप्त हुआ है। कहा कि आए दिन ऐसे अस्पतालों में बिना पंजीकृत चिकित्सकों की ओर से इलाज/ऑपरेशन करने तथा मनमानी तरीके से पैसा वसूलने की शिकायतें मिल रही थीं। शिकायतों के आधार पर नवीनीकरण के लिए आए सभी आवेदनों पर संबंधित नर्सिंगहोम, क्लीनिक व अस्पतालों की शासनादेश के अनुरूप जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन उनकी ओर से किया गया है। गठित टीम को शासनादेश के अनुसार ऐसे सभी संस्थानों की बिंदुवार जांच कर रिपोर्ट मांगी गई है। मानक के विपरीत संचालित हो रहे नर्सिंग होम का नवीनीकरण नहीं किया जाएगा। ऐसे संस्थानों को सूचीबद्ध कर उन्हें बंद करने की नोटिस दी जाएगी। बावजूद इसके यदि नर्सिंग होम संचालित पाया गया तो उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराते हुए कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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बंद किए जाएंगे
क्रासर
लाइसेंस नवीनीकरण रोकने का दिया आदेश
जिले में पंजीकृत हैं 43 नर्सिंग होम व क्लीनिक
अमर उजाला ब्यूरो
गौरीगंज। मानक पर खरे नहीं उतरने वाले नर्सिंग होम, क्लीनिक व प्राइवेट अस्पतालों का इस बार नवीनीकरण नहीं होगा। सीएमओ ने तीन सदस्यीय टीम गठित कर पूर्व में पंजीकृत सभी संस्थानों की जांचकर रिपोर्ट मांगी है। जांच के दौरान शासनादेश के विपरीत संचालित संस्थानों को सूचीबद्ध करते हुए उन्हें तत्काल बंद कराने की कार्रवाई की जाएगी। शासन के निर्देश पर जिले में संचालित पंजीकृत प्राइवेट अस्पताल, नर्सिंग होम व क्नीलिक का नवीनीकरण प्रत्येक वर्ष के अप्रैल माह में किया जाता है। सीएमओ डॉ. आरएम श्रीवास्तव ने बताया कि जिले में बीते वर्ष कुल 43 ऐसे संस्थानों का पंजीकरण हुआ है। कहा कि इस वर्ष भी इन सभी संस्थानों की ओर से नवीनीकरण का आवेदन प्राप्त हुआ है। कहा कि आए दिन ऐसे अस्पतालों में बिना पंजीकृत चिकित्सकों की ओर से इलाज/ऑपरेशन करने तथा मनमानी तरीके से पैसा वसूलने की शिकायतें मिल रही थीं। शिकायतों के आधार पर नवीनीकरण के लिए आए सभी आवेदनों पर संबंधित नर्सिंगहोम, क्लीनिक व अस्पतालों की शासनादेश के अनुरूप जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन उनकी ओर से किया गया है। गठित टीम को शासनादेश के अनुसार ऐसे सभी संस्थानों की बिंदुवार जांच कर रिपोर्ट मांगी गई है। मानक के विपरीत संचालित हो रहे नर्सिंग होम का नवीनीकरण नहीं किया जाएगा। ऐसे संस्थानों को सूचीबद्ध कर उन्हें बंद करने की नोटिस दी जाएगी। बावजूद इसके यदि नर्सिंग होम संचालित पाया गया तो उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराते हुए कानूनी कार्रवाई की जाएगी।