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अंडमान से महराजपुर पहुंचा सैनिक का पार्थिव शरीर
Updated Tue, 24 Oct 2017 10:14 PM IST
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सैनिक के भतीजे ने दी मुखाग्नि
अंडमान से लाया गया सैनिक संतोष सिंह का पार्थिव शरीर
मानिकपुर घाट पर गंगा किनारे किया गया अंतिम संस्कार
बंद रही महराजपुर बाजार, गांव में मातम
अमर उजाला ब्यूरो
अमेठी। अंडमान से मंगलवार को भारतीय सैनिक का पार्थिव शरीर महराजपुर गांव पहुंचा। सैनिक का शव पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया। दोपहर बाद पूरे सैनिक सम्मान के साथ शव का मानिकपुर घाट पर गंगा किनारे अंतिम संस्कार किया गया। जवान के शव को मुखाग्नि उनके भतीजे ने दी। जवान की मौत से शोकाकुल लोगों ने अपनी दुकानें बंद रखीं।
अमेठी कोतवाली क्षेत्र के महराजपुर गांव निवासी रिटायर्ड फौजी शेर बहादुर सिंह के बेटे संतोष सिंह की अंडमान में 21 अक्तूबर की रात करीब आठ बजे मौत हो गई थी। मंगलवार को अंडमान से नायब सूबेदार कमांड हेड क्वार्टर से संतोष का पार्थिव शव लेकर दिल्ली पहुंचे, जहां से उसे महराजपुर गांव लाया गया। सैनिक को अंतिम सलामी देने के लिए फैजाबाद डोंगरा रेजीमेंट-5 से सूबेदार कैलाश चंद्र के नेतृत्व में 12 जवान भी पहुंचे थे। संतोष का शव देखते ही पत्नी सुमन सिंह और बेटी रिया, रीमा और जया बेसुध हो गई। इस बीच गांव के दुलारे बेटे संतोष के अंतिम दर्शन के लिए सैकड़ों लोग पहुंचे थे। महराजपुर गांव से संतोष के पार्थिव शरीर को लेकर परिवारीजन और सैनिक मानिकपुर घाट पहुंचे, जहां गंगा नदी के किनारे अंतिम सलामी दी गई। सलामी देने के बाद शव को संतोष के भतीजे शैलेंद्र सिंह ने मुखाग्नि दी। इस मौके पर नायब तहसीलदार, एसओ अमेठी भरत उपाध्याय भी मौजूद रहे।
अंडमान से लाया गया सैनिक संतोष सिंह का पार्थिव शरीर
मानिकपुर घाट पर गंगा किनारे किया गया अंतिम संस्कार
बंद रही महराजपुर बाजार, गांव में मातम
अमर उजाला ब्यूरो
अमेठी। अंडमान से मंगलवार को भारतीय सैनिक का पार्थिव शरीर महराजपुर गांव पहुंचा। सैनिक का शव पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया। दोपहर बाद पूरे सैनिक सम्मान के साथ शव का मानिकपुर घाट पर गंगा किनारे अंतिम संस्कार किया गया। जवान के शव को मुखाग्नि उनके भतीजे ने दी। जवान की मौत से शोकाकुल लोगों ने अपनी दुकानें बंद रखीं।
अमेठी कोतवाली क्षेत्र के महराजपुर गांव निवासी रिटायर्ड फौजी शेर बहादुर सिंह के बेटे संतोष सिंह की अंडमान में 21 अक्तूबर की रात करीब आठ बजे मौत हो गई थी। मंगलवार को अंडमान से नायब सूबेदार कमांड हेड क्वार्टर से संतोष का पार्थिव शव लेकर दिल्ली पहुंचे, जहां से उसे महराजपुर गांव लाया गया। सैनिक को अंतिम सलामी देने के लिए फैजाबाद डोंगरा रेजीमेंट-5 से सूबेदार कैलाश चंद्र के नेतृत्व में 12 जवान भी पहुंचे थे। संतोष का शव देखते ही पत्नी सुमन सिंह और बेटी रिया, रीमा और जया बेसुध हो गई। इस बीच गांव के दुलारे बेटे संतोष के अंतिम दर्शन के लिए सैकड़ों लोग पहुंचे थे। महराजपुर गांव से संतोष के पार्थिव शरीर को लेकर परिवारीजन और सैनिक मानिकपुर घाट पहुंचे, जहां गंगा नदी के किनारे अंतिम सलामी दी गई। सलामी देने के बाद शव को संतोष के भतीजे शैलेंद्र सिंह ने मुखाग्नि दी। इस मौके पर नायब तहसीलदार, एसओ अमेठी भरत उपाध्याय भी मौजूद रहे।
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