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अमान्य विद्यालय
Updated Mon, 10 Jul 2017 11:03 PM IST
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धड़ल्ले से चल रहे अमान्य स्कूल
क्रासर
कार्रवाई को लेकर शिक्षा महकमा बना उदासीन
अमर उजाला ब्यूरो
कुड़वार (सुल्तानपुर)। क्षेत्र में अमान्य विद्यालय धड़ल्ले से संचालित हो रहे हैं। इन अमान्य विद्यालयों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर शिक्षा महकमा उदासीन बना है। इससे विद्यालय संचालकों के हौसले बुलंद हैं।
स्थानीय विकास क्षेत्र की आठ न्याय पंचायतों अगई, अझुई, कुड़वार, बेला पश्चिम, बबुरी, रवनिया पश्चिम, भंडरा परशुरामपुर, नरही में करीब 45 से अधिक प्राथमिक व जूनियर स्तर के प्राइवेट अमान्य विद्यालय संचालित हो रहे हैं। बेसिक शिक्षा विभाग ने बीते मई माह में सभी अमान्य विद्यालयों के संचालकों को स्कूल बंद कराने की नोटिस भी दी थी। नोटिस मिलने के बाद भी जुलाई माह से बगैर मान्यता प्राप्त अधिकतर विद्यालय धड़ल्ले से संचालित हो रहे हैं। ब्लॉक संसाधन केंद्र पर बीआरसी व एबीआरसी की तैनाती न होने से निरीक्षण कार्य भी ठप है। इससे अमान्य विद्यालय संचालकों को कार्रवाई का भी कोई डर नहीं है। इस संबंध में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कौस्तुभ कुमार सिंह ने बताया कि जल्द ही खंड शिक्षा अधिकारी की व्यवस्था बीआरसी पर की जाएगी। इसके बाद अमान्य विद्यालयों की जांच कराकर संचालकों के विरुद्घ कार्रवाई की जाएगी।
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कार्रवाई को लेकर शिक्षा महकमा बना उदासीन
अमर उजाला ब्यूरो
कुड़वार (सुल्तानपुर)। क्षेत्र में अमान्य विद्यालय धड़ल्ले से संचालित हो रहे हैं। इन अमान्य विद्यालयों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर शिक्षा महकमा उदासीन बना है। इससे विद्यालय संचालकों के हौसले बुलंद हैं।
स्थानीय विकास क्षेत्र की आठ न्याय पंचायतों अगई, अझुई, कुड़वार, बेला पश्चिम, बबुरी, रवनिया पश्चिम, भंडरा परशुरामपुर, नरही में करीब 45 से अधिक प्राथमिक व जूनियर स्तर के प्राइवेट अमान्य विद्यालय संचालित हो रहे हैं। बेसिक शिक्षा विभाग ने बीते मई माह में सभी अमान्य विद्यालयों के संचालकों को स्कूल बंद कराने की नोटिस भी दी थी। नोटिस मिलने के बाद भी जुलाई माह से बगैर मान्यता प्राप्त अधिकतर विद्यालय धड़ल्ले से संचालित हो रहे हैं। ब्लॉक संसाधन केंद्र पर बीआरसी व एबीआरसी की तैनाती न होने से निरीक्षण कार्य भी ठप है। इससे अमान्य विद्यालय संचालकों को कार्रवाई का भी कोई डर नहीं है। इस संबंध में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कौस्तुभ कुमार सिंह ने बताया कि जल्द ही खंड शिक्षा अधिकारी की व्यवस्था बीआरसी पर की जाएगी। इसके बाद अमान्य विद्यालयों की जांच कराकर संचालकों के विरुद्घ कार्रवाई की जाएगी।
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