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पानी में डूबी सौ बीघा धान की फसल
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सुल्तानपुर। भदैंया विकासखंड क्षेत्र में ड्रेनों की सफाई न होने से किसानों के सामने मुसीबत खड़ी हो रही है। बेला-मिश्रपुर पुरैना ड्रेन के आसपास के क्षेत्रों में कम पानी की धान की फसल लगाई जाती है। इस ड्रेन की बीते दो साल से सफाई नहीं कराई गई है। इस वजह से ड्रेन के पास स्थित गांवों में कई बीघे धान की फसल जलमग्न हो गई है। बारिश के पानी की जलनिकासी न होने से धान की फसल चौपट होने के कगार पर है।
धान की फसल मूलत: अधिक पानी की फसल मानी जाती है। इसलिए तराई क्षेत्रों मे धान की अच्छी पैदावार होती है। स्थानीय विकास क्षेत्र में कई स्थानों पर कम पानी की धान की फसल लगाई जाती है। यह क्षेत्र बेला पश्चिम-मिश्रपुर पुरैना ड्रेन से जुड़ा है। बेला पश्चिम-मिश्रपुर पुरैना ड्रेन की लंबाई करीब 12 किमी है। करीब दो साल पहले ब्लॉक स्तर पर ड्रेन की सफाई कराई गई थी।
ड्रेन की सफाई हुए काफी दिन बीत गया। इस वजह से वर्तमान समय में बारिश के पानी की निकासी नहीं हो पा रही है। ड्रेन से सटे गांवों के पास कम पानी के प्रयोग वाली कई बीघे धान की फसल पूरी तरह से जलमग्न हो गई है। पानी से लबालब धान के खेतों में लगी पौध गलकर नष्ट होने लगी है। किसान पानी भरे खेतों में खाद व दवा की छिड़काव भी नहीं कर पा रहे हैं।
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क्षेत्र के बरुई, महानपुर, अलीपुर, भरसारे, रतनपुर, मीरानपुर, लहिया जलपापुर, भपटा, सेमरी पुरुषोत्तमपुर, भदैंया, पन्नाटिकरी, मिश्रपुर पुरैना सहित कई अन्य गांवों की 100 बीघे से अधिक धान की फसल जलमग्न है। ड्रेन की सफाई को लेकर सिंचाई विभाग के अधिकारी उदासीन बने हैं। इस संबंध मे उप जिलाधिकारी लंभुआ राम अवतार ने बताया कि ड्रेन की सफाई नहीं होने व खेतों में जल जमाव होने की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी। जल्द ही किसानों की समस्या को दूर करने का प्रयास किया जाएगा।
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धान की फसल मूलत: अधिक पानी की फसल मानी जाती है। इसलिए तराई क्षेत्रों मे धान की अच्छी पैदावार होती है। स्थानीय विकास क्षेत्र में कई स्थानों पर कम पानी की धान की फसल लगाई जाती है। यह क्षेत्र बेला पश्चिम-मिश्रपुर पुरैना ड्रेन से जुड़ा है। बेला पश्चिम-मिश्रपुर पुरैना ड्रेन की लंबाई करीब 12 किमी है। करीब दो साल पहले ब्लॉक स्तर पर ड्रेन की सफाई कराई गई थी।
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ड्रेन की सफाई हुए काफी दिन बीत गया। इस वजह से वर्तमान समय में बारिश के पानी की निकासी नहीं हो पा रही है। ड्रेन से सटे गांवों के पास कम पानी के प्रयोग वाली कई बीघे धान की फसल पूरी तरह से जलमग्न हो गई है। पानी से लबालब धान के खेतों में लगी पौध गलकर नष्ट होने लगी है। किसान पानी भरे खेतों में खाद व दवा की छिड़काव भी नहीं कर पा रहे हैं।
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क्षेत्र के बरुई, महानपुर, अलीपुर, भरसारे, रतनपुर, मीरानपुर, लहिया जलपापुर, भपटा, सेमरी पुरुषोत्तमपुर, भदैंया, पन्नाटिकरी, मिश्रपुर पुरैना सहित कई अन्य गांवों की 100 बीघे से अधिक धान की फसल जलमग्न है। ड्रेन की सफाई को लेकर सिंचाई विभाग के अधिकारी उदासीन बने हैं। इस संबंध मे उप जिलाधिकारी लंभुआ राम अवतार ने बताया कि ड्रेन की सफाई नहीं होने व खेतों में जल जमाव होने की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी। जल्द ही किसानों की समस्या को दूर करने का प्रयास किया जाएगा।