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Sonebhadra News: देसी शराब की दुकान के बाहर धरने पर बैठीं महिलाएं
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चुर्क क्षेत्र के सहिजन कला गांव में देसी शराब की दुकान के विरोध में क्षेत्रवासी मंगलवार को सड़क पर उतर आए। धार्मिक स्थल एवं सरकारी स्कूल के पास दुकान खोलने का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। इसे तत्काल हटाने की मांग की गई।
नए वित्तीय सत्र की शुरुआत के साथ शराब की दुकानों की व्यवस्था बदल गई है। नए ठेकेदार की ओर से मंगलवार को जैसे ही दुकान खोलना शुरू किया गया, वहां आसपास की महिलाएं पहुंच गई। दुकान के बाहर धरना पर बैठ गईं। महिलाओं ने जमकर नारे लगाए।
वह शराब की दुकान को गांव के बाहर हटाने की मांग कर रही थीं। महिलाओं का कहना था कि सहिजन कला गांव में चंद्रिका माता का मंदिर है। यहां श्रद्धालुओं की भीड़ रहती है। उसी मंदिर व सरकारी स्कूल के पास देसी शराब की दुकान खुलने से बच्चों, महिलाओं को दिक्कत हो रही है।
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गांव की नीलम, आरती, फुलेश्वरी, श्यामा, चंपा, चमेली, बतासी, अजय, रीना, इंद्रलोक, शांति, माधव सिंह, अनिल, सावित्री, मुन्ना, सविता, प्रमोद आदि का कहना है कि शराब की दुकान संचालित होने से महिलाओं को नवरात्र में पूजा अर्चना करने एवं स्कूल की बच्चियों को स्कूल जाने में दिक्कत होती है।
यहां शराबियों का जमावड़ा सुबह से ही लग जाता है। लोगों के समझाने के बाद भी औरतें एवं ग्रामीण वहां से नहीं हटे। जब नए दुकानदार ने यह आश्वासन दिया कि शराब की दुकान यहां से अन्यत्र शिफ्ट की जाएगी, तब महिलाएं वहां से हटीं।
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नए वित्तीय सत्र की शुरुआत के साथ शराब की दुकानों की व्यवस्था बदल गई है। नए ठेकेदार की ओर से मंगलवार को जैसे ही दुकान खोलना शुरू किया गया, वहां आसपास की महिलाएं पहुंच गई। दुकान के बाहर धरना पर बैठ गईं। महिलाओं ने जमकर नारे लगाए।
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वह शराब की दुकान को गांव के बाहर हटाने की मांग कर रही थीं। महिलाओं का कहना था कि सहिजन कला गांव में चंद्रिका माता का मंदिर है। यहां श्रद्धालुओं की भीड़ रहती है। उसी मंदिर व सरकारी स्कूल के पास देसी शराब की दुकान खुलने से बच्चों, महिलाओं को दिक्कत हो रही है।
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गांव की नीलम, आरती, फुलेश्वरी, श्यामा, चंपा, चमेली, बतासी, अजय, रीना, इंद्रलोक, शांति, माधव सिंह, अनिल, सावित्री, मुन्ना, सविता, प्रमोद आदि का कहना है कि शराब की दुकान संचालित होने से महिलाओं को नवरात्र में पूजा अर्चना करने एवं स्कूल की बच्चियों को स्कूल जाने में दिक्कत होती है।
यहां शराबियों का जमावड़ा सुबह से ही लग जाता है। लोगों के समझाने के बाद भी औरतें एवं ग्रामीण वहां से नहीं हटे। जब नए दुकानदार ने यह आश्वासन दिया कि शराब की दुकान यहां से अन्यत्र शिफ्ट की जाएगी, तब महिलाएं वहां से हटीं।