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चीखतीं रहीं महिलाएं, धकियाते रहे आयोजक
Thu, 17 Jan 2019 11:38 PM IST
मनदीप श्रीवास्तव
sonbhadra news
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Published by: मनदीप श्रीवास्तव
Updated Thu, 17 Jan 2019 11:38 PM IST
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कंबल वितरण में भगदड़ के दौरान लोगों को हटाते आयोजक
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रेणुकूट। नगर पंचायत परिसर में आयोजकों ने बगैर अनुमति कंबल वितरण कार्यक्रम तो रखा ही, भीड़ को संभालने के नाम पर भी लापरवाही बरती। जहां भीड़ को संभालने के लिए पहले से कोई इंतजाम नहीं किया गया। वहीं गेट खुलते ही महिलाओं की भीड़ तेजी से आगे बढ़ी तो उन्हें शांत कराने की बजाय डंडा फटकारते हुए धकियाया जाने लगा।
घटना की वायरल हुई वीडियो बताती है कि इसके चलते मची भगदड़ में महिलाएं चीखतीं-चिल्लाती रहीं, गिरती रहीं, कपड़े अस्त-व्यस्त होते रहे। बावजूद आयोजक उन्हें शांत कराने, गिरती महिलाओं को सहारा देने की बजाय, डंडा फटकार कर भीड़ को गेट पर रोकने में लगे रहे। हालात खराब होने के बावजूद गेट का दूसरा पल्ला नहीं खोला गया। महिलाओं को डराने के लिए डंडा तो दिखाया ही, एक विकलांग की वैशाखी लेकर भी डराने की कोशिश की। भगदड़ में छह माह का एक बच्चा भी दब गया। संयोग ही था कि पीछे से दूसरी महिला ने उसे दबने से पहले ही खींच लिया। महिलाओं को संभालने की बजाय आयोजकों से जुड़े कुछ लोगों ने कुछ महिलाओं को थप्पड़ भी जड़े। 10-15 मिनट बाद नगर पंचायत अध्यक्ष शिवप्रताप सिंह गेट पर पहुंचे तो उन्होंने भी शांत कराने की बजाय डराने का सहारा लिया। इसके बाद गेट बंद कर गिरी महिलाओं को किनारे किया गया। इसके चलते यहां आधे घंटे तक अफरातफरी भरा माहौल बना रहा। पुलिस पहुंची, तब स्थिति नियंत्रित हुई।
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घटना की वायरल हुई वीडियो बताती है कि इसके चलते मची भगदड़ में महिलाएं चीखतीं-चिल्लाती रहीं, गिरती रहीं, कपड़े अस्त-व्यस्त होते रहे। बावजूद आयोजक उन्हें शांत कराने, गिरती महिलाओं को सहारा देने की बजाय, डंडा फटकार कर भीड़ को गेट पर रोकने में लगे रहे। हालात खराब होने के बावजूद गेट का दूसरा पल्ला नहीं खोला गया। महिलाओं को डराने के लिए डंडा तो दिखाया ही, एक विकलांग की वैशाखी लेकर भी डराने की कोशिश की। भगदड़ में छह माह का एक बच्चा भी दब गया। संयोग ही था कि पीछे से दूसरी महिला ने उसे दबने से पहले ही खींच लिया। महिलाओं को संभालने की बजाय आयोजकों से जुड़े कुछ लोगों ने कुछ महिलाओं को थप्पड़ भी जड़े। 10-15 मिनट बाद नगर पंचायत अध्यक्ष शिवप्रताप सिंह गेट पर पहुंचे तो उन्होंने भी शांत कराने की बजाय डराने का सहारा लिया। इसके बाद गेट बंद कर गिरी महिलाओं को किनारे किया गया। इसके चलते यहां आधे घंटे तक अफरातफरी भरा माहौल बना रहा। पुलिस पहुंची, तब स्थिति नियंत्रित हुई।
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