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समान कार्य पर महिलाओं को पुरुषों के समान वेतन पाने का है अधिकार
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राबर्ट्सगंज स्थित श्रम प्रवर्तन कार्यालय में मिशन शक्ति गोष्ठी को संबोधित करते वक्ता।
- फोटो : SONBHADRA
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सोनभद्र। मिशन शक्ति के तहत सोमवार को श्रम परिवर्तन अधिकारी कार्यालय राबर्ट्सगंज में महिलाओं के सुरक्षा एवं सम्मान विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें वक्तओं ने कहा कि समान पद एवं प्रकृति का कार्य करने वाली महिलाओं को पुरुषों के समान ही वेतन पाने का अधिकार है। इसका उल्लंघन करने पर कानून में नियोजक को एक माह का कारावास एवं 10 हजार रुपये जुर्माना से दंडित करने का प्रावधान किया गया है। महिलाओं का कार्यस्थल पर उत्पीड़न नहीं किया जाना चाहिए। इस तरह की शिकायत के निवारण के लिए कार्यस्थल पर आतंरिक शिकायत समिति का गठन किया जाना जरूरी है।
वक्ताओं ने कहा कि आंतरिक शिकायत समिति का अध्यक्ष वरिष्ठ महिला अधिकारी को बनाये जाने की व्यवस्था की गई है। उत्पीड़न की शिकायत होने पर समिति की तरफ से उसका निराकरण किया जाना जरूरी है। इसमें मुद्रा आधारित कोई समझौता नहीं किया जाएगा। अगर उत्पीड़न की शिकायत का निराकरण हो जाता है तो आगे कोई जांच की प्रक्रिया नहीं अपनाई जाएगी और समझौते की प्रति नियोक्ता को प्रेषित कर दी जाएगी। अगर समझौता नहीं होता है तो समिति पूरे मामले की जांच करेगी। साथ ही आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए पुलिस अधिकारी को समिति अग्रसारित करेगी। जिसमें पीड़ित महिला को उत्तरदाता से क्षतिपूर्ति दिलाने का समिति आदेश भी दे सकती है और क्षति पूर्ति की वसूली भू राजस्व के रूप में कराई जा सकती है। वक्ताओं ने बताया कि मातृत्व हित लाभ अधिनियम के तहत महिला कर्मचारी को प्रसव होने पर दो बच्चों तक 26 सप्ताह का सवेतन मातृत्व अवकाश दिया जा सकेगा। कर्मचारी राज्य बीमा से आवर्त महिला कर्मी को मातृत्व हितलाभ दिलाने का प्रावधान भी किया गया है। उत्तर प्रदेश भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के तहत पंजीकृत महिला श्रमिकों को तीन माह के वेतन के बराबर धनराशि मातृत्व हितलाभ के रूप में देय होगा। साथ ही शिशु के पालन पोषण के बाबत पुत्र के लिए 20 हजार तथा पुत्री के लिए 25 हजार की धनराशि देय होगी। प्रथम बालिका का जन्म होने पर 25 हजार रुपये की एफडी और यदि वह दिव्यांग हो तो 50 हजार रुपये की एफडी कराई जाएगी। इसका भुगतान बालिका को वयस्क होने पर होगा। बोर्ड के अंतर्गत पंजीकृत महिला निर्माण श्रमिक की प्रसव के दौरान मृत्यु होने को दुर्घटना की श्रेणी में रखा गया है। जिसमें 525000 रुपये का हितलाभ देय है। वक्ताओं ने बताया कि महिला कर्मी को रात्रि पाली में ड्यूटी लगाने वाले नियोजकों की यह जिम्मेदारी होगी कि वह महिला कर्मी को घर से ड्यूटी पर आने तथा वापस घर जाने के लिए सुरक्षित परिवहन की व्यवस्था करेंगे। मेधावी छात्र पुरस्कार योजना के तहत छात्रों की अपेक्षा छात्राओं को अधिक हितलाभ दिलाए जाने का प्रावधान किया गया है। पंजीकृत श्रमिकों की पुत्रियों को हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण करने पर साइकिल दी जाती है। महिला श्रमिकों पुत्रियों की शादी के लिए 55000 रुपये का अनुदान, अंतरजातीय विवाह के लिए 61000 रुपये तथा सामूहिक विवाह के लिए 65000 रुपये व परिधान के लिए 10000 रुपये का अनुदान दिया जाता है। गोष्ठी की अध्यक्षता अपर श्रमायुक्त सरजू राम शर्मा एवं संचालन मोहम्मद नौशाद ने किया।
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वक्ताओं ने कहा कि आंतरिक शिकायत समिति का अध्यक्ष वरिष्ठ महिला अधिकारी को बनाये जाने की व्यवस्था की गई है। उत्पीड़न की शिकायत होने पर समिति की तरफ से उसका निराकरण किया जाना जरूरी है। इसमें मुद्रा आधारित कोई समझौता नहीं किया जाएगा। अगर उत्पीड़न की शिकायत का निराकरण हो जाता है तो आगे कोई जांच की प्रक्रिया नहीं अपनाई जाएगी और समझौते की प्रति नियोक्ता को प्रेषित कर दी जाएगी। अगर समझौता नहीं होता है तो समिति पूरे मामले की जांच करेगी। साथ ही आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए पुलिस अधिकारी को समिति अग्रसारित करेगी। जिसमें पीड़ित महिला को उत्तरदाता से क्षतिपूर्ति दिलाने का समिति आदेश भी दे सकती है और क्षति पूर्ति की वसूली भू राजस्व के रूप में कराई जा सकती है। वक्ताओं ने बताया कि मातृत्व हित लाभ अधिनियम के तहत महिला कर्मचारी को प्रसव होने पर दो बच्चों तक 26 सप्ताह का सवेतन मातृत्व अवकाश दिया जा सकेगा। कर्मचारी राज्य बीमा से आवर्त महिला कर्मी को मातृत्व हितलाभ दिलाने का प्रावधान भी किया गया है। उत्तर प्रदेश भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के तहत पंजीकृत महिला श्रमिकों को तीन माह के वेतन के बराबर धनराशि मातृत्व हितलाभ के रूप में देय होगा। साथ ही शिशु के पालन पोषण के बाबत पुत्र के लिए 20 हजार तथा पुत्री के लिए 25 हजार की धनराशि देय होगी। प्रथम बालिका का जन्म होने पर 25 हजार रुपये की एफडी और यदि वह दिव्यांग हो तो 50 हजार रुपये की एफडी कराई जाएगी। इसका भुगतान बालिका को वयस्क होने पर होगा। बोर्ड के अंतर्गत पंजीकृत महिला निर्माण श्रमिक की प्रसव के दौरान मृत्यु होने को दुर्घटना की श्रेणी में रखा गया है। जिसमें 525000 रुपये का हितलाभ देय है। वक्ताओं ने बताया कि महिला कर्मी को रात्रि पाली में ड्यूटी लगाने वाले नियोजकों की यह जिम्मेदारी होगी कि वह महिला कर्मी को घर से ड्यूटी पर आने तथा वापस घर जाने के लिए सुरक्षित परिवहन की व्यवस्था करेंगे। मेधावी छात्र पुरस्कार योजना के तहत छात्रों की अपेक्षा छात्राओं को अधिक हितलाभ दिलाए जाने का प्रावधान किया गया है। पंजीकृत श्रमिकों की पुत्रियों को हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण करने पर साइकिल दी जाती है। महिला श्रमिकों पुत्रियों की शादी के लिए 55000 रुपये का अनुदान, अंतरजातीय विवाह के लिए 61000 रुपये तथा सामूहिक विवाह के लिए 65000 रुपये व परिधान के लिए 10000 रुपये का अनुदान दिया जाता है। गोष्ठी की अध्यक्षता अपर श्रमायुक्त सरजू राम शर्मा एवं संचालन मोहम्मद नौशाद ने किया।
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