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कहां गए 37 हजार बुजुर्ग, ढूंढने में स्वास्थ्य विभाग परेशान
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जिले के करीब 37 हजार बुजुर्गों को ढूंढने में स्वास्थ्य विभाग के पसीने छूट गए हैं। घर-घर जाकर खोज शुरू करने के बाद भी उन्हें इन बुजुर्गों के बारे में जानकारी नहीं मिल पाई है। यह वह बुजुर्ग हैं जिन्होंने अब तक कोरोना रोधी टीके की एक भी डोज नहीं ली है। आंकड़ों की बाजीगरी में उलझा विभाग अब इन्हें जिले में न होना मानकर अपना रिकार्ड अपडेट करने में जुट गया है।
कोरोना टीकाकरण अभियान शुरू होने पर स्वास्थ्य विभाग को जिले में 13,63,417 लोगों को टीका लगाने का लक्ष्य मिला था। इसमें 1,73,626 लोग ऐसे थे जिनकी उम्र 60 वर्ष से अधिक है। इस लक्ष्य के सापेक्ष स्वास्थ्य विभाग अब तक 13,69,176 लोगों को टीका लगा चुका है लेकिन इसमें 60 वर्ष से अधिक उम्र वालों की संख्या 1,36,040 ही है। शेष करीब साढ़े 37 हजार बुजुर्ग अब भी टीकाकरण से वंचित हैं। इन बुुजुर्गों को टीका लगाकर शत-प्रतिशत लक्ष्य पूरा करने के लिए विभाग हर तरकीब अपना चुका है। समाज कल्याण, आपूर्ति विभाग सहित अन्य योजनाओं से लाभान्वित बुजुर्गों की सूची तैयार कर उनसे संपर्क किया गया। राशन लेने से पहले टीके की अनिवार्यता लागू की गई, फिर भी टीकाकरण का आंकड़ा आगे नहीं बढ़ा। तब उन्हें ढूंढने के लिए 24 जनवरी से घर-घर संपर्क अभियान शुरू किया गया। इस अभियान के तहत सामान्य टीकाकरण से वंचित गर्भवती महिला, बच्चों के अलावा कोरोना टीका से वंचित बुजुर्गों को भी चिह्नित किया जाना था। गांव-गांव टीम उतारने और हर घर दस्तक देने के बाद भी विभाग सिर्फ 1815 बुजुर्गों को ही चिह्नित कर सका। शेष बुजुर्गों का कहीं भी पता नहीं है। इस आंकड़े के बाद अब विभागीय अफसर खुद परेशान हैं कि शत-प्रतिशत टीकाकरण कैसे करें। लिहाजा अब नई तरकीब लगाई जा रही है। इसके तहत इन बुजुर्गों के जिले में न होना मानते हुए लक्ष्य को पूरा किया जाएगा।
मतदाता सूची पर फोड़ रहे ठीकरा
स्वास्थ्य विभाग के अफसरों के मुताबिक टीकाकरण के लिए उन्हें लक्ष्य जिले की मतदाता सूची से आवंटित हुआ था। सूची में 18 वर्ष से अधिक मतदाताओं की संख्या में से अलग-अलग आयु वर्ग की संख्या निकाली गई थी, जिसके बाद लक्ष्य निर्धारित किया गया था। मतदाता सूची में तमाम ऐसे लोगों के भी नाम शामिल होते हैं, जो यहां सेवारत रहते हैं या उनके परिवार से जुड़े हों। बाद में ऐसे लोग अन्यत्र चले गए, मगर मतदाता सूची से उनका नाम नहीं हटाया गया। मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान इन नामों को दुरुस्त न कराए जाने से दिक्कतें हुई हैं।
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निर्वाचन आयोग की ओर से जारी सूची में जिले से 1.73 लाख बुजुर्गों का चयन किया गया था। संभव है कि टीके से वंचित लोग अन्यत्र चले गए हों। लिहाजा अब पहली डोज लगवा चुके और घर-घर अभियान में चिह्नित बुजुर्गों को ही अंतिम संख्या मानते हुए टीकाकरण की सूची को दुरुस्त किया जा रहा है। इसके अनुसार शत-प्रतिशत टीकाकरण लगभग पूरा हो चुका है। - डॉ. एसके चतुर्वेदी, प्रभारी जिला प्रतिरक्षण अधिकारी
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कोरोना टीकाकरण अभियान शुरू होने पर स्वास्थ्य विभाग को जिले में 13,63,417 लोगों को टीका लगाने का लक्ष्य मिला था। इसमें 1,73,626 लोग ऐसे थे जिनकी उम्र 60 वर्ष से अधिक है। इस लक्ष्य के सापेक्ष स्वास्थ्य विभाग अब तक 13,69,176 लोगों को टीका लगा चुका है लेकिन इसमें 60 वर्ष से अधिक उम्र वालों की संख्या 1,36,040 ही है। शेष करीब साढ़े 37 हजार बुजुर्ग अब भी टीकाकरण से वंचित हैं। इन बुुजुर्गों को टीका लगाकर शत-प्रतिशत लक्ष्य पूरा करने के लिए विभाग हर तरकीब अपना चुका है। समाज कल्याण, आपूर्ति विभाग सहित अन्य योजनाओं से लाभान्वित बुजुर्गों की सूची तैयार कर उनसे संपर्क किया गया। राशन लेने से पहले टीके की अनिवार्यता लागू की गई, फिर भी टीकाकरण का आंकड़ा आगे नहीं बढ़ा। तब उन्हें ढूंढने के लिए 24 जनवरी से घर-घर संपर्क अभियान शुरू किया गया। इस अभियान के तहत सामान्य टीकाकरण से वंचित गर्भवती महिला, बच्चों के अलावा कोरोना टीका से वंचित बुजुर्गों को भी चिह्नित किया जाना था। गांव-गांव टीम उतारने और हर घर दस्तक देने के बाद भी विभाग सिर्फ 1815 बुजुर्गों को ही चिह्नित कर सका। शेष बुजुर्गों का कहीं भी पता नहीं है। इस आंकड़े के बाद अब विभागीय अफसर खुद परेशान हैं कि शत-प्रतिशत टीकाकरण कैसे करें। लिहाजा अब नई तरकीब लगाई जा रही है। इसके तहत इन बुजुर्गों के जिले में न होना मानते हुए लक्ष्य को पूरा किया जाएगा।
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मतदाता सूची पर फोड़ रहे ठीकरा
स्वास्थ्य विभाग के अफसरों के मुताबिक टीकाकरण के लिए उन्हें लक्ष्य जिले की मतदाता सूची से आवंटित हुआ था। सूची में 18 वर्ष से अधिक मतदाताओं की संख्या में से अलग-अलग आयु वर्ग की संख्या निकाली गई थी, जिसके बाद लक्ष्य निर्धारित किया गया था। मतदाता सूची में तमाम ऐसे लोगों के भी नाम शामिल होते हैं, जो यहां सेवारत रहते हैं या उनके परिवार से जुड़े हों। बाद में ऐसे लोग अन्यत्र चले गए, मगर मतदाता सूची से उनका नाम नहीं हटाया गया। मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान इन नामों को दुरुस्त न कराए जाने से दिक्कतें हुई हैं।
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निर्वाचन आयोग की ओर से जारी सूची में जिले से 1.73 लाख बुजुर्गों का चयन किया गया था। संभव है कि टीके से वंचित लोग अन्यत्र चले गए हों। लिहाजा अब पहली डोज लगवा चुके और घर-घर अभियान में चिह्नित बुजुर्गों को ही अंतिम संख्या मानते हुए टीकाकरण की सूची को दुरुस्त किया जा रहा है। इसके अनुसार शत-प्रतिशत टीकाकरण लगभग पूरा हो चुका है। - डॉ. एसके चतुर्वेदी, प्रभारी जिला प्रतिरक्षण अधिकारी