फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sonebhadra News ›   Water crisis in rural areas

ग्रामीण इलाकों में पानी का संकट

Mon, 07 May 2018 10:42 PM IST
sonebhadra news
sonebhadra news Updated Mon, 07 May 2018 10:42 PM IST
विज्ञापन
Water crisis in rural areas
हैंडपंप - फोटो : अमर उजाला
सोनभद्र। जिले के ग्रामीण इलकों में पानी के लिए त्राहि-त्राहि मची हुई है। पहाड़ी इलाकों में स्थित और भी बदतर है। जल स्तर नीचे चले जाने से मई में ही हालत दयनीय है। अभी जून की गर्मी बाकी है। ग्रामीण इलाकों में 33460 हैंडपंप हैं। इसमें से जल निगम ने जल स्तर खिसकने पर 1511 हैंडपंपों के रिबोर की सूची जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय को सौंपा था, जिसमें से अब तक 1174 हैंडपंपों का रिबोर हो चुका है। इसके बावजूद पानी संकट से लोगों को निजात नहीं मिल रही है।  
विज्ञापन

जिले में पानी संकट से जहां देखो टैंकरों से पानी लेने के लिए लोगों में होड़ मची हुुई है। ऐसे में लोगों मारपीट तक हो जा रही है। टैंकरों से पानी की आपूर्ति नाकाफी साबित हो रही है। प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक-एक टैंकर ही लगे हैं जो पांच सौ से 1500 घरों तक पानी देने जा रहे हैं। इससे लोग पहले पानी लेने को लेकर आसपास में कहासुनी और मारपीट तक कर ले रहे हैं। जल स्तर नीचे खिसकने से बुरा हाल ग्रामीण और जंगली इलाकों का है। नगवां ब्लॉक के चेरूई, मरकुड़ी, खोड़ैला, बड़ैला, दरेंव, देवहार समेत आसपास के इलाकों में पानी का संकट है। चोपन के पश्चिमी क्षेत्र जुगैल के इलाकों में पानी की स्थिति तो और भी गंभीर है। इन क्षेत्रों में लोग एक से दो किमी दूर तक पानी लेने के लिए जा रहे हैं। भाठ क्षेत्रों में भी यही स्थिति है। रेणुका पार के ग्रामीण इलाके, दुद्धी, म्योरपुर, बभनी के इलाकों में पानी का गंभीर संकट है।
विज्ञापन

 जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय से मिले आंकड़ों पर गौर करें तो जिले के ग्रामीण इलाकों में कुल 33460 हैंडपंप स्थापित हैं। जल निगम ने सर्वे के बाद पानी छोड़ चुके 1511 हैंडपंपों की सूची रिबोर के लिए सौंपी थी। इसमें से 1174 का रिबोर सोमवार तक हो चुका है। 337 हैंडपंपों के रिबोर का काम  चल रहा है। उधर जल निगम के एक्सईएन फणींद्र राय का कहना है कि जहां से टैंकर चलाने की डिमांड हो रही है, वहां टैंकर से पानी भेजा जा रहा है। ग्राम प्रधान अपने गांव में टैंकर से पानी की आपूर्ति के लिए एसडीएम के यहां आवेदन करें। वहां से अनुमोदन के बाद आने वाले पत्र के आधार पर टैंकरों की संख्या बढ़ाई जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed