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बीडीसी और जिला पंचायत सदस्य के लिए वार्डों का नये सिरे से होगा परिसीमन

Sun, 27 Dec 2020 11:26 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 27 Dec 2020 11:26 PM IST
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Wards will be delimited for BDC and Zilla Panchayat members
सोनभद्र। चोपन और ओबरा नगर पंचायतों की सीमा के विस्तार के बाद अब बीडीसी और जिला पंचायत सदस्य के लिए वार्डों का परिसीमन फिर से कराने की तैयारी है। नये परिसीमन में भी जिला पंचायत का एक और वार्ड कम हो सकता है। इसके अलावा कुछ बीडीसी वार्ड भी कम हो सकते हैं। हालांकि ग्राम पंचायतों के प्रस्तावित परिसीमन में कोई खास फेरबदल नहीं होगा।
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वर्ष 2015 में हुए पंचायत चुनाव में जिले में 637 ग्राम पंचायतें थीं। इनमें से म्योरपुर ब्लाक की सात ग्राम पंचायतें पूर्ण रूप से तथा दो आंशिक रूप से अनपरा तथा रेणुकूट नगर पंचायतों में शामिल कर ली गई हैं। इसमें भी आंशिक रूप से रेणुकूट नगर पंचायत में शामिल मुर्धवा ग्राम पंचायत का अधिकांश हिस्सा चले जाने के बाद नए परिसीमन में बचे क्षेत्र को पास के गांव बेलहत्थी में समायोजित करने का प्रस्ताव किया गया है। इसके चलते नये परिसीमन में ग्राम पंचायतों की संख्या 637 की जगह 629 करने का प्रस्ताव किया गया है। इसके अलावा पूर्व में हुए पंचायत चुनाव में जहां जिले के आठ ब्लाकों में 834 बीडीसी वार्ड थे, वहीं नए परिसीमन में जिले के 10 ब्लाकों में 788 बीडीसी वार्ड करने का प्रस्ताव किया गया है। इसके अलावा जिला पंचायत के 33 वार्डों की संख्या घटाकर 32 करने का भी प्रस्ताव है। इस बीच हाल ही में ग्राम, क्षेत्र व जिला पंचायत सदस्य के वार्डों की परिसीमन की सूची प्रकाशित होने के बाद ओबरा और चोपन नगर पंचायतों के सीमा के विस्तार की अधिसूचना जारी होने के कारण अब बीडीसी व जिला पंचायत सदस्य के वार्डों का परिसीमन फिर से किए जाने की तैयारी की जा रही है।
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दरअसल, चोपन नगर पंचायत के विस्तार में चोपन ग्राम पंचायत का अधिकांश हिस्सा शामिल किया गया है। इसी तरह से ओबरा नगर पंचायत का विस्तार कर उसमें बिल्ली-मारकुंडी ग्राम पंचायत का अधिकांश हिस्सा शामिल किया गया है। इसके चलते जिला पंचायत सदस्य व बीडीसी वार्ड और कम हो सकते हैं। हालांकि चोपन ग्राम पंचायत का अधिकांश हिस्सा चोपन नगर पंचायत तथा बिल्ली मारकुंडी का अधिकांश हिस्सा ओबरा नगर पंचायत में शामिल होने के बाद भी दोनों ग्राम पंचायतों की आबादी अब भी ज्यादा है। इसके चलते ग्राम पंचायतों की सीमा तो प्रभावित हो सकती है लेकिन संख्या में अब कमी नहीं की जाएगी। अब चोपन और ओबरा नगर पंचायतों के सीमा विस्तार के बाद बीडीसी व जिला पंचायत के वार्डों की संख्या में कुछ और कमी हो सकती है।
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कोट
चोपन और ओबरा नगर पंचायतों के विस्तार के बाद अब नए सिरे से परिसीमन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इस संबंध में शासन के दिशानिर्देश का इंतजार है। नए सिरे से परिसीमन में जिला पंचायत के वार्डों की संख्या 33 की जगह 31 हो सकती है। कुछ और बीडीसी वार्ड भी कम हो सकते हैं।-विशाल सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी।

इनसेट
सीमा विस्तार से प्रभावित हुए ये क्षेत्र
सोनभद्र। चोपन ग्राम पंचायत के कुशवाहा बस्ती, यादव बस्ती व गवईडी दक्षिण टोला को चोपन नगर पंचायत में शामिल कर लिया गया है। इसी तरह से ओबरा नगर पंचायत का भी विस्तार किया गया है। चोपन ब्लाक के बिल्ली-मारकुंडी के अधिकांश इलाकों को ओबरा नगर पंचायत में शामिल कर लिया गया है।
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