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विकासशील इंसान पार्टी ने की अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र जारी करने की मांग
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मल्लाह, केवट, मांझी सहित मझवार की समनामी अन्य जातियों को अनुसूचित जाति में शामिल करने सहित पांच सूत्री मांगों को लेकर विकासशील इंसान पार्टी ने मंगलवार को डीएम को ज्ञापन सौंपा। राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन में इस संबंध में शीघ्र अधिसूचना जारी करने की मांग की।
जिलाध्यक्ष हिमांचल साहनी के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में प्रतिनिधिमंडल का कहना था कि वर्ष 1978 में आरक्षण की व्यवस्था पर अनुसूचित जाति मझवार की पर्यायवाची माझी, मल्लाह, केवट, राजगोड़ आदि, गोंड़ की पर्यायवाची गोड़िया, धुरिया, कहार, बाथम, धीमर, राजगोड़ आदि तुरहा की समनामी धीवर, धीमर, तुरहा, तुराहा आदि, पासी तड़माली की पर्यायवाची भर राजभर को पिछड़ा वर्ग में अंकित किए जाने के कारण इन जातियों को अनुसूचित जाति का प्रमाण-पत्र मिलने में दिक्कत उत्पन्न हो गई।
अनुसूचित जाति की सूची में किसी भी प्रकार के संशोधन का अधिकार राज्य सरकार को नहीं है। ऐसे में इन जातियों की समस्या का शीघ्र समाधान होना चाहिए। वर्ष 1994-95 की तरह बालू, मोरंग खनन, मत्स्य पालन पट्टा निषाद/ मछुआरा समाज की जातियों व उनकी मत्स्य जीवी सहकारी समितियों को देने का शासनादेश जारी किया जाय। केंद्र पुरोधानित मछुआ आवास योजना के तहत हर जिले में एक-एक हजार मछुआ आवास बनाकर आवास विहिन गरीब मछुआरों को आवंटित किया जाय। ज्ञापन देने वालों में कृष्णकांत पांडेय, वीरेंद्र निषाद, सदाफल निषाद, दयाशंकर साहनी, उकेंद्र पटेल, त्रिलोकीनाथ निषाद, मितनारायण, डब्लू, राजेंद्र प्रसाद, विकास, आदित्य, ललित, मुकेश, चंदन, वीरेंद्र, अनिल आदि मौजूद रहे।
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जिलाध्यक्ष हिमांचल साहनी के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में प्रतिनिधिमंडल का कहना था कि वर्ष 1978 में आरक्षण की व्यवस्था पर अनुसूचित जाति मझवार की पर्यायवाची माझी, मल्लाह, केवट, राजगोड़ आदि, गोंड़ की पर्यायवाची गोड़िया, धुरिया, कहार, बाथम, धीमर, राजगोड़ आदि तुरहा की समनामी धीवर, धीमर, तुरहा, तुराहा आदि, पासी तड़माली की पर्यायवाची भर राजभर को पिछड़ा वर्ग में अंकित किए जाने के कारण इन जातियों को अनुसूचित जाति का प्रमाण-पत्र मिलने में दिक्कत उत्पन्न हो गई।
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अनुसूचित जाति की सूची में किसी भी प्रकार के संशोधन का अधिकार राज्य सरकार को नहीं है। ऐसे में इन जातियों की समस्या का शीघ्र समाधान होना चाहिए। वर्ष 1994-95 की तरह बालू, मोरंग खनन, मत्स्य पालन पट्टा निषाद/ मछुआरा समाज की जातियों व उनकी मत्स्य जीवी सहकारी समितियों को देने का शासनादेश जारी किया जाय। केंद्र पुरोधानित मछुआ आवास योजना के तहत हर जिले में एक-एक हजार मछुआ आवास बनाकर आवास विहिन गरीब मछुआरों को आवंटित किया जाय। ज्ञापन देने वालों में कृष्णकांत पांडेय, वीरेंद्र निषाद, सदाफल निषाद, दयाशंकर साहनी, उकेंद्र पटेल, त्रिलोकीनाथ निषाद, मितनारायण, डब्लू, राजेंद्र प्रसाद, विकास, आदित्य, ललित, मुकेश, चंदन, वीरेंद्र, अनिल आदि मौजूद रहे।
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