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बिना बताए निकाला गर्भाशय : गर्भवती के ऑपरेशन में लापरवाही का आरोप, मृत पैदा हुआ बच्चा; मामला CMO के पास

Thu, 20 Feb 2025 10:04 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र।
अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र। Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Thu, 20 Feb 2025 10:04 PM IST
सार

पीड़िता परिवार ने इसकी शिकायत सीएमओ से की है। आरोप है कि डाॅक्टरों ने एक सादे कागज पर हस्ताक्षर भी करवा लिया था। बच्चे की माैत के बाद परिजन गमगीन हैं।

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Uterus removed without notice in sonbhadra Accusation of negligence in operation of pregnant woman
मृत बच्चे को दिया जन्म। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

निजी अस्पतालों की लापरवाही का एक और मामला सामने आया है। कोन थाना क्षेत्र निवासी गर्भवती के परिजनों ने डॉक्टर की लापरवाही से गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत होने और बिना सूचना दिए महिला का गर्भाशय निकालने का आरोप लगाया है। उन्होंने उच्चाधिकारियों से इसकी शिकायत की। सीएमओ ने जांच कराकर कार्रवाई की बात कही है।

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कोन थाना क्षेत्र निवासी रितेश कुमार की पत्नी सविता देवी (26) गर्भवती थी। उच्चाधिकारियों से की गई शिकायत में उन्होंने बताया कि गर्भावस्था के दौरान प्रति माह पत्नी रुटीन चेकअप राॅबर्ट्सगंज के निजी अस्पताल की चिकित्सक से करा रही थी। अंतिम बार 21 दिसंबर 2024 को दिखाया तो डाॅक्टर ने पत्नी की जांच कराकर सभी रिपोर्ट सही बताते हुए घर भेज दिया।
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इसके दो दिन बाद ही पेट में दर्द शुरू हो गया। आनन-फानन में पत्नी को अस्पताल लाया गया। जहां डाॅक्टर ने प्री-मेच्योर बच्चा होने की बात बताते हुए तत्काल भर्ती करवा लिया और एक कागज पर दस्तखत भी करवाया। डाॅक्टर ने गंभीर स्थिति बताते हुए तत्काल चार यूनिट ब्लड की व्यवस्था करने को कहा। 

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मचा हंगामा
अस्पताल कर्मियों ने लापरवाहीपूर्वक प्रसव कराने का प्रयास किया। जब सफलता नहीं मिली तो ऑपरेशन कर शिशु को बाहर निकाला। अस्पताल नर्स ने प्री-मेच्योर बच्चे को मृत पैदा होना बताया।

दूसरे अस्पताल में डाॅक्टर ने जांच कर बताया कि प्री मेच्योर डिलेवरी के समय ऑपरेशन के दौरान गर्भाशय भी निकाल दिया गया है। वाराणसी के निजी अस्पताल में अभी भी महिला का इलाज जारी है। रितेश के मुताबिक अभी तक लगभग आठ लाख खर्च हो चुके हैं। अगर समय रहते वाराणसी नहीं जाते तो उस अस्पताल में पत्नी की मौत हो सकती थी।

बोले अधिकारी
मामले का संज्ञान लेते हुए टीम गठित कर जांच कराई जाएगी। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके मुताबिक आगे की कार्रवाई होगी। - डॉ. अश्वनी कुमार, सीएमओ।

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