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सोनभद्रः जिला पंचायत की बैठक में हंगामा, 39 करोड़ का बजट पास, पूर्व एमएलसी की उपस्थिति रही चर्चा में

Sun, 26 Sep 2021 05:33 PM IST
उत्पल कांत अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र
अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र Published by: उत्पल कांत Updated Sun, 26 Sep 2021 05:33 PM IST
सार

जिला पंचायत की बैठक में शोर-शराबे के बीच वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए 39 करोड़ से विभिन्न कार्य कराने का प्रस्ताव पारित हुआ। बैठक के दौरान मिर्जापुर-सोनभद्र स्थानीय निकाय निर्वाचन क्षेत्र से एमएलसी रहे श्याम नारायण सिंह उर्फ विनीत सिंह की मौजूदगी चर्चा में रही।

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Uproar in jila panchayat meeting in sonebhadra  budget of 39 crores approved presence of former MLC in discussion
जिला पंचायत की बैठक में हंगामा - फोटो : सोशल मीडिया।

विस्तार

सोनभद्र जिला पंचायत बोर्ड की शनिवार को हुई बैठक हंगामेदार रही। सदस्यों ने बिना प्राक्कलन तैयार कराए निर्माण कार्यों के लिए धनराशि स्वीकृत कराने पर आपत्ति जताई। निर्माण कार्य समिति व नियोजन समिति की बैठकों को अवैधानिक बताया। जिला निधि की कार्ययोजना प्रस्तुत करने की मांग की। शोर-शराबे के बीच वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए 39 करोड़ से विभिन्न कार्य कराने का प्रस्ताव पारित हुआ।
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इस धनराशि से होने वाले कार्यों के लिए शीघ्र ही सदस्यों के प्रस्ताव पर आगणन बनाने के लिए कहा गया। इधर, जिला पंचायत की बैठक के दौरान मिर्जापुर-सोनभद्र स्थानीय निकाय निर्वाचन क्षेत्र से एमएलसी रहे श्याम नारायण सिंह उर्फ विनीत सिंह की मौजूदगी चर्चा में रही। वह पूरे दिन जिला पंचायत परिसर में भी डटे रहे।
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 चुप्पी साधे रहे ज्यादातर सदस्य
पिछली बैठक में कुछ सदस्यों ने प्रस्तावों को अस्वीकारते हुए हंगामा किया था। 18 सितंबर की बैठक भी बिना किसी चर्चा के खत्म हो गई थी। लिहाजा इस बार की बैठक को अहम माना जा रहा था। पूर्व एमएलसी की उपस्थिति का असर रहा कि ज्यादातर सदस्य बैठक के दौरान चुप्पी साधे रहे।
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अधिकारियों की अनुपस्थिति के कारण 14 और 18 सितंबर की दो बैठकें स्थगित होने के बाद से ही सदस्यों में असंतोष था। लिहाजा हंगामे के आसार को देखते हुए सुबह से ही परिसर में पर्याप्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया था। एक खेमे की ओर से किसी भी प्रतिनिधि के बैठक में हिस्सा न लेने देने की चेतावनी के चलते दरवाजे बंद रखे गए। छह अगस्त को हुई बैठक की पुष्टि के बाद कार्यवाई आगे बढ़ते ही सदस्य हंगामा मचाने लगे।

पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अनिल यादव ने बिना प्राक्कलन तैयार कराए निर्माण कार्यों के लिए बजट स्वीकृत कराने पर आपत्ति जताई। उनका कहना था कि जब तक प्राक्कलन नहीं तैयार होता, यह कैसे स्पष्ट होगा कि किस कार्य पर कितनी राशि खर्च होगी। किस सड़क पर काम कराया जाना है, किस सदस्य का कौन सा प्रस्ताव स्वीकृत किया जा रहा है, इसकी पूरी जानकारी पटल पर रखी जाए।

सपा से समर्थित अन्य सदस्यों ने भी इस पर सहमति जताई। हालांकि सत्ताधारी दल के सदस्यों की संख्या अधिक होने से आपत्ति को दरकिनार कर दिया गया। निर्माण व नियोजन समिति की पिछले दिनों हुई बैठक को भी अवैधानिक बताया गया। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, सफाई सहित अन्य मुद्दों पर भी संबंधित अफसरों से जवाब मांगा गया। सीडीओ डॉ. अमित पाल शर्मा ने सभी समस्याओं का शीघ्र समाधान का भरोसा दिलाया।

पांच हजार रुपये तक आकस्मिक व्यय को मंजूरी दी गई। बैठक की अध्यक्षता जिला पंचायत अध्यक्ष राधिका पटेल ने की। अपर मुख्य अधिकारी प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि बैठक में चालू वित्तीय वर्ष के लिए तकरीबन 39 करोड़ की कार्ययोजना मंजूर हुई है। कुछ सदस्यों ने इस पर आपत्ति जताई, मगर बहुमत के सदस्यों की सहमति से इसे पारित कर लिया गया। अब जल्द ही निर्माण कार्यों के लिए विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर कार्य आरंभ कराया जाएगा। 

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