UP Exit Poll 2022: एग्जिट पोल पर विपक्षी दलों ने निकाली भड़ास- कहा यूपी में धराशाई होगी भाजपा
उत्तर प्रदेश में सात चरणों का मतदान खत्म होने के बाद अब सबकी निगाहें 10 मार्च पर हैं। इसी दिन यूपी चुनाव के नतीजे आएंगे। सोमवार शाम आए एग्जिट पोल के नतीजे को विपक्षी दलों के नेताओं ने खारिज कर दिया है।
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यूपी विधानसभा चुनाव के सातवें चरण के मतदान के बाद एग्जिट पोल के नतीजे भी सामने आ गए हैं। ज्यादातर एग्जिट पोल में भाजपा की एकतरफा बढ़त बताई जा रही है। वहीं समाजवादी पार्टी दूसरे पायदान पर है, जबकि बसपा और कांग्रेस को पिछला प्रदर्शन दोहराने में भी विफल बताया जा रहा है।
एग्जिट पोल के इन नतीजों पर भाजपाई जहां अपनी जीत तय मानकर जश्न की तैयारी में जुटे हुए हैं तो वहीं विपक्ष इसे जनता को गुमराह करने का माध्यम बता रहा है। सपा, बसपा, कांग्रेस सभी ने एग्जिट पोल को कोरी कल्पना करार दिया। उनका दावा है कि 10 मार्च को मतगणना के बाद सारे एग्जिट पोल धराशाई हो जाएंगे। भाजपा को यूपी की सत्ता इस बार नहीं मिलेगी।
सपा जिलाध्यक्ष विजय यादव ने कहा कि एग्जिट पोल सिर्फ जनता को गुमराह करने वाला है। हकीकत जनता जान रही है। सोनभद्र की चारों सीटों के साथ सपा तीन सौ प्लस का आंकड़ा पार करने जा रही है। बंगाल की तरह ही यूपी में एग्जिट पोल विफल होगा। मतगणना के बाद दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। सूबे में सपा की सरकार तय है।
' सिर्फ कुछ लोगों की राय को जनमत नहीं माना जा सकता'
जिलाध्यक्ष बसपा कमलेश गोंड ने कहा कि टीवी ने तो भाजपा को पहले ही बढ़त दिला दी थी। अब फिर से वही बात दोहरा रहे हैं, लेकिन सच्चाई इससे अलग है। वोट देने वाली जनता इस बार योगी सरकार के खिलाफ थी। जनता के बीच जनसंपर्क के दौरान हम लोगों ने खुद महसूस किया है। 10 मार्च को एग्जिट पोल फेल हो जाएगा।
जिलाध्यक्ष कांग्रेस हाजी फरीद अहमद ने कहा एग्जिट पोल चंद लोगों की राय पर आधारित है। सिर्फ कुछ लोगों की राय को जनमत नहीं माना जा सकता। इस बार नतीजे चौंकाने वाले आएंगे। यूपी की सत्ता से भाजपा की विदाई जनता ने पक्की कर दी है। अब 10 मार्च को इसकी औपचारिक घोषणा का इंतजार है।
भाजपा की चौतरफा बढ़त देख विपक्ष हताश
जिलाध्यक्ष भाजपा अजीत चौबे ने कहा कि भाजपा की चौतरफा बढ़त देख विपक्ष हताश हो चुका है। खिसियानी बिल्ली की तरह वह कभी ईवीएम हैक करने का आरोप लगाता है तो कभी जनता की राय को गलत बताता है। उनकी सारी गलतफहमी मतगणना के बाद दूर हो जाएगी। इस बार का जनादेश 2017 से भी बड़ा होगा।