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उभ्भा कांड: क्रास केस में पुन: विवेचना करने का आदेश
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सोनभद्र। घोरावल तहसील क्षेत्र के उभ्भा में 17 जुलाई 2019 को हुए खुनी संघर्ष के मामले में प्रधान यज्ञदत्त की पत्नी देवकली की ओर से दाखिल कराए गए वाद पर क्रास केस का आदेश हुआ था। उसी आदेश के आधार पर आदिवासी पक्ष के 90 लोगों पर मुकदमा दर्ज हुआ था। बाद में पुलिस ने मामले की विवेचना करते हुए क्रास केस न मानकर अंतिम रिपोर्ट न्यायालय में पेश कर दिया था। इस मामले में शुक्रवार को न्यायालय सिविल जज जूनियर डिवीजन ने पुन: विवेचना करने का आदेश दिया है। इस आदेश के बाद एक बार फिर से उभ्भा का प्रकरण चर्चा में आ गया है।
तत्कालीन प्रधान यज्ञदत्त पक्ष के अधिवक्ता एसएन दीक्षित ने बताया कि घटना के बाद प्रधान पक्ष की ओर से देवकली ने क्रास केस के लिए आवेदन किया था। उसमें न्यायालय से आदेश हुआ तो 90 लोगों पर मुकदमा भी दर्ज हुआ। जब पुलिस इसकी विवेचना करने लगी तो राजनीतिक दबाव में आकर विवेचना कर दी। साथ ही इस मामले में विवेचक ने क्रास केस न मानकर प्रधान पक्ष के खिलाफ अंतिम रिपोर्ट लगा दिया। बताया कि इस मामले में देवकली के प्रोटेस्ट प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने क्रास केस के मामले में पुन: विवेचना करने का आदेश दिया है। यह आदेश घोरावल पुलिस को दिया गया है।
11 लोगों की हुई थी मौत, कई हुए थे घायल
जुलाई 2019 में उभ्भा कांड को लेकर सोनभद्र देश-दुनिया में भी चर्चा का विषय बन गया था। उस समय भूमि के विवाद में दो पक्षों में मारपीट हुई थी। इस दौरान कुल 11 लोगों की मौत हुई थी और कई लोग घायल हो गए थे। इस मामले को मुख्यमंत्री ने गंभीरता से लिया और त्वरित जांच कराकर कार्रवाई भी किए। बाद में तत्कालीन जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को भी हटा दिया गया। पुलिस व प्रशासन के कई अधिकारी निलंबित भी किए गए थे।
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तत्कालीन प्रधान यज्ञदत्त पक्ष के अधिवक्ता एसएन दीक्षित ने बताया कि घटना के बाद प्रधान पक्ष की ओर से देवकली ने क्रास केस के लिए आवेदन किया था। उसमें न्यायालय से आदेश हुआ तो 90 लोगों पर मुकदमा भी दर्ज हुआ। जब पुलिस इसकी विवेचना करने लगी तो राजनीतिक दबाव में आकर विवेचना कर दी। साथ ही इस मामले में विवेचक ने क्रास केस न मानकर प्रधान पक्ष के खिलाफ अंतिम रिपोर्ट लगा दिया। बताया कि इस मामले में देवकली के प्रोटेस्ट प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने क्रास केस के मामले में पुन: विवेचना करने का आदेश दिया है। यह आदेश घोरावल पुलिस को दिया गया है।
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11 लोगों की हुई थी मौत, कई हुए थे घायल
जुलाई 2019 में उभ्भा कांड को लेकर सोनभद्र देश-दुनिया में भी चर्चा का विषय बन गया था। उस समय भूमि के विवाद में दो पक्षों में मारपीट हुई थी। इस दौरान कुल 11 लोगों की मौत हुई थी और कई लोग घायल हो गए थे। इस मामले को मुख्यमंत्री ने गंभीरता से लिया और त्वरित जांच कराकर कार्रवाई भी किए। बाद में तत्कालीन जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को भी हटा दिया गया। पुलिस व प्रशासन के कई अधिकारी निलंबित भी किए गए थे।
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