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Sonebhadra News: 15 दिनों से आयुष अस्पताल में इलाज बाधित
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सोनभद्र। लोढ़ी स्थित 50 बेड के आयुष अस्पताल में पिछले 15 दिनों से उपचार बाधित है। पर्याप्त बिजली आपूर्ति न होने से अस्पताल की मशीनें नहीं चल पा रही हैं। न फिजियोथेरेपी हो पा रही है और न ही पंचकर्म और पैथॉलाजी में जांच हो पा रही है। अस्पताल प्रबंधन की दलील है कि कई बार निगम को आपूर्ति में सुधार के लिए पत्र भेजा गया, मगर समस्या जस की तस है।
प्राचीन आयुर्वेद, यूनानी, होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति से मरीजों को उपचार सुविधा मुहैया कराने के लिए लोढ़ी में 50 बेड के एकीकृत आयुष अस्पताल का निर्माण किया गया है। यहां एक ही छत के नीचे कई पद्धतियों से मरीजों का उपचार किया जाता है। हर रोज मरीजों की संख्या बढ़ रही है। कमर दर्द, सर्वाइकल, गर्दन दर्द, हड्डी व जोड़ों में दर्द के अलावा अन्य बीमारियों से मरीज दूरदराज से यहां दवा-उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। पिछले 15 दिनों से उन्हें अस्पताल से मायूस लौटना पड़ रहा है। डॉक्टर-कर्मचारियों के मौजूद रहने के बाद भी उपचार नहीं हो पा रहा है। इसके पीछे बिजली आपूर्ति को कारण बताया जा रहा है। दिन में अस्पताल को महज एक से दो घंटे ही बिजली मिल पा रही है, वह भी कई चरणों में। लो वोल्टेज की समस्या अलग है। इसके चलते फिजियोथेरेपी, पंचकर्म, पैथॉलाजी, यूनानी चिकित्सा से संबंधित मशीनें काम नहीं कर रही हैं। बृहस्पतिवार को भी अस्पताल में दोपहर दो बजे तक आपूर्ति ध्वस्त थी। डॉक्टर और मरीज बिजली आने का इंतजार करते रहे। कुछ ऐसी ही स्थिति बुधवार और मंगलवार को भी थी। अस्पताल से राेजाना 30-40 मरीज बिना उपचार के लौट रहे हैं।
पिछले दो सप्ताह से बिजली व्यवस्था बाधित है। पर्याप्त बिजली न मिलने से मशीनें नहीं चल पा रही हैं। इसके लिए बिजली निगम के एक्सईएन को लिखित व मौखिक रूप से अवगत कराया जा चुका है। लेकिन समस्या हल नहीं हुई है। इस बारे में अब उच्चाधिकारियों को भी अवगत करा दिया गया है। -डॉ. राजेश सिंह चंदेल, चिकित्सा अधीक्षक, एकीकृत आयुष अस्पताल लोढ़ी।
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अस्पताल की ओर से कोई पत्र या मौखिक सूचना मुझे प्राप्त नहीं हुई है। वैसे यह मामला अब संज्ञान में आया है। इसके लिए एसडीओ को मौके पर जाकर समाधान के लिए निर्देशित किया गया है। -एके सिंह, एक्सईएन, बिजली निगम रॉबर्ट्सगंज डिविजन।
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प्राचीन आयुर्वेद, यूनानी, होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति से मरीजों को उपचार सुविधा मुहैया कराने के लिए लोढ़ी में 50 बेड के एकीकृत आयुष अस्पताल का निर्माण किया गया है। यहां एक ही छत के नीचे कई पद्धतियों से मरीजों का उपचार किया जाता है। हर रोज मरीजों की संख्या बढ़ रही है। कमर दर्द, सर्वाइकल, गर्दन दर्द, हड्डी व जोड़ों में दर्द के अलावा अन्य बीमारियों से मरीज दूरदराज से यहां दवा-उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। पिछले 15 दिनों से उन्हें अस्पताल से मायूस लौटना पड़ रहा है। डॉक्टर-कर्मचारियों के मौजूद रहने के बाद भी उपचार नहीं हो पा रहा है। इसके पीछे बिजली आपूर्ति को कारण बताया जा रहा है। दिन में अस्पताल को महज एक से दो घंटे ही बिजली मिल पा रही है, वह भी कई चरणों में। लो वोल्टेज की समस्या अलग है। इसके चलते फिजियोथेरेपी, पंचकर्म, पैथॉलाजी, यूनानी चिकित्सा से संबंधित मशीनें काम नहीं कर रही हैं। बृहस्पतिवार को भी अस्पताल में दोपहर दो बजे तक आपूर्ति ध्वस्त थी। डॉक्टर और मरीज बिजली आने का इंतजार करते रहे। कुछ ऐसी ही स्थिति बुधवार और मंगलवार को भी थी। अस्पताल से राेजाना 30-40 मरीज बिना उपचार के लौट रहे हैं।
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पिछले दो सप्ताह से बिजली व्यवस्था बाधित है। पर्याप्त बिजली न मिलने से मशीनें नहीं चल पा रही हैं। इसके लिए बिजली निगम के एक्सईएन को लिखित व मौखिक रूप से अवगत कराया जा चुका है। लेकिन समस्या हल नहीं हुई है। इस बारे में अब उच्चाधिकारियों को भी अवगत करा दिया गया है। -डॉ. राजेश सिंह चंदेल, चिकित्सा अधीक्षक, एकीकृत आयुष अस्पताल लोढ़ी।
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अस्पताल की ओर से कोई पत्र या मौखिक सूचना मुझे प्राप्त नहीं हुई है। वैसे यह मामला अब संज्ञान में आया है। इसके लिए एसडीओ को मौके पर जाकर समाधान के लिए निर्देशित किया गया है। -एके सिंह, एक्सईएन, बिजली निगम रॉबर्ट्सगंज डिविजन।